दिल्ली में 924 करोड़ से होगी सड़कों की सफाई , 126 एंट्री प्वाइंट्स पर बिना रुके कटेगा एमसीडी टोल


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दिल्ली: 924 करोड़ से साफ होंगी सड़कें, 126 बॉर्डर पर बिना रुके कटेगा टोल टैक्स

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दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति ने प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए 923.57 करोड़ रुपये की सड़क सफाई योजना को मंजूरी दे दी है. इसके तहत 70 आधुनिक मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनें 10 साल तक सड़कों की सफाई करेंगी. वहीं 126 एंट्री प्वाइंट्स पर मल्टी लेन फ्री फ्लो सिस्टम से बिना रुके टोल वसूली होगी. इसके अलावा जन-स्वास्थ्य विभाग में खाली पड़े 1066 पदों को तत्काल भरने के निर्देश दिए गए हैं.

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दिल्ली: 924 करोड़ से साफ होंगी सड़कें, 126 बॉर्डर पर बिना रुके कटेगा टोल टैक्सZoom

सड़कों से हटेगी धूल और बॉर्डर पर खत्म होगा जाम, एमसीडी का 924 करोड़ का बड़ा प्लान. (AI Generated Image)

नई दिल्ली: बढ़ते प्रदूषण पर लगाम लगाने और बुनियादी नागरिक सुविधाओं को पटरी पर लाने के लिए दिल्ली नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है. शुक्रवार को स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई अहम प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई. निगम ने सड़कों की धूल हटाने के लिए करीब 923.57 करोड़ रुपये की लागत से 70 आधुनिक मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें तैनात करने का फैसला किया है. यह परियोजना अगले 10 साल तक लागू रहेगी. इसके साथ ही दिल्ली के 126 बॉर्डर प्रवेश बिंदुओं पर गाड़ियों को बिना रोके टोल टैक्स वसूलने की नई तकनीक लागू की जाएगी. वहीं डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए जन-स्वास्थ्य विभाग में 1066 खाली पदों पर भर्ती शुरू करने के आदेश दिए गए हैं. इस फैसले से राजधानी की सड़कों की सूरत बदलने और ट्रैफिक जाम खत्म होने की उम्मीद है.

सड़कों की सफाई के लिए 70 आधुनिक मशीनों का क्या है 924 करोड़ का प्लान?

सड़कों पर उड़ने वाली धूल दिल्ली में वायु प्रदूषण की सबसे बड़ी वजहों में से एक है. इससे निपटने के लिए एमसीडी ने 70 आधुनिक मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों का मेगा प्रोजेक्ट तैयार किया है.

करीब 923.57 करोड़ रुपये की इस योजना के तहत अगले 10 साल तक सड़कों की सफाई और मशीनों का मेंटेनेंस किया जाएगा. इस प्रोजेक्ट में छोटी क्षमता वाली मशीनें पूरी तरह इलेक्ट्रिक होंगी. वहीं बड़ी क्षमता वाली मशीनों को इलेक्ट्रिक या सीएनजी से चलाने की अनुमति दी गई है.

इस पूरी परियोजना को तीन अलग-अलग हिस्सों में बांटकर कंपनियों को काम सौंपा गया है.

यह मशीनें तय रूटों पर नियमित सफाई करेंगी.

दिल्ली के 126 एंट्री प्वाइंट्स पर बिना रुके कैसे कटेगा कमर्शियल गाड़ियों का टोल?

दिल्ली की सीमाओं पर लगने वाले जाम को खत्म करने के लिए टोल टैक्स और पर्यावरण सेस की वसूली व्यवस्था को पूरी तरह हाईटेक किया जा रहा है.

इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए छह साल का कॉन्ट्रैक्ट दिया जा रहा है. पहले छह महीने में कंपनी को सिस्टम इंस्टॉल और शुरू करना होगा. इसके बाद अगले 54 महीने तक कंपनी ही इसका ऑपरेशन और मेंटेनेंस संभालेगी. टोल वसूली के लिए सालाना 910 करोड़ रुपये की न्यूनतम रिजर्व प्राइस तय की गई है. यह रकम केवल टेंडर की आधार राशि है और इसे निगम की पक्की कमाई नहीं माना जाएगा.

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