12KM केवल 10 मिनट में, ट्रैफिक में नहीं होगी मरीजों की मौत, नोएडा में एम्बुलेंस के लिए ग्रीन कॉरिडोर

12KM केवल 10 मिनट में, ट्रैफिक में नहीं होगी मरीजों की मौत, नोएडा में एम्बुलेंस के लिए ग्रीन कॉरिडोर


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Noida Police Ambulance Green Corridor: नोएडा में ट्रैफिक जाम की समस्या के बीच गंभीर मरीजों की जान बचाने के लिए पुलिस का नया पहल सामने आया है. अक्सर देखा जाता है कि सड़क पर भारी ट्रैफिक जाम या पीक आवर्स के दौरान एम्बुलेंस फंस जाती हैं, जिससे मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता, अब ऐसा नहीं होगा. इस समस्या से निजात दिलाने के लिए नोएडा पुलिस ने ‘ऑपरेशन फास्ट’ (Operation FAST) का आगाज किया है, जिसके तहत अब एम्बुलेंस को ट्रैफिक से सुरक्षित और तेजी से बाहर निकालने के लिए ग्रीन कॉरिडोर जैसी व्यवस्था बनाई जाएगी.

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नोएडा में अब जाम में नहीं फंसेंगी एम्बुलेंस.

Noida Ambulance News: नोएडा और ग्रेटर नोएडा में गंभीर मरीजों और सड़क हादसों में घायलों की जान बचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर की पहल की जा रही है. ये पहल गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देश पर शुरू की जा रही है. ट्रैफिक जाम के कारण एम्बुलेंस के फंसने और इलाज में होने वाली देरी को रोकने के लिए ऑपरेशन फास्ट चलाया जाएगा. चिल्ला बॉर्डर से मैक्स और फोर्टिस हॉस्पिटल तक किए गए ट्रायल रन में शानदार सफलता मिली है.

पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशों के बाद जनपद में 24×7 एम्बुलेंस ट्रैफिक सुविधा सेल बनाया गया है. एम्बुलेंस ड्राइवरों को तुरंत ट्रैफिक सहायता और मार्गदर्शन देने के लिए एक विशेष हेल्पलाइन नंबर 9218891716 जारी किया गया है. इस व्यवस्था के तहत, एम्बुलेंस के रास्ते में पड़ने वाले सभी प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी मुस्तैद रहकर यातायात का संचालन करेंगे और तुरंत क्लीयरेंस देंगे ताकि वाहन बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ सके.

12 किलोमीटर मात्र 10 मिनट में
इस योजना को पूरी तरह धरातल पर उतारने से पहले पुलिस प्रशासन द्वारा इसका सफल ट्रायल रन भी किया गया. चिल्ला बॉर्डर से लेकर मैक्स और फोर्टिस हॉस्पिटल तक करीब 12 किलोमीटर के लंबे रास्ते पर ग्रीन कॉरिडोर बनाकर ट्रायल किया गया, जिसे एम्बुलेंस ने मात्र 10 मिनट के भीतर पूरा कर लिया. इस शानदार सफलता के बाद अब इस व्यवस्था को पूरे गौतमबुद्धनगर जिले में सख्ती और प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है, जिसमें सरकारी 108 एम्बुलेंस के साथ-साथ निजी अस्पतालों की एम्बुलेंस सेवाएं भी शामिल हैं. पुलिस की इस संवेदनशील और अनूठी पहल से सड़क दुर्घटनाओं में घायलों और गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाकर अनमोल जिंदगियां बचाने में बहुत बड़ी मदद मिलेगी.

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में एम्बुलेंस के लिए कौन सी नई पहल शुरू की गई है?
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में गंभीर मरीजों और सड़क हादसों में घायलों की जान बचाने के लिए ‘ऑपरेशन फास्ट’ के तहत ग्रीन कॉरिडोर की पहल शुरू की गई है, जिसके अंतर्गत एम्बुलेंस को ट्रैफिक जाम से मुक्त कर सुरक्षित और तेजी से रास्ता उपलब्ध कराया जाता है.

यह पहल किसके निर्देशों के तहत और किस उद्देश्य से शुरू की गई है?
यह पहल गौतमबुद्धनगर की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशों के तहत शुरू की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य ट्रैफिक जाम के कारण एम्बुलेंस के फंसने और इलाज में होने वाली देरी को रोककर अनमोल जिंदगियां बचाना है.

एम्बुलेंस चालकों की सहायता के लिए कौन सा विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है?
एम्बुलेंस ड्राइवरों को तुरंत ट्रैफिक सहायता और मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए 24×7 एम्बुलेंस ट्रैफिक सुविधा सेल के तहत विशेष हेल्पलाइन नंबर 9218891716 जारी किया गया है.

चिल्ला बॉर्डर से मैक्स और फोर्टिस हॉस्पिटल तक किए गए ट्रायल रन का परिणाम क्या रहा?
चिल्ला बॉर्डर से मैक्स और फोर्टिस हॉस्पिटल तक के करीब 12 किलोमीटर के लंबे रास्ते पर ग्रीन कॉरिडोर बनाकर किए गए ट्रायल रन में शानदार सफलता मिली, जिसे एम्बुलेंस ने मात्र 10 मिनट के भीतर पूरा कर लिया.

इस व्यवस्था में किन-किन एम्बुलेंस सेवाओं को शामिल किया गया है?
इस व्यवस्था के दायरे में सरकारी 108 एम्बुलेंस सेवाओं के साथ-साथ निजी अस्पतालों की एम्बुलेंस सेवाओं को भी शामिल किया गया है ताकि सभी को इसका लाभ मिल सके.



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