BJP से बगावत, निर्दलीय चुनाव लड़कर हासिल की जीत, राहुल राज बोले- शिक्षकों के हक की लड़ाई लड़ूंगा


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Saran MLC Chunav Result: सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी राहुल राज ने जीत दर्ज की है. दूसरी वरीयता के मतों की गिनती के बाद उन्होंने 1,815 वोटों से चुनाव जीत लिया. जीत के बाद सारण के आयुक्त ने उन्हें प्रमाणपत्र सौंपा. इसके बाद समर्थकों और कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई.

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BJP से बगावत, निर्दलीय चुनाव लड़कर राहुल राज ने हासिल की जीतZoom

सारण शिक्षक निर्वाचन सीट से निर्दलीय प्रत्याशी राहुल राज ने जीत हासिल की है.

छपराः बिहार विधान परिषद चुनाव की मतगणना जारी है. इसी बीच सारण की शिक्षक निर्वाचन सीट के नतीजे आ गए. यहां बीजेपी से बगावत करने वाले कैंडिडेट ने निर्दलीय चुनाव लड़कर जीत हासिल की. चुनाव जीतने के बाद राहुल राज ने शिक्षकों का आभार जताया. उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा शिक्षकों की राजनीति की है. शिक्षकों ने उन्हें अपना समर्थन दिया. इसके लिए वह सभी शिक्षकों का शुक्रिया अदा करते हैं. उन्होंने भरोसा दिलाया कि शिक्षकों की लंबित मांगों को विधान परिषद में उठाएंगे. सातवें वेतनमान के लिए उनकी लड़ाई भी जारी रहेगी.

बीजेपी से बगावत कर निर्दलीय मैदान में उतरे
राहुल राज की जीत इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि वह बीजेपी से टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में उतरे थे. पार्टी ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की थी. इसके बावजूद उन्होंने चुनाव में जीत हासिल की और राजनीतिक दिग्गजों को चौंका दिया. मतगणना के दौरान पहली वरीयता के मतों में बढ़त बनाने के बाद राहुल राज ने दूसरी वरीयता के मतों की गिनती में भी बढ़त कायम रखी. उन्हें कुल 4,965 वोट मिले. वहीं, एनडीए समर्थित आनंद पुष्कर को 3,150, जन सुराज के आफाक अहमद को 2,454 और आरजेडी के जयराम यादव को 1,708 वोट मिले.

निर्दलीय प्रत्याशियों की पकड़ फिर चर्चा में
सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में निर्दलीय प्रत्याशियों का प्रदर्शन पहले भी चर्चा में रहा है. साल 2023 के उपचुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी आफाक अहमद ने जीत दर्ज की थी. उस चुनाव में भी दूसरी वरीयता के मतों की अहम भूमिका रही थी. अब 2026 के चुनाव में राहुल राज की जीत ने एक बार फिर शिक्षक मतदाताओं के बीच निर्दलीय प्रत्याशियों की पकड़ को चर्चा में ला दिया है. चुनाव में सातवें वेतनमान समेत शिक्षकों की लंबित मांगें प्रमुख मुद्दों में शामिल रहीं. राहुल राज ने जीत के बाद साफ किया कि वह इन मांगों को लेकर अपनी आवाज उठाते रहेंगे. अब शिक्षकों की उम्मीदों पर वह कितना खरा उतरते हैं, इस पर नजर रहेगी.



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