सारा अली खान के केदारनाथ में पूजा करने पर विवाद, मौलाना ने जारी किया फतवा; कहा- ‘तौबा करनी चाहिए’


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Bollywood Actress Sara Ali Khan: बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री सारा अली खान (Sara Ali Khan) एक बार फिर अपने धार्मिक आयोजनों और केदारनाथ यात्रा को लेकर बड़े विवाद में घिर गई हैं. हाल ही में उत्तराखंड स्थित विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की यात्रा के दौरान अभिनेत्री द्वारा मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना करने और आरती में भाग लेने पर उत्तर प्रदेश के एक प्रमुख धर्मगुरु ने कड़ा ऐतराज जताया है. ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने सारा अली खान के इस कृत्य के खिलाफ तीखा फतवा जारी किया है, जिसमें इसे शरीयत के पूरी तरह खिलाफ, नाजायज और हराम करार दिया गया है.

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सारा अली के केदारनाथ में पूजा करने पर विवाद, मौलाना ने कहा- 'तौबा करनी चाहिए'Zoom

सारा अली खान ( फाइल फोटो)

बॉलीवुड एक्ट्रेस सारा अली खान के केदारनाथ मंदिर जाकर पूजा-अर्चना करने पर उत्तर प्रदेश में धार्मिक विवाद खड़ा हो गया है. ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने सारा अली खान के मंदिर जाने और पूजा करने के खिलाफ फतवा जारी करते हुए इसे शरीयत के खिलाफ, नाजायज और हराम बताया है. मौलाना का कहना है कि इस्लाम में किसी भी मुस्लिम द्वारा मंदिर जाकर पूजा-पाठ करना गुनाह है. अभिनेत्री को इसके लिए तौबा करनी चाहिए. यह विवाद तब सामने आया जब हाल ही में अपनी फिल्म की रिलीज के बाद सारा अली खान ने उत्तराखंड स्थित केदारनाथ धाम पहुंचकर तीन दिनों तक बाबा केदार की पूजा और आरती में हिस्सा लिया था.

बॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस सारा अली खान के खिलाफ फतवा जारी किया गया है. उनके खिलाफ यह फतवा ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने जारी किया है. दरअसल, सारा अली खान केदारनाथ धाम में दर्शन करने पहुंची थी. उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना की. इसके बाद उनके मंदिर जाने पर विवाद खड़ा हो गया है. मौलाना का कहना है कि इस्लाम और शरीयत के मुताबिक किसी मुस्लिम का मंदिर में पूजा-पाठ करना शरीयत के मुताबिक नाजायज और हराम है.

शरीयत के नजर में गुनाह है मंदिर जाना

मौलाना का कहना है कि मुस्लिम वर्ग के युवाओं का सवाल था कि सारा अली खान का केदारनाथ मंदिर पूजा करना क्या ठीक था. क्या यह शरीयत के मुताबिक जायज है. इसी को लेकर उन्होंने यह बात कही है.उनका कहना है कि कोई भी मुसलमान मर्द या औरत मंदिर में पूजा-पाठ करने, या दर्शन करने जाता है तो ये शरीयत की रोशनी में नाजायज और हराम है. सारा अली खान केदारनाथ मंदिर गई, उन्होंने मंदिर में पूजा-पाठ की, ये तमाम धार्मिक काम शरीयत के मुताबिक नाजायज और हराम है. वो शरीयत की नजर में मुजरिम और गुनेहगार है, उनको तोबा करनी चाहिए.

क्या है पूरा मामला?

हाल ही में सारा अली खान अपनी फिल्म की रिलीज के बाद उत्तराखंड के प्रसिद्ध केदारनाथ धाम पहुंची थीं. वहाँ उन्होंने तीन दिनों तक रहकर बाबा केदार के दर्शन किए, विधिवत पूजा-अर्चना की और शाम की आरती में भी पूरी श्रद्धा के साथ हिस्सा लिया. उनके इस दौरे की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुए थे.

इस यात्रा के बाद मुस्लिम समाज के कुछ युवाओं ने मौलाना से सवाल किया था कि क्या एक मुस्लिम अभिनेत्री का मंदिर जाकर पूजा-पाठ करना इस्लाम और शरीयत के दायरे में जायज है? इसी सवाल के जवाब में मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने यह फतवा जारी किया है.

शरीयत की नजर में गुनाह और मुजरिम: मौलाना

मौलाना ने बयान जारी करते हुए कहा कि इस्लाम और शरीयत के मुताबिक कोई भी मुस्लिम मर्द या औरत यदि मंदिर में जाकर पूजा-पाठ या दर्शन करता है, तो यह कृत्य शरीयत की रोशनी में पूरी तरह नाजायज और हराम है. उन्होंने कहा कि सारा अली खान का केदारनाथ मंदिर जाकर धार्मिक अनुष्ठान और पूजा करना शरीयत के नियमों के खिलाफ है. मौलाना के अनुसार, धार्मिक नजरिए से वह इसकी गुनहगार और मुजरिम हैं, और उन्हें इसके लिए तौबा (पश्चताप) करनी चाहिए.

केदारनाथ मंदिर और गैर-सनातनियों के प्रवेश का मुद्दा

गौरतलब है कि केदारनाथ मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है, जो उत्तराखंड में गढ़वाल हिमालय पर्वतमाला में स्थित है. इससे पहले बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) द्वारा मंदिरों में गैर-सनातनियों के प्रवेश पर रोक लगाने को लेकर भी काफी बहस और चर्चा हो चुकी है, हालांकि बाद में स्पष्ट किया गया था कि सनातन धर्म में आस्था रखने वाले सभी श्रद्धालुओं का वहां स्वागत है. बहरहाल, सारा अली खान के मंदिर जाने पर उपजा यह नया धार्मिक विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है.



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