पंचायत चुनाव: दोनों पैरों में रॉड, फिर भी 950 KM का सफर, बड़ौदा से झुंझुनूं वोट डालने एंबुलेंस से पहुंचीं 64 साल की महिला


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Jhunjhunu Panchayat Elections 2026: राजस्थान के झुंझुनूं जिले की बदनगढ़ ग्राम पंचायत में पंचायत चुनाव के दौरान मतदान के प्रति गजब का जुनून देखने को मिला. यहां 64 वर्षीय सावित्री देवी ने वोट डालने के लिए करीब 950 किलोमीटर का सफर तय किया. दोनों पैरों में रॉड लगी होने के कारण उनके लिए सामान्य तरीके से यात्रा करना मुश्किल था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. सावित्री देवी एंबुलेंस से गुजरात के बड़ौदा से अपने पैतृक गांव बदनगढ़ पहुंचीं और मतदान किया. वह अपने बेटे विनोद शर्मा और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ गांव आई थीं. उनकी इस पहल ने मतदान के महत्व को एक बार फिर सामने रखा. वहीं, बदनगढ़ में सरपंच पद की सभी छह महिला प्रत्याशियों की एक साथ तस्वीर भी चर्चा का विषय बनी. ग्राम पंचायत में शाम 6 बजे तक करीब 75 प्रतिशत मतदान हुआ.

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दोनों पैरों में रॉड के बावजूद नहीं टूटा हौसला, 950 KM दूर से आईं वोट देनेZoom

64 वर्षीय सावित्री देवी ने वोट डालने के लिए करीब 950 किलोमीटर का सफर तय किया

झुंझुनूं. लोकतंत्र के प्रति जिम्मेदारी निभाने का जज्बा हो तो मुश्किल से मुश्किल हालात भी रास्ता नहीं रोक सकते. झुंझुनूं जिले की ग्राम पंचायत बदनगढ़ में पंचायत चुनाव के दौरान ऐसी ही प्रेरणादायक तस्वीर देखने को मिली. यहां 64 वर्षीय सावित्री देवी ने मतदान करने के लिए करीब 950 किलोमीटर का सफर तय किया. खास बात यह रही कि दोनों पैरों में रॉड लगी होने के कारण उनके लिए सामान्य तरीके से यात्रा करना संभव नहीं था. इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और एंबुलेंस के जरिए गुजरात के बड़ौदा से अपने पैतृक गांव बदनगढ़ पहुंचकर वोट डाला. मतदान के प्रति उनका यह जुनून गांव में चर्चा का विषय बन गया.

स्व. भागीरथमल शर्मा की पत्नी सावित्री देवी मूल रूप से बदनगढ़ की रहने वाली हैं. फिलहाल उनका परिवार बड़ौदा में व्यवसाय करता है और वह अपने बेटे विनोद शर्मा के साथ वहीं रहती हैं. पंचायत चुनाव में मतदान की तारीख नजदीक आई तो उन्होंने अपने गांव जाकर वोट डालने का फैसला किया. दोनों पैरों में रॉड लगी होने के कारण लंबी दूरी का सफर उनके लिए आसान नहीं था. परिवार ने भी उनकी परेशानी को देखते हुए एंबुलेंस से यात्रा कराने का इंतजाम किया.

मतदान के लिए बड़ौदा से बदनगढ़ पहुंचीं सावित्री देवी

सावित्री देवी अपने बेटे एवं समाजसेवी विनोद शर्मा, पुत्रवधू राधा शर्मा और अनिता शर्मा तथा पौत्र सचिन शर्मा, शिवानी और हर्ष के साथ बड़ौदा से बदनगढ़ पहुंचीं. करीब 950 किलोमीटर की यात्रा पूरी करने के बाद उन्होंने मतदान केंद्र पर पहुंचकर अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. उनकी इस कोशिश ने यह संदेश दिया कि मतदान केवल अधिकार नहीं, बल्कि लोकतंत्र के प्रति नागरिक की जिम्मेदारी भी है. बदनगढ़ ग्राम पंचायत में चुनाव के दौरान एक और खास तस्वीर सामने आई. यहां सरपंच पद की सीट सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित है. चुनाव मैदान में उतरीं सभी छह महिला प्रत्याशी एक साथ नजर आई.

साथ नजर आई छह महिला प्रत्याशी

आमतौर पर चुनावी मुकाबले में प्रत्याशियों के बीच प्रतिस्पर्धा देखने को मिलती है, लेकिन चुनाव मैदान में उतरीं सभी छह महिला प्रत्याशी एक साथ नजर आई. इन महिला उम्मीदवारों की एक साथ मौजूदगी ने आपसी सम्मान और लोकतांत्रिक भावना का संदेश दिया. इस चुनाव में सावित्री देवी का जज्बा सबसे खास चर्चा का विषय रहा. एक ओर उन्होंने शारीरिक परेशानी और लंबी दूरी की चुनौती के बावजूद मतदान किया, तो दूसरी ओर छह महिला प्रत्याशियों की एक साथ तस्वीर ने चुनावी माहौल को खास बना दिया. सावित्री देवी की यह पहल उन लोगों के लिए भी प्रेरणा है, जो छोटी-मोटी परेशानियों के चलते मतदान केंद्र तक जाने से बचते हैं.



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