उज्जैन. त्योहारों के बीच सोने-चांदी की कीमतों में आई गिरावट ने सराफा बाजार की रौनक बढ़ानी शुरू कर दी है. लंबे समय से महंगे दामों के कारण गहनों की खरीदारी टाल रहे ग्राहक अब अपने बजट के अनुसार आभूषण खरीदने के लिए दुकानों पर पहुंच रहे हैं. पुष्य नक्षत्र, करवा चौथ, धनतेरस और दीपावली के साथ आगामी शादी-ब्याह के सीजन को देखते हुए व्यापारियों को कारोबार में तेजी आने की उम्मीद है.
सराफा कारोबारियों सोनी ने बताया, सोने और चांदी के भाव अपने ऊंचे स्तर से नीचे आने के बाद ग्राहकों की दिलचस्पी बढ़ी है. लोग त्योहारों पर खरीदारी के लिए पहले से बाजार का रुख कर रहे हैं. खास बात यह है कि ग्राहक अब अपनी जरूरत और आर्थिक स्थिति के अनुसार गहनों का चयन कर रहे हैं. कई लोग पसंदीदा आभूषणों की बुकिंग भी करा रहे हैं, ताकि त्योहार के समय खरीदारी में परेशानी न हो.
मध्यप्रदेश स्वर्णकार संघ के उपाध्यक्ष कैलाश सोनी के अनुसार, सोने-चांदी के दामों में कमी आने से ग्राहकों का उत्साह बढ़ा है. फसल आने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों से भी लोगों के पास त्योहारों की खरीदारी के लिए पैसा आ रहा है. पुष्य नक्षत्र से लेकर दीपावली तक बाजार में खरीदारी बढ़ने की संभावना है. इसके बाद शादी-ब्याह का सीजन शुरू होने से कारोबार को और मजबूती मिल सकती है.
चांदी में बड़ी गिरावट, ग्राहकों को राहत
व्यापारी देवेश सोनी के मुताबिक, चांदी का भाव एक समय करीब 3.90 लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया था, जो अब घटकर लगभग 2.35 लाख रुपए के आसपास आ गया है. इस गिरावट से चांदी के आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों को राहत मिली है. सोने के भाव में कमी आने से भी खरीदारी की योजनाएं बना रहे लोगों को फायदा मिल रहा है.
पांच साल में सोना करीब 95 हजार रुपए महंगा
कीमतों में हालिया गिरावट के बावजूद लंबी अवधि में सोने-चांदी के दामों में बड़ी बढ़ोतरी हुई है. मार्च 2021 में सोना 48,720 रुपए प्रति 10 ग्राम था, जो अक्टूबर 2026 में बढ़कर करीब 1,43,450 रुपए हो गया. इस तरह पांच साल में इसकी कीमत 94,730 रुपए बढ़ी.
वहीं, चांदी मार्च 2021 में 65,400 रुपए प्रति किलो थी, जो अक्टूबर 2026 में लगभग 2,35,900 रुपए तक पहुंच गई. यानी पांच साल में चांदी 1,70,500 रुपए महंगी हुई. व्यापारियों की नजर अब त्योहारों की ग्राहकी पर है. यदि खरीदारी का मौजूदा रुझान बना रहता है, तो आने वाले दिनों में सराफा बाजार में अच्छी रौनक देखने को मिल सकती है.