रिलायंस इंडस्ट्रीज की कंपनी Jio Platforms की लिस्टिंग के मौके पर ईशा अंबानी ने निवेशकों और ग्राहकों के नाम पावरफुल मैसेज दिया. उन्होंने कहा, जियो आपने बनाया. ईशा ने जियो की कामयाबी का श्रेय उन करोड़ों ग्राहकों को दिया, जिन्होंने इसे अपने घरों, दुकानों और जिंदगी का हिस्सा बनाया. उन्होंने अपने दादा धीरूभाई अंबानी के उस सपने को भी याद किया, जिसमें आम लोगों को भारत की तरक्की में हिस्सेदार बनाने की बात थी. ईशा ने निवेशकों से भरोसा बनाए रखने का वादा करते हुए कहा कि कंपनी ईमानदारी के साथ आगे बढ़ती रहेगी, क्योंकि यह तो बस शुरुआत है.
पढ़िए ईशा अंबानी की पूरी स्पीच हूबहू
आदरणीय कोकिला मम्मी, सम्मानित अतिथिगण, हमारे शेयरधारकों और मेरे प्यारे रिलायंस परिवार, नमस्कार.
कुछ शाम पहले, रात के खाने की मेज पर मेरे पिता, श्री मुकेशभाई अंबानी, साल 1977 के अपने दिनों को याद कर रहे थे. उस समय वह 20 साल के थे और रिलायंस के पहले पब्लिक ऑफरिंग पर काम कर रहे थे.
मेरे दादाजी, श्री धीरूभाई अंबानी ने रिलायंस को लोगों तक ले जाने का फैसला किया था. कुछ अमीर निवेशकों तक नहीं, बल्कि आम लोगों तक.
2.82 करोड़ रुपये जुटाए गए थे, 10 करोड़ रुपये के मूल्यांकन पर.
मेरे पिता मुस्कुराए और कहा कि वह कभी कल्पना भी नहीं कर सकते थे कि श्रीकृष्ण का आशीर्वाद इस सफर को इतनी दूर तक ले जाएगा और मेरे दादाजी को इस पर कितना गर्व होता.
यह ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन असंभव को संभव बनाने में लगा दिया. और आज भी वह इस बारे में उसी हैरानी और उत्साह के साथ बात करते हैं, जैसे पहली बार यह सब देख रहे हों.
वह आज भी ऐसे सपने देखते हैं, मानो उन्होंने अभी शुरुआत ही की हो.
मेरे दादाजी का मानना था कि इस देश में हर व्यक्ति, चाहे उसकी शुरुआत कितनी भी साधारण क्यों न हो, भारत की तरक्की में हिस्सेदार बनने का हकदार है. सिर्फ दर्शक बनकर नहीं, बल्कि मालिक बनकर. इसलिए उन्होंने आम परिवारों से उन पर भरोसा करने को कहा. लोगों ने अपनी बचत और अपने सपनों के साथ उन पर भरोसा किया.
करीब 50 साल बाद, वह भरोसा अब पूरा चक्र लगाकर वापस हमारे पास आया है.
मेरे दादाजी ने अपना सपना लोगों के हाथों में सौंपा था. आज आपने अपने भविष्य का एक हिस्सा हमारे हाथों में सौंपा है.
हर निवेशक का धन्यवाद. इस भरोसे के लिए कि हम मिलकर कुछ बड़ा बना सकते हैं, और इस सपने को आगे बढ़ाने के लिए हमारे साथ जुड़ने के लिए धन्यवाद.
हम इस भरोसे को कृतज्ञता, विनम्रता और कर्तव्य की गहरी भावना के साथ स्वीकार करते हैं.
जियो की नींव मेरे पिता के उन सिद्धांतों पर रखी गई है, जिनमें सबसे पहले ग्राहक के लिए वास्तविक मूल्य तैयार करना और उसके बाद मजबूत कमाई हासिल करना शामिल है. यही हमारा धर्म है.
इस साल जियो ने करीब 15.5 अरब डॉलर का राजस्व और लगभग 8 अरब डॉलर की वास्तविक कमाई हासिल की.
दुनिया में बहुत कम कंपनियां ऐसा कर पाई हैं, वह भी सिर्फ 10 साल की उम्र में.
लेकिन हर आंकड़े के पीछे एक ग्राहक है. और हर ग्राहक से मैं कहना चाहती हूं कि जियो आपने बनाया है. आपने खुले दिल से इसे अपने घरों, दुकानों, कक्षाओं और अपनी जिंदगी में जगह दी. इसके लिए हम आपके बहुत आभारी हैं.
और हर बड़े सपने के पीछे वे लोग होते हैं, जो उसे साकार करने में जुटे रहते हैं.
आकाश, इस सफर के 13 सालों में मुझे नहीं लगता कि तुम एक भी रात आधी रात से पहले घर आए हो. मुझे तुम्हारी बहन होने पर इससे ज्यादा गर्व नहीं हो सकता.
मनोज अंकल, आकाश और मैंने अपने करियर की शुरुआत आपसे मार्गदर्शन लेकर की थी. आपकी सीख और समझदारी के लिए धन्यवाद.
हमारी जियो टीम के सभी सदस्यों से, जिनमें से कई आज यहां मौजूद हैं, मैं कहना चाहती हूं कि आप हमारे पहले शिक्षक थे. आपने इस सपने को अपना सपना बनाया. आपके भरोसे और समर्पण ने इसे हकीकत में बदला.
आनंद, श्लोका और राधिका, आप हर खुशी को और बड़ा बना देते हैं और हर चुनौती को हल्का कर देते हैं.
मम्मा, आपकी ताकत और गरिमा हमारे परिवार और हमारे रिलायंस परिवार की जड़ें हैं. आप हमें उड़ान भरने के लिए पंख देती हैं.
और आखिर में, मेरे प्यारे पृथ्वी, आदिया, कृष्णा और वेदा, आप ही वह वजह हैं, जिसके कारण हम हर दिन खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करते हैं. आप सभी हमारी जिंदगी की रोशनी हैं.
और आज का दिन कोई अंतिम पड़ाव नहीं है. ऐसा बिल्कुल नहीं है. यह एक वादा है.
आकाश, अनंत और मैं अपने दादाजी के उस वादे को हर निवेशक और हर ग्राहक के लिए दोहराते हैं. हम ईमानदारी के साथ आपके भरोसे का सम्मान करेंगे और आगे भी निर्माण करते रहेंगे. क्योंकि मेरे दादाजी ने हमें सिखाया है कि विकास ही जीवन है.
और आखिर में, मेरे पिता, श्री मुकेशभाई अंबानी से मैं कुछ कहना चाहती हूं.
मेरे पिता ने बार-बार ऐसा भविष्य देखा है, जिसे दूसरे लोग उस समय देख भी नहीं पाए थे.
उन्होंने बार-बार वह सब बनाने का साहस दिखाया, जिसे दूसरे लोग असंभव कहते थे.
और बार-बार करोड़ों भारतीयों को उनकी सोच और उनके विजन में नई संभावनाएं और नई महत्वाकांक्षाएं मिली हैं.
अलग-अलग उद्योग, अलग-अलग दशक, लेकिन भारत में वही भरोसा और यह अटूट विश्वास कि हमारा सबसे अच्छा दौर अभी आना बाकी है.
और यह तो बस शुरुआत है.
पापा, हम सभी के प्यार और आभार के साथ मैं आपको धन्यवाद कहती हूं. आज हम यहां आपके कारण हैं.
देवियों और सज्जनों, कृपया इस ऐतिहासिक अवसर पर श्री मुकेश धीरूभाई अंबानी का सम्मान करने में हमारे साथ शामिल हों.
और अब, मुझे उस व्यक्ति को आमंत्रित करने का सौभाग्य मिला है, जिनके नेतृत्व को मैंने बेहद गर्व के साथ देखा है. मेरे भाई और जियो के प्रबंध निदेशक, आकाशभाई अंबानी.
धन्यवाद. जय हिंद!