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केरल सरकार ने विधायकों का मासिक वेतन 70 हजार से बढ़ाकर 98 हजार रुपये करने को मंजूरी दी है. इस संबंध में गुरुवार को विधानसभा में विधेयक पेश किया जाएगा.
सांकेतिक तस्वीर.
Kerala MLA Salary: केरल की यूडीएफ सरकार ने राज्य के विधायकों की सैलरी बढ़ाने को मंजूरी दी है. अब वहां के विधायकों का मासिक वेतन बढ़कर 98,000 रुपये हो जाएगा. पहले यह वेतन मात्र 70 हजार रुपये था. इस तरह वेतन में करीब 40 फीसदी की बढ़ोतरी का प्रस्ताव है. बुधवार को राज्य कैबिनेट ने इसकी मंजूरी दे दी. अब इससे जुड़ा विधेयक गुरुवार को राज्य विधानसभा में पेश किया जाना है. राज्य के विधायकों का कहना है कि ऑफिस मेंटेन करने और स्टाफ रखने में काफी पैसा खर्च होता है. ऐसे में इस बढ़ोतरी से उन्हें थोड़ी राहत मिलेगी. दरअसल, केरल देश के उन राज्यों में शामिल है जहां के विधायकों को अपेक्षाकृत कम सैलरी मिलती है. इस 70 हजार में ही विधायकों के सभी भत्ते भी शामिल हैं. ऐसे में उनके वेतन में वृद्धि करने के फैसले को अनुचित नहीं कहा जा सकता है.
देश में कई ऐसे राज्य हैं जहां विधायकों की सैलरी काफी अधिक है. झारखंड का ही उदाहरण लेते हैं. वहां विधायकों को प्रति माह 2.80 लाख से तीन लाख के बीच सैलरी और भत्ते मिलते हैं. झारखंड के पड़ोसी राज्य ओडिशा में इस साल विधायकों की सैलरी बढ़ाकर 3.25 लाख रुपये मंथली करने का प्रस्ताव पारित हुआ था लेकिन, विरोध के बाद सरकार ने उस प्रस्ताव को होल्ड कर दिया. इस तरह देखा जाए तो केरल के विधायकों को झारखंड के विधायकों की तुलना में एक तिहाई सैलरी मिलती है.
किन पांच राज्यों में सबसे अधिक सैलरी
| राज्य | सैलरी |
| झारखंड | ₹2.80–3 लाख |
| हिमाचल प्रदेश | ₹2.80 लाख |
| तेलंगाना | ₹2.50–2.75 लाख |
| महाराष्ट्र | ₹2.52 लाख |
| यूपी | ₹2.45–2.96 लाख |
बिहार, MP, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कितनी सैलरी
| राज्य | वेतन |
| मध्य प्रदेश | ₹1.65–2.10 लाख |
| बिहार | ₹1.60–1.65 लाख |
| छत्तीसगढ़ | करीब ₹1.60 लाख |
| राजस्थान | करीब ₹1.51 लाख |
सबसे कम वेतन देने वाले राज्य
| राज्य | वेतन |
| केरल | ₹70,000 |
| दिल्ली | करीब ₹90,000 |
| पंजाब | करीब ₹95,000 |
| मिजोरम | करीब ₹1.50 लाख |
| त्रिपुरा | ₹17,500–34,000 (बेसिक) |
झारखंड में विधायकों के वेतन-भत्तों में 2024 में बढ़ोतरी की गई थी. इसके बाद मूल वेतन 40 हजार से बढ़ाकर 60 हजार रुपये किया गया. निर्वाचन क्षेत्र भत्ता और सत्कार भत्ता भी बढ़ाए गए. अलग-अलग मदों में मिलने वाली रकम को जोड़ने पर विधायकों का मासिक पैकेज काफी अधिक हो जाता है. एक अनुमान के मुताबिक झारखंड के विधायकों को करीब 2.8 से 3 लाख रुपये महीने मिलते हैं.
इसी तरह हिमाचल प्रदेश में 2025 में विधायकों के वेतन और भत्तों में बढ़ोतरी की गई. मूल वेतन 55 हजार से बढ़ाकर 70 हजार रुपये कर दिया गया. निर्वाचन क्षेत्र भत्ता 90 हजार से बढ़ाकर 1.20 लाख रुपये और कार्यालय भत्ता 30 हजार से बढ़ाकर 90 हजार रुपये किया गया. मासिक वेतन और नियमित भत्तों का कुल पैकेज करीब 2.80 लाख रुपये हो गया. तेलंगाना में विधायकों को करीब 2.75 लाख रुपये तक मासिक भुगतान और वेतन मिलता है. महाराष्ट्र में विधायकों का मासिक वेतन और नियमित भत्ते मिलाकर करीब 2.52 लाख रुपये बैठते हैं. इसमें मूल वेतन के साथ महंगाई भत्ता, टेलीफोन, स्टेशनरी और कंप्यूटर ऑपरेटर से संबंधित भत्ते शामिल हैं. इसके अलावा विधानसभा की बैठकों में शामिल होने पर दैनिक भत्ता भी मिलता है.