प्रियंका चोपड़ा को मिली एक और बड़ी कामयाबी, ऑस्कर की रेस में शामिल हुई शॉर्ट फिल्म ‘वी वर हियर’


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बॉलीवुड और हॉलीवुड में अपनी अदाकारी से ग्लोबल आइकॉन बन चुकीं प्रियंका चोपड़ा ने अपने नाम एक और उपलब्धि कर ली है. बतौर एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर जुड़ी उनकी शॉर्ट फिल्म ‘वी वर हियर’ ऑस्कर पुरस्कारों की रेस शामिल हो गई है. यह फिल्म भारत के एक छोटे शहर की पृष्ठभूमि पर बनी एक अनोखी मॉक्यूमेंट्री है, जो एआई के बढ़ते प्रभाव के खिलाफ तीन बुजुर्गों के अनोखे विरोध को दर्शाती है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार जीत चुकी इस फिल्म की सफलता से पूरी टीम में खुशी का माहौल है.

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प्रियंका चोपड़ा को मिली बड़ी कामयाबी, ऑस्कर की रेस में शामिल हुई 'वी वर हियर'Zoom

प्रणव भसीन ने किया ‘वी वर हियर’ का डायरेक्शन. (फोटो: IMDb)

नई दिल्ली. इंडियन सिनेमा का नाम दुनियाभर में रोशन करने वाली मशहूर एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा के नाम एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है. उनकी शॉर्ट फिल्म ‘वी वर हियर’ ऑस्कर की रेस के लिए आधिकारिक रूप से क्वालिफाई हो गई है. प्रियंका चोपड़ा इस प्रोजेक्ट से बतौर एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर जुड़ी हुई हैं. फिल्म की इस शानदार कामयाबी पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए उन्होंने बताया कि यह शॉर्ट फिल्म एक बेहद प्रासंगिक और गंभीर मुद्दे को अनोखे और प्रभावकारी अंदाज में पेश करती है.

शॉर्ट फिल्म ‘वी वर हियर’ एक मॉक्यूमेंट्री है, जो भारत के एक छोटे शहर में रहने वाले तीन ऐसे बुजुर्गों की कहानी दिखाती है, जो एआई के बढ़ते प्रभाव का विरोध करने के लिए घरेलू उपकरणों का रूप धारण कर लेते हैं. फिल्म को कई बड़े शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल में अवॉर्ड मिल चुके हैं. पाम स्प्रिंग्स इंटरनेशनल शॉर्टफेस्ट में ‘बेस्ट लाइव-एक्शन शॉर्ट फिल्म’ और ‘बेस्ट कॉमेडी शॉर्ट’ का पुरस्कार जीतने के बाद यह फिल्म ऑस्कर की दौड़ में शामिल होने के योग्य हो गई है.

मजेदार अंदाज कहानी कहती है ‘वी वर हियर’

प्रियंका चोपड़ा ने कहा, ‘यह फिल्म एक ऐसे विषय पर मजेदार अंदाज में बात करती है, जो आज के समय में बहुत जरूरी है. मैं इस क्रिएटिव टीम को सपोर्ट करने के लिए एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर के तौर पर तुरंत तैयार हो गई, ताकि उनकी कहानी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे. फिल्म के राइटर-डायरेक्टर प्रणव भसीन ने कहा, ‘वी वर हियर एक छोटे और मजेदार आइडिया के तौर पर शुरू हुई थी. तीन अंकल जो एआई को रोकना चाहते हैं, लेकिन धीरे-धीरे मुझे उनसे, उनकी दोस्ती और उनके जिद्दी हौसले से प्यार हो गया.’

ऑस्कर की रेस में शामिल हुई फिल्म

प्रणव भसीन ने आगे कहा, ‘भारत में हकीकत अक्सर कहानी से भी ज्यादा अजीब होती है और मॉक्यूमेंट्री फॉर्मेट की वजह से मैं फिल्म को असली लोगों और असली जगहों से जोड़े रख पाया, साथ ही यह भी दिखा पाया कि चीजें कितनी बेतुकी हो सकती हैं. अब जब फिल्म ऑस्कर की रेस के लिए क्वालिफाई हो गई है, तो मैं अभी भी इसे समझने की कोशिश कर रहा हूं. मैंने इसे वैसे ही बनाया, जैसे मैं हर चीज बनाता हूं. एक आइडिया, जो मुझे पागलपन भरा लगा, उसका आखिर तक पीछा किया. मुझे कभी यकीन नहीं था कि मेरे दिमाग के बाहर भी किसी और को यह समझ आएगी.’



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