कानपुर देहात की 4 सीटों पर BJP का कब्जा, 2027 में सपा बिगाड़ पाएगी खेल?
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UP Election 2027 Kanpur Dehat BJP SP: कानपुर देहात की चारों विधानसभा सीटों पर 2022 में भाजपा ने जीत दर्ज की थी. रसूलाबाद, अकबरपुर-रनियां, सिकंदरा और भोगनीपुर में भाजपा के विधायक हैं. अकबरपुर-रनियां में प्रतिभा शुक्ला ने 13,417 वोटों से जीत हासिल की थी. 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले जिले की इन चारों सीटों पर भाजपा और सपा के बीच मुकाबले को लेकर नजरें रहेंगी.
UP Election 2027: कानपुर देहात की चार सीटों पर भाजपा का कब्जा, रसूलाबाद से सिकंदरा तक जानिए किस उम्मीदवार ने मारी थी बाजी
UP Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं. कानपुर देहात ऐसा जिला है, जहां 2022 के चुनाव में भाजपा ने चारों विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की थी. जिले में रसूलाबाद, अकबरपुर-रनियां, सिकंदरा और भोगनीपुर सीटें हैं. पिछले चुनाव में भाजपा ने इन सभी सीटों पर सपा के उम्मीदवारों को हराया था. अब सवाल है कि क्या भाजपा 2027 में भी अपना यह प्रदर्शन दोहरा पाएगी या सपा उसे कड़ी चुनौती देगी.
2022 में चारों सीटों पर भाजपा की जीत
मीडिया में छपी खबर के मुताबिक, कानपुर देहात जिले में चार विधानसभा सीटें हैं. 2022 के चुनाव में भाजपा ने सभी सीटों पर जीत दर्ज की थी. रसूलाबाद सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है. यहां भाजपा की पूनम शंखवार विधायक हैं. उन्होंने सपा के कमलेश चंद्र दिवाकर को हराया था. अकबरपुर-रनियां सीट पर भाजपा की प्रतिभा शुक्ला ने जीत हासिल की थी. उन्होंने सपा के डॉ. राम प्रकाश कुशवाहा को 13,417 वोटों से हराया था. यह सीट पिछले चुनाव में भाजपा के लिए अहम जीत में शामिल रही.
रसूलाबाद और अकबरपुर-रनियां में क्या रहा गणित?
रसूलाबाद में पूनम शंखवार ने भाजपा को जीत दिलाई थी. यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है. वहीं, अकबरपुर-रनियां में प्रतिभा शुक्ला ने सपा उम्मीदवार को पीछे छोड़ा था. दोनों सीटों पर 2022 में भाजपा का प्रदर्शन मजबूत रहा. 2027 के चुनाव में इन सीटों पर पिछले नतीजों को दोहराना भाजपा के लिए अहम होगा.
सिकंदरा और भोगनीपुर में भी भाजपा का कब्जा
सिकंदरा विधानसभा सीट सामान्य श्रेणी की है और इटावा लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है. 2022 में भाजपा के अजीत सिंह पाल ने सपा के प्रभाकर पांडे को हराया था. इस सीट पर मतदान प्रतिशत करीब 60.79 रहा था. भोगनीपुर भी सामान्य सीट है और जालौन संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आती है. यहां भाजपा के राकेश सचान ने सपा के नरेंद्र पाल सिंह को हराया था. बसपा के जुनैद खान तीसरे स्थान पर रहे थे. इस सीट पर मतदान प्रतिशत करीब 62.34 था.
2027 में फिर दिखेगा भाजपा-सपा का मुकाबला?
कानपुर देहात में 2022 के नतीजों ने भाजपा को चारों सीटों पर बढ़त दिलाई थी. अब 2027 के चुनाव में इन नतीजों को दोहराना पार्टी के सामने चुनौती होगी. सपा भी जिले में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश करेगी. हालांकि, अगले चुनाव का वास्तविक समीकरण उम्मीदवारों, प्रचार और मतदाताओं के रुख पर निर्भर करेगा.
कानपुर देहात जिले की खास बातें
कानपुर देहात का मुख्यालय माती में है. जिले का नाम 2010 में रमाबाई नगर किया गया था, लेकिन 2012 में फिर कानपुर देहात कर दिया गया. यह जिला गंगा और यमुना के दोआब के निचले हिस्से में स्थित है. इसकी सीमाएं हमीरपुर, जालौन, औरैया, कन्नौज और कानपुर नगर से मिलती हैं. प्रशासनिक रूप से जिले में छह तहसीलें हैं. इनमें भोगनीपुर, अकबरपुर, डेरापुर, सिकंदरा, रसूलाबाद और मैथा शामिल हैं. जिले में कुल 10 विकास खंड हैं.