हिमाचल के नालागढ़ से BJP के पूर्व विधायक केएल ठाकुर के बेटे पर FIR दर्ज, 100 करोड़ के खनन घोटाले के आरोप, मचा हड़कंप

हिमाचल के नालागढ़ से BJP के पूर्व विधायक केएल ठाकुर के बेटे पर FIR दर्ज, 100 करोड़ के खनन घोटाले के आरोप, मचा हड़कंप


नालागढ़.  हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले की नालागढ़ विधानसभा से पूर्व भाजपा विधायक के बेटे के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है. 100 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोप लगाए गए हैं. नालागढ़ के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में कांग्रेस विधायक बावा हरदीप सिंह ने अवैध खनन और निर्माण सामग्री की आपूर्ति में कथित अनियमितताओं का मामला उठाया और भाजपा के पूर्व विधायक कृष्ण लाल ठाकुर और उनके बेटे अंचित ठाकुर से जुड़े ठाकुर स्टोन क्रशर पर गंभीर आरोप लगाए.

विधायक के अनुसार, मुख्यमंत्री के संज्ञान में मामला लाए जाने के बाद जांच करवाई गई, जिसके बाद आरोपी अंचित ठाकुर के खिलाफ पुलिस थाना नालागढ़ में एफआईआर  दर्ज की गई.

कांग्रेस नेता और  आरटीआई एक्टिविस्ट मोहन शर्मा ने बताया कि उन्होंने आरटीआई के माध्यम से छह पुलों के निर्माण में इस्तेमाल सामग्री से संबंधित दस्तावेज हासिल किए हैं और करीब 2,516 ट्रांजिट फॉर्म में से लगभग 2,418 फॉर्म की ऑनलाइन जांच करने पर रिकॉर्ड नहीं मिला. उन्होंने आरोप लगाया कि इन दस्तावेजों की वैधता पर सवाल उठते हैं और मामले में सरकारी राजस्व को नुकसान होने की आशंका है.

विधायक बावा हरदीप सिंह ने कहा कि केस  दर्ज होने के बाद आरोपी अंचित ठाकुर ने जमानत के लिए आवेदन किया है. उन्होंने मांग की कि मामले की विस्तृत जांच कर यह पता लगाया जाए कि निर्माण कार्यों में कितनी सामग्री इस्तेमाल हुई, उसका स्रोत क्या था और रॉयल्टी का भुगतान नियमानुसार किया गया या नहीं.

मोहन शर्मा ने दावा किया कि खनन कानून और पर्यावरणीय नियमों के तहत संभावित जुर्माने एवं अन्य देनदारियों को मिलाकर राशि 100 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है.

विधायक और मोहन शर्मा ने सरकार तथा संबंधित विभागों से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की. हालांकि, कथित फर्जी ट्रांजिट फॉर्म, संभावित जुर्माने और अन्य आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच एवं कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी.

पूर्व विधायक का पक्ष क्या है

पूर्व विधायक केएल ठाकुर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि बीजेपी की बढ़ती लोकप्रियता और जनता के बढ़ते विश्वास के बीच मौजूदा विधायक एवं उनके कथित उगाही करने वाले गिरोह से जुड़े सहयोगियों की प्रेस कॉन्फ्रेंस राजनीतिक हताशा और बौखलाहट का परिणाम प्रतीत होती है.  हमारे बेटे को बदनाम करने के उद्देश्य से लगाए गए आरोपों और उनके संबंध में प्रस्तुत किए गए तथ्यों पर हमें अपना पक्ष रखने का पूरा विश्वास है. किसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बार-बार आरोप दोहराने से कोई बात सत्य नहीं हो जाती. सत्य का निर्धारण तथ्यों, प्रमाणों और निष्पक्ष न्यायिक प्रक्रिया से होता है.  हमारा न्याय व्यवस्था पर पूर्ण विश्वास है. हमारे बेटे के विरुद्ध दर्ज एफआईआर और लगाए गए आरोपों का उचित कानूनी मंच पर तथ्यों एवं प्रमाणों के साथ जवाब दिया जाएगा. यदि हमारी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने के लिए झूठे या भ्रामक आरोप लगाए गए हैं, तो मानहानि सहित उचित कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी.

पूर्व विधायक ने कहा कि  हम किसी भी प्रकार की राजनीतिक बयानबाज़ी से भयभीत या विचलित होने वाले नहीं हैं. हमें विश्वास है कि समय के साथ तथ्य सामने आएँगे और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से सच्चाई स्पष्ट होगी.   30 तारीख को होने वाला हमारा महत्वपूर्ण कार्यक्रम हमारी प्राथमिकता है. हम सभी कार्यकर्ताओं, समर्थकों और क्षेत्र की जनता से विनम्र अपील करते हैं कि वे ऐसी प्रेस कॉन्फ्रेंस और राजनीतिक विवादों से अपना ध्यान न भटकाएँ.



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