घर के दरवाजे पर तुलसी रखने से पहले जान लें ये बातें, गलत दिशा पड़ सकती है भारी

घर के दरवाजे पर तुलसी रखने से पहले जान लें ये बातें, गलत दिशा पड़ सकती है भारी


फरीदाबाद: घर में तुलसी का पौधा रखना और उसकी पूजा करना हिंदू धर्म में शुभ माना जाता है. खासकर कार्तिक मास में तुलसी की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है. ऐसे में अगर आप भी अपने घर के मुख्य द्वार पर तुलसी का पौधा रखते हैं, तो उसकी सही दिशा, उचित देखभाल और कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी को घर में सकारात्मकता और सुख-समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है. ऐसे में तुलसी का पौधा किस दिशा में रखना चाहिए और सूख जाने पर उसका क्या करना चाहिए, यह जानना जरूरी है.

पंडित ने बताया तुलसी रखने की सही दिशा और महत्व

Local18 से बातचीत में फरीदाबाद के सेक्टर-62 स्थित सनातन धर्म मंदिर के ज्योतिषाचार्य पंडित तरसेम शास्त्री ने बताया कि वास्तु शास्त्र के अनुसार, तुलसी को सबसे पवित्र पौधों में माना जाता है. घर के मुख्य द्वार पर तुलसी का पौधा रखने से सकारात्मक ऊर्जा आने और नकारात्मक ऊर्जा दूर रहने की धार्मिक मान्यता है. तुलसी रखने के लिए उत्तर और पूर्व दिशा के बीच का स्थान यानी ईशान कोण शुभ माना जाता है.

तुलसी के पौधे के लिए साफ जगह चुनें और देखभाल करें

पंडित तरसेम शास्त्री बताते हैं कि तुलसी के पौधे को ऐसी जगह रखना चाहिए, जहां साफ-सफाई बनी रहे और उसकी उचित देखभाल हो सके. वास्तु की मान्यताओं के अनुसार, उत्तर-पूर्व दिशा तुलसी के लिए शुभ मानी जाती है. पौधे को सही स्थान पर रखने के साथ उसकी रोजाना देखभाल करना भी जरूरी है, ताकि वह अच्छी स्थिति में बना रहे.

मुख्य द्वार पर तुलसी रखते समय इन बातों का ध्यान रखें

पंडित तरसेम शास्त्री बताते हैं कि घर के मुख्य द्वार पर तुलसी का पौधा ऐसी जगह रखना चाहिए, जहां उसे पर्याप्त धूप और हवा मिल सके. पूर्व दिशा को इसके लिए अच्छा माना जाता है. उत्तर और पूर्व दिशा भी शुभ मानी जाती हैं. इसलिए पौधा रखते समय ऐसी जगह चुनें, जहां उसे पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी मिलती रहे और उसकी देखभाल करना आसान हो.

सूख जाने पर तुलसी के पौधे का क्या करें

पंडित तरसेम शास्त्री बताते हैं कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तुलसी के पौधे को सूखने पर मुख्य द्वार पर उसी अवस्था में रखना उचित नहीं माना जाता. यदि तुलसी का पौधा सूख जाए, तो धार्मिक परंपरा के अनुसार उसका सम्मानपूर्वक विसर्जन करना चाहिए. इसके लिए उचित विधि अपनाई जा सकती है. इसलिए पौधे के सूखने पर उसे सामान्य कचरे में फेंकने के बजाय धार्मिक मान्यताओं का ध्यान रखना चाहिए.

कार्तिक मास में तुलसी पूजा का विशेष महत्व

पंडित तरसेम शास्त्री ने बताया कि कार्तिक मास में तुलसी की पूजा करना विशेष शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी का संबंध भगवान विष्णु से है और कार्तिक का महीना उनकी भक्ति तथा पूजा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है. इस महीने में देवउठनी एकादशी का भी विशेष महत्व है. इस अवसर पर भगवान विष्णु की पूजा की जाती है. ऐसे में कार्तिक मास में तुलसी की पूजा करने वाले श्रद्धालु धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा-पाठ और पौधे की देखभाल कर सकते हैं.



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