पहाड़ की दीवार पर लगाते हैं तिलक, माता के माथे पर दिखता है निशान, जानें महिमा
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कैमूर की पहाड़ पर एक प्रसिद्ध देवी स्थान है. जहां भक्त पहाड़ की दीवाल पर तिलक लगाते हैं तो माता के माथे पर उसका निशान दिखने लगता है. मान्यता है कि यहाँ आने वाले सभी श्रद्धालुओं की हर मनोकामनाएं पूरी होती हैं. लिहाजा दूर-दूर से लोग दर्शन के लिए पहुंचते हैं.
कैमूरः कैमूर पहाड़ी की तलहटी में एक ऐसा देवी स्थान है जिसकी अनोखी मान्यताएं और चमत्कार की चर्चाएं आसपास के इलाकों से लेकर दूर-दराज तक फैली हुई हैं. यहां माता के दर्शन के लिए श्रद्धालु दूर-दूर से पहुंचते हैं. स्थानीय लोगों की मान्यता है कि सच्चे मन से माता के दरबार में मांगी गई मुराद कभी खाली नहीं जाती। यही वजह है कि इस स्थान के प्रति लोगों की गहरी आस्था है.
माता मड़ुआनवा देवी स्थान की महिमा
दरअसल, हम बात कर रहे हैं रोहतास जिले के सिकरिया गांव में स्थित माता मड़ुआनवा देवी स्थान की. स्थानीय लोगों के मुताबिक माता सैकड़ों वर्षों से यहां प्राकृतिक रूप से बनी एक गुफा में विराजमान हैं. गुफा के भीतर माता का स्थान इतना दुर्गम और संकरा है कि श्रद्धालु चाहकर भी अपने हाथों से माता के माथे पर तिलक नहीं लगा पाते.
लेकिन इस देवी स्थान की सबसे अनोखी मान्यता तिलक से जुड़ी है. बताया जाता है कि श्रद्धालु गुफा के भीतर माता तक हाथ नहीं पहुंचने के कारण पहाड़ की बाहरी दीवार पर ही तिलक लगा देते हैं. स्थानीय लोगों का दावा है कि कुछ समय बाद वही तिलक माता के ललाट पर दिखाई देने लगता है. इस अनोखी घटना को श्रद्धालु माता का चमत्कार मानते हैं. वर्षों से चली आ रही इस मान्यता को लेकर आज भी लोगों के मन में जिज्ञासा बनी हुई है.
क्या रहते हैं स्थानीय लोग?
इस संबंध में स्थानीय निवासी शिव कुमार पासवान बताते हैं कि वह बचपन से ही माता के इस चमत्कार को देखते आ रहे हैं. उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि पास के ही एक पहाड़ी गांव की रहने वाली महिला के चेहरे पर काफी फोड़े-फुंसियां हो गई थीं. कई जगह इलाज कराने के बाद भी जब उसे राहत नहीं मिली तो वह माता के दरबार पहुंची और पूजा-पाठ किया. शिव कुमार के मुताबिक कुछ दिनों बाद महिला के चेहरे की सारी समस्याएं अपने आप ठीक हो गईं.
तिलक वाली मान्यता को लेकर शिव कुमार पासवान कहते हैं कि वह बचपन से ही इस घटना को देखते आ रहे हैं लेकिन आज तक यह समझ नहीं पाए कि आखिर पहाड़ की दीवार पर लगाया गया तिलक माता के ललाट तक कैसे पहुंच जाता है. उनके लिए भी यह आज तक आश्चर्य का विषय बना हुआ है.
चमत्कारी है माता का दरबार
वहीं स्थानीय निवासी विनी देवी भी माता के प्रति अपनी गहरी आस्था जाहिर करती हैं. उनका कहना है कि वह नियमित रूप से मंदिर में पूजा करने जाती हैं. उनके मुताबिक माता का दरबार बेहद चमत्कारी है और यहां आने वाला कोई भी श्रद्धालु खाली हाथ नहीं लौटता। विनी देवी बताती हैं कि जिन लोगों पर माता की कृपा हो जाती है उनकी जिंदगी में रातोंरात बदलाव आ जाता है.
ऐसे में प्राकृतिक गुफा में विराजमान माता मड़ुआनवा देवी का यह स्थान सिर्फ पूजा-अर्चना का केंद्र नहीं बल्कि हजारों लोगों की आस्था और विश्वास से भी जुड़ा हुआ है. पहाड़ की दीवार पर तिलक लगाने और माता के माथे पर उसके दिखाई देने की यह मान्यता आज भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है.