अमेरिकियों को कंगाल करने वालों पर ED का शिकंजा, पटियाला से पुणे तक ताबड़तोड़ छापेमारी, 220 लोग रडार पर

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अमेरिकियों को कंगाल करने वालों पर ED का शिकंजा, पटियाला से पुणे तक छापेमारी

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अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाकर ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर नेटवर्क के खिलाफ ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है. 15 सितंबर 2026 को हैदराबाद जोनल ऑफिस की टीम ने पटियाला, पुणे और चंडीगढ़ में 4 ठिकानों पर सर्च की है. इस दौरान पटियाला में 2 और पुणे में 1 लाइव कॉल सेंटर मिले, जहां करीब 220 लोग काम करते पाए गए. ईडी ने 66 मोबाइल फोन, 13 लैपटॉप, हार्ड डिस्क, कम्युनिकेशन डिवाइस, नकदी और अहम दस्तावेज जब्त किए हैं. एजेंसी अब कॉलिंग कैंपेन, वीओआईपी सिस्टम, पेमेंट चैनल और ठगी की रकम के फंड फ्लो की जांच कर रही है.

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पटियाला और पुणे में अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाने वाले फर्जी कॉल सेंटरों के खिलाफ ईडी ने कार्रवाई की है.

ED News. अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाकर चलाए जा रहे फर्जी कॉल सेंटर नेटवर्क के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है. ईडी की हैदराबाद जोनल ऑफिस की टीम ने 15 सितंबर 2026 को पटियाला, पुणे और चंडीगढ़ में कुल 4 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया. यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में पीएमएलए की धारा 17 के तहत की गई. जांच के दौरान पटियाला और पुणे में 3 ऐसे कॉल सेंटर मिले, जो सर्च के वक्त भी ऑपरेशनल थे. इन सेंटरों में करीब 220 लोग काम करते हुए मिले.

जानकारी के अनुसार, ईडी को जांच और फील्ड वेरिफिकेशन के दौरान ऐसे ग्रुप के बारे में जानकारी मिली थी, जो दूसरे लोगों के साथ मिलकर पटियाला और पुणे में फर्जी कॉल सेंटर चला रहा था. इसी इनपुट के आधार पर एजेंसी ने चार ठिकानों पर एक साथ सर्च की. सर्च के दौरान पटियाला में 2 और पुणे में 1 कॉल सेंटर लाइव मिले. यहां बड़ी संख्या में वर्कस्टेशन और क्यूबिकल बनाए गए थे. कंप्यूटर, हेडसेट, मोबाइल फोन और नेटवर्किंग से जुड़े इक्‍यूपमेंट का इस्तेमाल किया जा रहा था. करीब 220 लोग इन जगहों पर काम करते मिले. अब ईडी इन सभी लोगों की पहचान, उनकी भूमिका और कॉल सेंटर के अंदर उनके रिपोर्टिंग स्ट्रक्चर की जांच कर रही है.

  1. अमेरिकी नागरिकों को फोन कर ठगी का आरोप: ईडी के अनुसार, इन कॉल सेंटरों से अमेरिकी नागरिकों को फोन किए जाते थे. आरोप है कि कॉल करने वाले लोगों को अलग-अलग झूठे बहाने बताए जाते थे और उन्हें पैसे जमा करने के लिए तैयार किया जाता था. पटियाला में मिले दोनों कॉल सेंटरों से अमेरिकी नागरिकों के साथ ठगी और उन्हें एक्सटॉर्ट करने से जुड़े अहम सबूत मिले हैं. सर्च के दौरान बरामद मोबाइल फोन और एक लैपटॉप में इस सिंडिकेट के काम करने के तरीके से जुड़ा डेटा मिला. इसमें पीड़ितों से हासिल रकम से संबंधित जानकारी भी शामिल है.
  2. पुणे में भी मिला इसी तरह की मॉरस ऑपरेंडी: ईडी को पुणे के कॉल सेंटर से भी अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाने वाले इसी तरह के कामकाज के सबूत मिले हैं. एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि पटियाला और पुणे में चल रहे कॉल सेंटरों के बीच क्या कनेक्शन था. जांच में यह भी देखा जा रहा है कि दोनों जगहों को कौन लोग मैनेज कर रहे थे, कॉलिंग का सिस्टम कहां से ऑपरेट होता था और ठगी से हासिल रकम किस रास्ते से आगे भेजी जाती थी.
  3. मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश में ईडी: ईडी ने चंडीगढ़ के एक रेजिडेंशियल परिसर की भी तलाशी ली. एजेंसी के मुताबिक, इस जगह का इस्तेमाल पटियाला के कॉल सेंटरों के ऑपरेशन और कंट्रोल से जुड़े मास्टरमाइंड द्वारा किया जा रहा था. यहां से कॉल सेंटर के ऑपरेशन से संबंधित डेटा रखने वाले कई डिजिटल डिवाइस बरामद किए गए. जांच एजेंसी को इस परिसर से एक ऐसे व्यक्ति के बारे में भी जानकारी मिली, जो अमेरिकी डॉलर में हासिल रकम को भारतीय रुपये में बदलने और उसे प्रोसेस करने से जुड़े काम में शामिल था. ईडी अब उसकी भूमिका और संबंधित फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है.
  4. 66 मोबाइल और 13 लैपटॉप जब्त: सर्च ऑपरेशन के दौरान ED ने बड़ी मात्रा में डिजिटल डिवाइस और दूसरे सामान जब्त किए हैं. इनमें 66 मोबाइल फोन, 13 लैपटॉप, हार्ड डिस्क, दूसरे कम्युनिकेशन उपकरण, नकदी, अहम रिकॉर्ड और दस्तावेज शामिल हैं. एजेंसी अब इन सभी डिजिटल एविडेंस की फोरेंसिक और विस्तृत जांच कर रही है. खास तौर पर यह पता लगाने की कोशिश है कि कॉल सेंटर में किस तरह की कॉल स्क्रिप्ट इस्तेमाल होती थी और अमेरिकी नागरिकों तक पहुंचने के लिए कौन से डायलर या वीओआईपी (VoIP) सिस्टम इस्तेमाल किए जाते थे.

कॉलिंग से लेकर मनी ट्रेल तक जांच
ईडी की जांच अब सिर्फ कॉल सेंटर चलाने वालों तक सीमित नहीं है. एजेंसी कॉलिंग कैंपेन, कॉल स्क्रिप्ट, डायलर और वीओआईपी सिस्टम, संभावित पीड़ितों का डेटा, पेमेंट चैनल और कॉल सेंटर को मैनेज करने वाले लोगों की भूमिका की जांच कर रही है. इसके साथ ही अपराध से हासिल रकम के पूरे फंड फ्लो को ट्रेस करने की कोशिश भी की जा रही है. बरामद डिजिटल डेटा से अलग-अलग ठिकानों के बीच लिंक, ऑपरेशन का पूरा तरीका और इसमें शामिल लोगों की पहचान करने की कोशिश हो रही है. फिलहाल ईडी ने मामले में आगे की जांच जारी रखी है.



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