किसान भाई ध्यान दें! धान बेचने की तारीख आ गई, इन 13 जिलों में कल से शुरू होगी खरीद

किसान भाई ध्यान दें! धान बेचने की तारीख आ गई, इन 13 जिलों में कल से शुरू होगी खरीद


लखनऊ: धान की फसल तैयार होने के बाद अब किसानों को अपनी उपज बेचने का इंतजार है. ऐसे किसानों के लिए राहत की खबर है. उत्तर प्रदेश के पूर्वी और मध्य हिस्से के 13 जिलों में 1 नवंबर से धान की सरकारी खरीद शुरू होने जा रही है. किसान अब सरकारी क्रय केंद्रों पर अपनी उपज बेच सकेंगे. इस बार सरकार ने धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) भी बढ़ाया है. खास बात यह है कि धान बेचने के बाद किसानों को भुगतान के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा. सरकार ने 48 घंटे के भीतर सीधे बैंक खाते में पैसा भेजने के निर्देश दिए हैं.

धान का कितना मिलेगा भाव? सरकार ने बढ़ाया MSP
इस बार किसानों को धान की बिक्री पर पहले से ज्यादा समर्थन मूल्य मिलेगा. सरकार ने धान की दो श्रेणियों के लिए अलग-अलग एमएसपी तय किया है.

धान कॉमन: 2441 रुपये प्रति क्विंटल
धान ग्रेड-A: 2461 रुपये प्रति क्विंटल

इसके अलावा किसानों को धान की उतराई, छनाई और सफाई के लिए अलग से 20 रुपये प्रति क्विंटल दिए जाएंगे. यानी किसानों को अपनी उपज क्रय केंद्र तक पहुंचाने और बेचने के दौरान होने वाले कुछ खर्चों में भी राहत मिलेगी.

इन 13 जिलों में 1 नवंबर से खरीद

प्रदेश के पूर्वी और मध्य यूपी के जिलों में पहली नवंबर से धान की सरकारी खरीद शुरू होगी. यह प्रक्रिया 28 फरवरी 2027 तक चलेगी. इसमें लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी समेत कई जिले शामिल हैं.

खरीद इन क्षेत्रों में शुरू होगी

  • चित्रकूट
  • कानपुर
  • अयोध्या
  • गोरखपुर
  • देवीपाटन
  • बस्ती
  • आजमगढ़
  • वाराणसी
  • मिर्जापुर
  • प्रयागराज
  • लखनऊ
  • रायबरेली
  • उन्नाव

65 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य

इस बार सरकार ने प्रदेश में 65 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा है. इसके लिए आठ क्रय एजेंसियों के माध्यम से 4500 केंद्र बनाए जाएंगे. खाद्य एवं रसद विभाग के मुताबिक, शुक्रवार तक प्रदेश में 4195 क्रय केंद्र खुल चुके थे. पिछले खरीद सीजन में यूपी ने देश में सबसे ज्यादा 62 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा था. इस बार सरकार ने खरीद का लक्ष्य बढ़ाकर 65 लाख मीट्रिक टन कर दिया है.

c

धान बेचने के 48 घंटे में खाते में आएंगे पैसे

किसानों को अपनी फसल बेचने के बाद भुगतान के लिए चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 48 घंटे के भीतर डीबीटी के जरिए भुगतान करने के निर्देश दिए हैं. यानी धान की खरीद के बाद पैसा सीधे किसान के बैंक खाते में भेजा जाएगा. इसके साथ ही बिचौलियों की भूमिका खत्म करने के लिए खरीद की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की गई है. सीएम ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि क्रय केंद्रों पर आने वाले किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए.

छाया और पानी की व्यवस्था

धान बेचने के लिए क्रय केंद्र पहुंचने वाले किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ सकता है. ऐसे में सरकार ने केंद्रों पर छाया, पीने के पानी और बैठने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं. मौसम को देखते हुए इन इंतजामों को समय से पूरा करने को कहा गया है. सरकारी क्रय केंद्र पर धान बेचने के लिए किसानों को पंजीकरण कराना जरूरी है. खाद्य आयुक्त के मुताबिक, अब तक 38 हजार से अधिक किसान खरीद के लिए पंजीकरण करा चुके हैं. अगर आपने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है या पुराने पंजीकरण का नवीनीकरण बाकी है तो इन माध्यमों से प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं-

वेबसाइट: fcs.up.gov.in

UP KISAN MITRA के माध्यम से भी पंजीकरण और नवीनीकरण कराया जा सकता है. अगर क्रय केंद्र पर धान बेचने या भुगतान से जुड़ी कोई परेशानी आती है तो किसान टोल फ्री नंबर 18001800150 पर शिकायत कर सकते हैं. अधिकारियों को शिकायतों का जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं. ऐसे में जिन किसानों की धान की फसल तैयार है, वे समय रहते अपना पंजीकरण पूरा करा लें और सरकारी खरीद शुरू होने से पहले जरूरी दस्तावेज तैयार रखें.



Source link