Sibling Relationship: बचपन में भाई-बहन के बीच छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा होता है, फिर कुछ देर बाद दोनों साथ खेलने लगते हैं. कभी एक-दूसरे की शिकायत करना, तो कभी बिना वजह हंसना और अपनी हर बात शेयर करना रोजमर्रा का हिस्सा होता है, लेकिन जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, कई भाई-बहनों के बीच बातचीत कम होने लगती है. फोन पर बात सिर्फ जरूरत पड़ने पर होती है और पहले जैसी बेफिक्री भी महसूस नहीं होती. ऐसा नहीं है कि उनके मन में एक-दूसरे के लिए प्यार खत्म हो गया है.
कई बार जिंदगी की जिम्मेदारियां, बदलती प्राथमिकताएं और मन में जमा छोटी-छोटी बातें रिश्ते के बीच दूरी बना देती हैं. आखिर बड़े होने के बाद भाई-बहन का रिश्ता क्यों बदलने लगता है? इसके पीछे कुछ आम वजहें हो सकती हैं.
1. अपनी-अपनी जिंदगी में व्यस्त हो जाना
बचपन में भाई-बहन का ज्यादातर समय साथ बीतता है. स्कूल, खेल, खाना और घर की छोटी-बड़ी बातें एक-दूसरे से जुड़ी होती हैं. बड़े होने पर पढ़ाई, नौकरी, शादी और परिवार की जिम्मेदारियां बढ़ने लगती हैं. ऐसे में पहले की तरह घंटों बैठकर बातें करने का समय नहीं मिल पाता. शुरुआत में बातचीत कम होना सामान्य लग सकता है, लेकिन धीरे-धीरे यही आदत बन जाती है. दोनों एक-दूसरे को याद तो करते हैं, लेकिन फोन करने या हाल पूछने की पहल कम हो जाती है.
2. छोटी-छोटी बातों का मन में रह जाना
भाई-बहन के बीच पुरानी शिकायतें भी दूरी की वजह बन सकती हैं. बचपन में किसी की बात को नजरअंदाज करना आसान होता है, लेकिन बड़े होने पर वही बात ज्यादा चुभने लगती है. उदाहरण के लिए, किसी एक भाई या बहन को लग सकता है कि माता-पिता ने हमेशा दूसरे को ज्यादा महत्व दिया. कभी किसी मुश्किल समय में साथ न मिलना भी मन में रह सकता है, अगर इन बातों पर खुलकर चर्चा नहीं होती, तो नाराजगी धीरे-धीरे बढ़ सकती है.
3. तुलना और आपसी मुकाबला
कई परिवारों में भाई-बहनों की तुलना पढ़ाई, नौकरी, कमाई या शादी के आधार पर की जाती है. ऐसी तुलना से रिश्ते में अनजाने में मुकाबले की भावना आ सकती है, अगर एक भाई या बहन को बार-बार दूसरे का उदाहरण देकर कमतर महसूस कराया जाए, तो उसके मन में असहजता पैदा हो सकती है. कभी-कभी यह भावना बातचीत और व्यवहार में भी दिखाई देने लगती है. ऐसे में एक-दूसरे की सफलता पर खुश होना मुश्किल लग सकता है.
4. शादी और नई जिम्मेदारियों के बाद बदलाव
शादी के बाद जीवन में नए रिश्ते और जिम्मेदारियां जुड़ जाती हैं. पति या पत्नी, बच्चों और घर की जरूरतों के बीच समय बांटना पड़ता है. इस बदलाव का असर भाई-बहन की बातचीत पर भी पड़ सकता है. कभी परिवारों के बीच गलतफहमी या किसी बात को लेकर मतभेद भी दूरी बढ़ा देते हैं. हालांकि, शादी के बाद रिश्ते में बदलाव आना हर परिवार में एक जैसा नहीं होता. कई भाई-बहन अपनी व्यस्त जिंदगी के बावजूद पहले की तरह जुड़े रहते हैं.
5. भावनाएं खुलकर जाहिर न कर पाना
बड़े होने के बाद कई लोग अपनी भावनाएं बताने में झिझकने लगते हैं. उन्हें लगता है कि भाई या बहन खुद समझ जाएगा कि वे उसकी कितनी परवाह करते हैं, लेकिन मन में प्यार होना और उसे जाहिर करना अलग बातें हैं. कभी एक छोटा-सा फोन, हालचाल पूछना या मुश्किल समय में साथ देना भी रिश्ते को मजबूत बनाए रख सकता है. जब दोनों तरफ से बातचीत की पहल कम हो जाती है, तो रिश्ता धीरे-धीरे औपचारिक लगने लगता है.
भाई-बहन के रिश्ते में दोबारा नजदीकी कैसे बढ़ाएं?
अगर आपको लगता है कि भाई या बहन से पहले जैसी बात नहीं होती, तो शुरुआत छोटी रख सकते हैं. बिना किसी खास वजह के फोन करें और सिर्फ हालचाल पूछें. पुरानी शिकायतों को ताना देने के बजाय शांत तरीके से अपनी बात कहें. हर बार सामने वाले से पहल की उम्मीद करने के बजाय खुद भी कोशिश करें.