1 बीघे में गुलाब की खेती से रोज ₹800 कमाई, गोंडा के इसराइल ने अपनाया ये तरीका

1 बीघे में गुलाब की खेती से रोज ₹800 कमाई, गोंडा के इसराइल ने अपनाया ये तरीका


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गेहूं-धान छोड़ गुलाब की खेती से कमाई, 1 बीघे में किसान कमा रहे ₹800 रोज

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खेती में अच्छी कमाई के लिए हमेशा बड़े खेत और ज्यादा निवेश की जरूरत नहीं होती. उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के किसान इसराइल ने एक बीघे जमीन पर देसी गुलाब की खेती को अपनी आमदनी का जरिया बनाया है. वह सालाना 20 से 25 हजार रुपये खर्च करके रोजाना 700 से 800 रुपये तक की कमाई कर रहे हैं. आइए जानते हैं गुलाब की खेती का पूरा गणित.

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आर्थिक तंगी के कारण छूटी पढ़ाई, खेती को बनाया सहारा गोंडा के किसान इसराइल बताते हैं कि परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए. इसके बाद उन्होंने खेती को ही अपनी आजीविका का जरिया बनाया. उनके परिवार में पहले से गुलाब की खेती होती आ रही है. पिता और दादा भी गुलाब उगाते थे.

एक बीघे में कर रहे देसी गुलाब की खेती इसराइल फिलहाल करीब एक बीघे जमीन पर देसी गुलाब की बागवानी कर रहे हैं. वह अपने पिता और दादा की परंपरा को आगे बढ़ाना चाहते हैं. उनके मुताबिक, गुलाब के पौधे लगाने के करीब 3 से 4 महीने बाद फूल देना शुरू कर देते हैं. एक बार पौधे लगाने के बाद करीब 5 से 6 साल तक पैदावार मिलती रहती है.

सर्दियों में गुलाब के फूलों का उत्पादन ज्यादा किसान इसराइल बताते हैं कि सर्दियों के मौसम में गुलाब के फूलों का उत्पादन अधिक होता है. वहीं, दूसरे मौसम में पैदावार कुछ कम हो जाती है. फूलों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सही समय पर उनकी तुड़ाई करना जरूरी है. ज्यादा खिल जाने पर गुलाब की पंखुड़ियां नीचे गिरने लगती हैं और फूल खराब हो सकते हैं.

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सालाना 20-25 हजार रुपये आता है खर्च इसराइल के मुताबिक, करीब एक बीघे में गुलाब की खेती करने पर सालभर में 20 से 25 हजार रुपये तक की लागत आती है. कम जमीन और सीमित लागत में वह इस खेती को अपनी नियमित आमदनी का जरिया बनाए हुए हैं.

रोजाना 700-800 रुपये तक हो रही कमाई किसान गुलाब के फूलों की बिक्री से रोजाना करीब 700 से 800 रुपये तक की आमदनी कर रहे हैं. वह अपनी उपज अयोध्या मंडी, नवाबगंज मंडी और मनकापुर में बेचते हैं. इस तरह एक बीघे की बागवानी से उन्हें नियमित कमाई हो रही है.

पूजा-पाठ से लेकर गुलाब जल और इत्र तक मांग इसराइल देसी वैरायटी के गुलाब की खेती करते हैं. उनके मुताबिक, इन फूलों की मांग पूजा-पाठ, शादी और धार्मिक कार्यक्रमों में रहती है. इसके अलावा गुलाब जल और इत्र बनाने में भी इनका इस्तेमाल किया जाता है. भविष्य में वह गुलाब की खेती का रकबा बढ़ाकर इसे बड़े स्तर पर करना चाहते हैं.



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