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मुरादाबाद नगर निगम की अनु तोमर ने वेस्ट मटेरियल से खूबसूरत डेकोरेशन आइटम बनाए हैं. अनु तोमर ने घर में इस्तेमाल होने वाली चीज जिन्हें हम खराब समझ कर फेंक देते हैं. उनका इस्तेमाल कर घर को एक सजावटी रूप देने का काम किया है. उन्होंने घर की बोतल, झाड़ू की सिख और अन्य करीब दर्जनों चीज इस्तेमाल कर उन्हें खूबसूरती वाला लुक देने का काम किया है. घर पर आप भी इन चीजों का आसानी से तैयार कर सकते हैं.
मुरादाबाद: घर में पड़े वेस्ट मटेरियल से अलग-अलग डेकोरेशन के उत्पाद बनाने का काम किया है. नगर निगम में कार्यरत अनु तोमर ने घर में इस्तेमाल होने वाली चीज जिन्हें हम खराब समझ कर फेंक देते हैं. उनका इस्तेमाल कर घर को एक सजावटी रूप देने का काम किया है. उन्होंने घर की बोतल, झाड़ू की सिख और अन्य करीब दर्जनों चीज इस्तेमाल कर उन्हें खूबसूरती वाला लुक देने का काम किया है. घर पर आप भी इन चीजों का आसानी से तैयार कर सकते हैं.
वेस्ट मटेरियल से बना डाला खूबसूरत डेकोरेशन का समान
अनु तोमर ने लोकल 18 से बताया कि नगर निगम मुरादाबाद में कचरे से कलाकृति बनाने का काम कर रही है. घर से निकलने वाले ड्राई वेस्ट मटेरियल को नए रूप में परिवर्तित कर सजावटी उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं. जीरो वेस्ट सेंटर पर प्लास्टिक की बोतल पानी की बोतल ज्वेलरी बॉक्स और पुराने कपड़ों से कई तरह के आइटम बनाए गए हैं. उन्होंने बताया कि प्लास्टिक की बोतल को ऊपर से काटकर उस पर बोन से चिपकाकर कलर और स्टोन लगाकर फ्लावर पॉट तैयार किया गया है. पानी की बोतलों से सजावटी सामान ज्वेलरी के बॉक्स को कपड़े से कवर कर ज्वेलरी बॉक्स और पुरानी कन्हैया जी की ड्रेस को दोबारा इस्तेमाल कर सजावट का सामान बनाया गया है. वहीं ट्रिपल आर सेंटर पर गोबर से गणपति जी की मूर्ति भी तैयार की गई है. सभी उत्पाद पूरी तरह से वेस्ट मटेरियल से बनाए गए हैं.
घर बैठे भी बना सकते हैं सामान
उन्होंने बताया कि अगर कोई घर पर वेस्ट मटेरियल से कोई आइटम बनाना चाहे तो बहुत आसानी से बना सकता है. रोज घर में निकलने वाली ड्रिंक की बोतलों को फ्लावर पॉट का लुक दिया जा सकता है. झाड़ू की सींक को टेप से कवर कर सजावटी फूल बनाए जा सकते हैं. अब दीपावली आ रही है तो नया मटेरियल खरीदने से अच्छा है कि घर में पड़े वेस्ट मटेरियल को नया लुक देकर घर को सजाया जाए.नगर निगम का मुख्य उद्देश्य शहर में गंदगी को कम करना है. जब हम ड्राई वेस्ट से नया मटेरियल बनाएंगे तो कचरा खुद ही इस्तेमाल हो जाएगा. किचन से निकलने वाले गीले कचरे से खाद बनाई जाती है और सूखे कचरे से नया प्रोडक्ट बनाकर घर को डेकोरेट किया जा सकता है. जिससे 100% वेस्ट मैनेजमेंट में मदद मिलेगी.