Spain Train Crash : रेलवे ट्रैक पर कैसे टकराईं 2 हाईस्पीड ट्रेनें? सरकार का जवाब सुनकर लगेगा झटका, बस कुछ सेकेंड्स में 64 जानें खत्म

Spain Train Crash : रेलवे ट्रैक पर कैसे टकराईं 2 हाईस्पीड ट्रेनें? सरकार का जवाब सुनकर लगेगा झटका, बस कुछ सेकेंड्स में 64 जानें खत्म


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रेलवे ट्रैक पर कैसे टकराईं 2 हाईस्पीड ट्रेनें? सरकार का जवाब सुनकर लगेगा झटका

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स्पेन के टोलेडो प्रांत में दो हाईस्पीड ट्रेनों के बीच हुए भीषण हादसे ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है. मैड्रिड-सेविले रूट पर हुए इस दर्दनाक हादसे में अब तक 64 लोगों की मौत हो चुकी है और मौतों का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका है. अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर ये हादसा हुआ कैसे? इस पर सरकार ने ऐसा शुरुआती बयान दिया, जिसने सभी को चौंका दिया है.

स्पेन के टोलेडो प्रांत में बुधावार की सुबह एक ऐसा भयानक दिन लेकर आई जिसने दर्जनों परिवारों को कभी न भूलने वाला जख्म दे दिया. मैड्रिड से सेविले जा रही दो हाईस्पीड ट्रेनें ‘AVE’ और ‘Iryo’ आपस में इतनी तेज रफ्तार में टकराईं कि टक्कर का धमाका मील दूर तक सुना गया. इस खौफनाक हादसे में कम से कम 64 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि राहत और बचाव दल अब भी मलबे में जिंदगियां तलाश रहे हैं. एक ट्रेन में 146 यात्री और एक बच्चा सवार था, वहीं दूसरी ट्रेन में 397 लोग सफर कर रहे थे. टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रेन की कई बोगियां पटरी से उतरकर सीधे नीचे खड्ड में जा गिरीं.

सरकार का चौंकाने वाला खुलासा: स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज की सरकार की शुरुआती रिपोर्ट ने हर किसी के होश उड़ा दिए हैं. सरकारी सूत्रों के मुताबिक, सिग्नलिंग सिस्टम खराब होने के बाद रेलवे ऑपरेटर से हुई एक छोटी सी ‘मानवीय भूल’ इस भीषण तबाही की मुख्य वजह हो सकती है. हालांकि अभी अंतिम जांच रिपोर्ट आना बाकी है, लेकिन सरकार का मानना है कि इंसानी चूक के कारण ही दो हाईस्पीड ट्रेनें एक ही ट्रैक पर आ गईं. पीएम पेड्रो सांचेज ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है. आपातकालीन टीमें मौके पर लगातार काम कर रही हैं ताकि घायलों को जल्द से जल्द इलाज मिल सके.

ऑटोमैटिक सिस्टम फेल हुआ, तो मैनुअल कंट्रोल में हुई भारी चूक : स्पेन की रेलवे पटरियों पर सुरक्षा के लिए जो ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम लगा है, वो तकनीकी खराबी आते ही ट्रेन को तुरंत रोक देता है. इस हादसे के समय भी जब मुख्य सुरक्षा प्रणाली ठप हुई, तो ट्रेनें पटरियों पर आकर रुक गईं. नियम के मुताबिक, ऑटोमैटिक सिस्टम फेल होने के बाद नियंत्रण ऑपरेटर के हाथों में यानी मैनुअल मोड पर आ जाता है. शुरुआती विश्लेषण से पता चला है कि ट्रेनें रुकने के बाद जब इंसानी नियंत्रण में सेवा बहाल की गई, तो वहीं पर ऑपरेटर से बड़ी चूक हो गई. इसी एक गलत फैसले ने कुछ ही सेकेंड्स में 64 बेगुनाह यात्रियों की जान ले ली.

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1980 के दशक की पुरानी टेक्नोलॉजी से चल रहा था रूट : इस रेल रूट पर ट्रेनों की सुरक्षा और कंट्रोल के लिए ‘LZB लेवल 2’ ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा था. ये सिस्टम 1980 के दशक में तब लगाया गया था जब मैड्रिड-सेविले हाईस्पीड लाइन का निर्माण हुआ था. आज के आधुनिक दौर में ये तकनीक काफी पुरानी और आउटडेटेड हो चुकी है. हालांकि रेल ऑपरेटर ADIF इस लाइन पर नया ‘ERTMS लेवल 2’ सिस्टम लगाने और टेलीकम्युनिकेशन को अपग्रेड करने का काम कर रहा था. लेकिन नया सिस्टम पूरी तरह चालू होने से पहले ही पुरानी तकनीक की नाकामी और मानवीय भूल ने इतना बड़ा हादसा करा दिया.

यात्रियों ने बताया खौफनाक अनुभव : ट्रेन के पिछले हिस्से की बोगी में सफर कर रहे एक यात्री ने हादसे का वो खौफनाक मंज़र बयां किया जिसे सुनकर रोंगटे खड़े हो जाएं. यात्री के मुताबिक, सफर शुरू हुए अभी मुश्किल से 40 मिनट ही हुए थे कि अचानक एक बहुत ही जोरदार और खौफनाक झटका लगा. ट्रेन के भीतर चारों तरफ चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते कई बोगियां पटरी से उतरकर नीचे खाई में जा गिरीं. मोरा, ओरगाज़ और उर्दा के बीच किलोमीटर मार्कर 118 पर हुए इस हादसे के बाद पूरी रेल लाइन पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

ट्रैक पर खड़ी क्यों थी ट्रेन : इस हादसे से जुड़ी एक सबसे बड़ी पहेली ये है कि टक्कर के वक्त एक ट्रेन आखिर रेलवे ट्रैक पर रुकी हुई क्यों खड़ी थी. स्पेनिश स्टेट ब्रॉडकास्टर TVE के अनुसार, हादसे के समय एक ट्रेन ट्रैक पर स्थिर थी और दूसरी हाईस्पीड ट्रेन ने उसे पीछे या सामने से टक्कर मार दी. क्षेत्रीय सरकार की प्रवक्ता एस्थर पाडिला ने पुष्टि की है कि जांच एजेंसियां इस बात की कड़ियां जोड़ रही हैं कि ट्रेन क्यों रुकी थी और सिग्नल फेल होने के बाद ऑपरेटर ने क्या कदम उठाए. जब तक पूरी सीक्वेंस ऑफ इवेंट्स साफ नहीं होती, तब तक ऑपरेटर की गलती को ही मुख्य वजह माना जा रहा है.

कुछ ही महीनों में स्पेन में दूसरी बड़ी रेल त्रासदी : यूरोप में सबसे फैले और आधुनिक हाईस्पीड रेल नेटवर्क के लिए जाने जाने वाले स्पेन में रेल सुरक्षा पर अब गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं. कुछ ही महीनों के भीतर ये स्पेन का दूसरा बड़ा रेल हादसा है. इससे पहले जनवरी में दक्षिणी स्पेन में एक ट्रेन पटरी से उतरकर दूसरी ट्रेन से टकरा गई थी, जिसमें 45 लोगों की मौत हुई थी. उससे पहले 2013 में सैंटियागो डी कंपोस्टेला में हुए भीषण हादसे में 80 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी. बार-बार हो रहे इन हादसों ने स्पेन के रेल इंफ्रास्ट्रक्चर और सेफ्टी प्रोटोकॉल की पोल खोलकर रख दी है.

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