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Rishikesh Bowstring Bridge : ऋषिकेश और मुनिकीरेती के बीच गंगा किनारे आने-जाने वालों के लिए राहत की खबर है. चंद्रभागा नदी के कारण अलग पड़े टिहरी और देहरादून जिले के आस्था पथ अब सीधे जुड़ने जा रहे हैं. करीब 32 करोड़ रुपये की लागत से 150 मीटर लंबा बो-स्ट्रिंग पुल बनाया जाएगा.
32 करोड़ से बनेगा बो-स्ट्रिंग पुल.
ऋषिकेश : चंद्रभागा नदी के कारण अलग पड़े ऋषिकेश और मुनिकीरेती के आस्था पथों के बीच अब सीधा पैदल संपर्क बनने जा रहा है. करीब चार साल पहले हुई घोषणा के बाद आखिरकार पुल निर्माण के लिए 32 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति मिल गई है. करीब 150 मीटर लंबे बो-स्ट्रिंग पुल का निर्माण एक महीने के भीतर शुरू होने की तैयारी है. इससे स्थानीय लोगों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को लंबी दूरी तय करने से राहत मिलेगी.
150 मीटर लंबा होगा पुल
चंद्रभागा नदी पर बनने वाले इस पुल में 75-75 मीटर के दो स्पैन होंगे. उत्तराखंड इंफ्रास्ट्रक्चर एंड इन्वेस्टमेंट डेवलपमेंट बोर्ड (यूआईआईडीबी) ने उत्तराखंड प्रोजेक्ट डेवलपमेंट एंड कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीडीसीसीएल) को निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी है. कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर संजीव कुमार के मुताबिक, पुल निर्माण के लिए वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है और एक महीने के भीतर काम शुरू करने की तैयारी है.
दोनों आस्था पथों के बीच बनेगा सीधा रास्ता
चंद्रभागा नदी त्रिवेणी घाट और मुनिकीरेती के पूर्णानंद आस्था पथ के बीच बहती है. नदी के कारण देहरादून और टिहरी जिले की सीमा पर गंगा किनारे बने दोनों आस्था पथ एक-दूसरे से कटे हुए हैं. पुल बनने के बाद दोनों पथों के बीच सीधा पैदल संपर्क स्थापित हो सकेगा. इससे गंगा किनारे घूमने आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को फायदा होगा. स्थानीय लोगों को भी एक तरफ से दूसरी तरफ जाने के लिए लंबा रास्ता नहीं तय करना पड़ेगा.
लंबे इंतजार के बाद मिली मंजूरी
दोनों आस्था पथों को जोड़ने के लिए स्थानीय लोग लंबे समय से पुल की मांग कर रहे थे. सिंचाई विभाग की ओर से कई बार डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी गई, लेकिन परियोजना आगे नहीं बढ़ पाई. वर्ष 2022 में श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के पं. ललित मोहन शर्मा परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान तत्कालीन शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को दिए गए मांगपत्र में पुल निर्माण की मांग रखी थी. इसके बाद मुख्यमंत्री ने दोनों आस्था पथों को जोड़ने के लिए पुल बनाने की घोषणा की थी. अब वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद परियोजना आगे बढ़ने की उम्मीद जगी है. ऋषिकेश नगर निगम के मेयर शंभू पासवान ने भी पुल निर्माण को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताया.