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Vadodara Family Death Update: वडोदरा के नरसिंहजी की पोल में एक ही परिवार के सामूहिक रूप से जान देने के मामले में पुलिस का बड़ा खुलासा हुआ है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी से मौत की पुष्टि हुई है. मौके से मिले तीन नोट में 33 लाख रुपये का भारी कर्ज, अस्पताल न चलना और दर्शित नाम के शख्स से बिजनेस दुश्मनी की बात सामने आई है. डिप्रेशन और तंगी से परेशान परिवार की मौत की जांच FSL कर रही है.
पुलिस मामले की जांच कर रही है.
गुजरात के वडोदरा से एक ऐसी शॉकिंग और हार्टब्रेकिंग न्यूज सामने आई है जिसने पूरे शहर को सन्न कर दिया. नरसिंहजी की पोल में एक ही फैमिली के सामूहिक रूस से अपनी जान देने के मामले में पुलिस ने जांच के बाद कई डार्क सीक्रेट्स से पर्दा उठाया है. एसीपी जी.बी. बांभनिया के मुताबिक, शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी से मौत की पुष्टि हुई है, लेकिन क्राइम सीन से मिले तीन पन्नों के सुसाइड नोट ने इस पूरे केस का ‘डार्क ट्रुथ’ सामने ला दिया है. तंगहाली इस कदर हावी थी कि परिवार पर 33 लाख रुपये का भारी कर्ज था, कार की ईएमआई अटकी हुई थी और उनका अस्पताल भी पूरी तरह से ठप पड़ चुका था. भारी डिप्रेशन और अकेलेपन से जूझ रही इस फैमिली के नोट में एक ‘दर्शित’ नाम के शख्स के साथ बिजनेस राइवलरी का भी जिक्र मिला है. फॉरेंसिक टीम अब डिजिटल एविडेंस खंगाल रही है ताकि इस मेंटल प्रेशर और क्राइम के पीछे का असली सच बाहर आ सके.
पैसों की तंगी बनी विलेन
पुलिस को मौके से तीन पन्नों की सुसाइड नोट मिली है, जिसमें से दो पन्ने मां आरती सोनी और एक पन्ना बेटी ने लिखा है. जांच में पता चला है कि परिवार पर करीब 33 लाख रुपये का भारी कर्ज था. हालात इतने बिगड़ चुके थे कि उनकी दो कार की EMI तक बकाया चल रही थी. अपना कर्ज उतारने के लिए परिवार अपना मकान बेचने की आखिरी कोशिश कर रहा था. उनका अपना अस्पताल भी बिल्कुल नहीं चल पा रहा था, जिससे रोजाना की जिंदगी स्ट्रगल बन गई थी.
दर्शित नाम का सस्पेंस और बच्चों की टूटती उम्मीदें
सुसाइड नोट खंगालने पर पुलिस को एक और बड़ा क्लू मिला है. नोट में ‘दर्शित’ नाम के एक शख्स के साथ चल रही बिजनेस राइवलरी (व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा) का जिक्र है. इमोशनल कर देने वाली बात यह है कि बच्चों ने अपने सुसाइड नोट में भगवान से अस्पताल के ठीक से चलने की दुआएं मांगी थीं. मां आरती सोनी के माता-पिता, पति और भाई की पहले ही डेथ हो चुकी थी, जिसके चलते पूरा परिवार अकेलेपन और गहरे डिप्रेशन में चला गया था.
मोबाइल FSL भेजे गए
पुलिस ने आरती सोनी, जैनी और नीलकंठ सोनी के सुसाइड नोट्स को कब्जे में ले लिया है. पूरे मामले की तह तक जाने और हर कॉल रिकॉर्ड-चैट को डिकोड करने के लिए मृतकों के मोबाइल्स FSL (फॉरेंसिक साइंस लैब) में जांच के लिए भेज दिए गए हैं. पुलिस अब सुसाइड नोट में आए ‘दर्शित’ एंगल समेत हर पहलू से आगे की लीगल कार्रवाई कर रही है.