Bihar MLC Election: ‘चक्रव्यूह में अभिमन्यु की तरह अकेला पड़ गया था’, हार के बाद अभिषेक झा का छलका दर्द

Bihar MLC Election: ‘चक्रव्यूह में अभिमन्यु की तरह अकेला पड़ गया था’, हार के बाद अभिषेक झा का छलका दर्द


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तिरहुत स्नातक सीट पर लगातार दूसरी बार हार के बाद जेडीयू प्रवक्ता अभिषेक झा ने अपनी हार पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने दावा किया कि उनके नाम के आगे टिक लगे करीब 4700 वोट रद्द कर दिए गए. अभिषेक झा ने कहा कि वह अपने ही राजनीतिक परिवार में अभिमन्यु की तरह चक्रव्यूह में अकेले पड़ गए थे. हालांकि उन्होंने किसी के प्रति दुश्मनी नहीं रखने की बात कही और निर्दलीय विजेता बंशीधर ब्रजवासी को बधाई दी.

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अभिषेक झा का छलका दर्द

मुजफ्फरपुर: बिहार विधान परिषद की तिरहुत स्नातक निर्वाचन सीट के नतीजों को लेकर तरफ चर्चा हो रही है. इस सीट पर जेडीयू के प्रवक्ता अभिषेक झा को लगातार दूसरी बार हार का सामना करना पड़ा है. निर्दलीय उम्मीदवार बंशीधर ब्रजवासी ने उन्हें 9147 वोटों से हराया. ब्रजवासी को कुल 31832 वोट मिले. जबकि अभिषेक झा को 22685 वोट मिले. हार के बाद अभिषेक झा ने सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट लिखी है. इसमें उन्होंने करीब 4700 वोट रद्द होने का दावा किया है. साथ ही उन्होंने अपने ही राजनीतिक परिवार यानी एनडीए के भीतर चक्रव्यूह में फंसने की आशंका भी जताई है.

‘करीब 4700 वोट कर दिए गए रद्द’
अभिषेक झा ने अपनी पोस्ट में लिखा कि करीब 4700 वोटों में उनके नाम के सामने टिक का निशान होने के कारण उन्हें रद्द कर दिया गया. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या जागरूक मतदाता उनके नाम के सामने टिक का निशान लगाएंगे? अभिषेक झा ने कहा कि एक-एक वोट लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण है. चुनाव में हर वोट की अहमियत होती है. उन्होंने दावा किया कि अगर ये वोट रद्द नहीं होते तो वह आसानी से चुनाव जीत सकते थे.

क्या NDA के भीतर चक्रव्यूह में अकेले पड़ गए?
अभिषेक झा ने अपनी पोस्ट में एनडीए को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने लिखा कि कभी-कभी उनके मन में यह सवाल आता है कि क्या वह अपने ही राजनीतिक परिवार में रचे गए चक्रव्यूह में अभिमन्यु की तरह अकेले पड़ गए थे. हालांकि उन्होंने किसी नेता का नाम लेकर सीधे तौर पर आरोप नहीं लगाया. उन्होंने यह भी कहा कि वह किसी के प्रति मन में कटुता या दुश्मनी लेकर आगे नहीं बढ़ना चाहते. उनके मुताबिक समय और सच्चाई खुद अपनी कहानी बताएंगे.

समर्थकों को दिया साथ निभाने का भरोसा
अभिषेक झा ने चुनाव में उनका साथ देने वाले मतदाताओं का आभार जताया. उन्होंने कहा कि चुनाव का नतीजा उनके पक्ष में नहीं आया, लेकिन इससे समर्थकों के साथ उनका रिश्ता खत्म नहीं होगा. उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह आगे भी लोगों के बीच रहेंगे और उनकी समस्याओं को उठाते रहेंगे. अभिषेक झा ने यह भी कहा कि अगर भविष्य में किसी साथी को राजनीतिक कारणों से परेशान किया जाता है तो वह उसके साथ खड़े रहेंगे. उन्होंने कहा कि उनका रिश्ता किसी पद या चुनाव पर निर्भर नहीं है.

बंशीधर ब्रजवासी को दी जीत की बधाई
अभिषेक झा ने चुनाव में जीत हासिल करने वाले बंशीधर ब्रजवासी को शुभकामनाएं भी दीं. उन्होंने उम्मीद जताई कि ब्रजवासी शिक्षकों की समस्याओं और तिरहुत के विकास को प्राथमिकता देंगे. उन्होंने कहा कि स्नातकों और समाज के हित में उठाए गए कदमों में वह सहयोग करेंगे. अभिषेक झा ने चुनाव के दौरान उनका विरोध करने वाले लोगों को भी धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध भी एक हिस्सा है.

नीतीश कुमार से सीखा विरोध सहने का गुण
अपनी पोस्ट में अभिषेक झा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार से उन्होंने आलोचना और विरोध को स्वीकार करना सीखा है. उन्होंने कहा कि विरोधियों ने चुनाव के दौरान उनके बारे में जो कुछ भी कहा, उसे वह स्वीकार करते हैं.



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