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Uttarakhand Roadways Strike: उत्तराखंड रोडवेज बसों से सफर करने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. तीन माह के लंबित वेतन के भुगतान समेत विभिन्न मांगों को लेकर उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने आज से प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार और बसों का चक्का जाम करने का ऐलान किया है.
उत्तराखंड में बस कर्मचारियों की हड़ताल. (एआई तस्वीर).
देहरादून: उत्तराखंड के करीब 60 फीसदी रोडवेज बसों के पहिए थम गए हैं. आखिर ऐसा क्या हो गया? दरअसल, रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने वेतन भुगतान समेत अन्य मांगों को लेकर आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है. करीब 3500 चालक और परिचालक कार्य बहिष्कार कर रहे हैं. इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
कर्मचारियों ने छह सूत्रीय मांगों को लेकर आज से कार्यबहिष्कार शुरू किया है. समान कार्य-समान वेतन और तीन महीने का बकाया वेतन देने समेत विभिन्न मांगों पर कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच सहमति नहीं बन पाई. गुरुवार को परिवहन निगम के एमडी के साथ मुख्यालय में करीब पांच घंटे चली बैठक भी बेनतीजा रही. इसके बाद कर्मचारी यूनियन ने हड़ताल पर जाने का मन बन लिया. 30 अक्टूबर यानि आज उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल रहेगी.
ग्रामीण डिपो के शाखा अध्यक्ष संजीव सिसोदिया ने कहा कि कार्यबहिष्कार का असर ग्रामीण डिपो समेत प्रदेश के अन्य डिपो पर भी देखने को मिल रहा है. हालांकि, अनुबंधित बसों का संचालन सामान्य रूप से जारी रहने की बात कही गई है.
उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के महामंत्री अशोक चौधरी के मुताबिक वार्ता के दौरान कर्मचारियों के लंबित वेतन, महंगाई भत्ता (डीए), दीपावली बोनस और बस बेड़े का विस्तार करने समेत कई मांगें उठाई गई थीं. इसके अलावा डग्गामारी पर रोक लगाने और अवैध रूप से संचालित निजी बसों के परमिट पर कार्रवाई की मांग भी रखी गई, लेकिन प्रबंधन की ओर से मांगों पर सहमति नहीं बनने के बाद यूनियन ने आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया.