दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के निर्णायक मुकाबले के पहले दिन जब मेजबान टीम ने बेहतरीन शुरुआत करते हुए बिना किसी नुकसान के 158 रन बना लिए थे, तब ऐसा लग रहा था कि ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज पूरी तरह लाचार हो चुके हैं. ऐसे मुश्किल समय में गेंदबाजी की कमान संभालते हुए बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क (Mitchell Starc) ने अपनी रफ्तार और स्विंग का जादू दिखाया और दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजी क्रम को तहस-नहस कर दिया.
पहले दिन के खेल में स्टार्क ने धारदार गेंदबाजी करते हुए 16 ओवर से अधिक गेंदबाजी की और मात्र 72 रन खर्च करके 6 महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए. स्टार्क के इस घातक आक्रमण का ही नतीजा था कि एक समय विशाल स्कोर की ओर बढ़ रही दक्षिण अफ्रीकी टीम अंततः मात्र 328 रनों पर सिमट गई.
इस शानदार प्रदर्शन के साथ ही मिचेल स्टार्क ने अपने टेस्ट करियर में एक और मील का पत्थर छू लिया. यह उनके टेस्ट करियर का 20वां पांच विकेट हॉल था. अपने 110वें टेस्ट मैच में खेलते हुए उन्होंने यह साबित कर दिया कि उम्र बढ़ने के साथ उनकी गेंदबाजी और अधिक पैनी होती जा रही है.
अपने इस शानदार स्पेल के दम पर स्टार्क ने क्रिकेट इतिहास के सबसे खास और प्रतिष्ठित बाएं हाथ के गेंदबाजों के क्लब में अपनी जगह पक्की कर ली है. टेस्ट क्रिकेट में 20 या उससे अधिक पांच विकेट लेने वाले वह दुनिया के चुनिंदा बाएं हाथ के गेंदबाजों में शामिल हो गए हैं, जिसमें रंगना हेराथ, वसीम अकरम और डेनियल विटोरी जैसे महान नाम शामिल हैं.
बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों की बात करें तो मिशेल स्टार्क अब टेस्ट इतिहास में 20 पांच विकेट हॉल पूरा करने वाले दुनिया के केवल चौथे बाएं हाथ के गेंदबाज और केवल दूसरे तेज गेंदबाज बन गए हैं. इस विशिष्ट सूची में वह पाकिस्तान के सर्वकालिक महान तेज गेंदबाज वसीम अकरम (25 विकेट हॉल) के बाद दूसरे स्थान पर काबिज हैं.
इस मुकाबले से पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मौजूदा अवे सीरीज के शुरुआती दो टेस्ट मैचों में स्टार्क का प्रदर्शन साधारण रहा था और वह केवल छह विकेट ही ले पाए थे. लेकिन सीरीज के सबसे अहम और निर्णायक मैच के पहले ही दिन उन्होंने केवल एक पारी में छह विकेट झटककर आलोचकों को करारा जवाब दिया और अपनी फॉर्म का लोहा मनवाया.
स्टार्क की यह सफलता कोई तुक्का नहीं है, बल्कि उनकी निरंतरता का प्रमाण है. वह अब अपनी पिछली लगातार चार टेस्ट सीरीज में कम से कम एक पांच विकेट हॉल ले चुके हैं. इस शानदार सिलसिले में इस साल की शुरुआत में इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई घरेलू एशेज सीरीज के दौरान लिए गए दो पांच विकेट हॉल भी शामिल हैं.
मात्र अपनी पिछली 24 टेस्ट पारियों में 70 विकेट झटकने वाले इस अनुभवी ऑस्ट्रेलियाई योद्धा ने यह साबित कर दिया है कि मॉडर्न क्रिकेट में वह आज भी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों में क्यों गिने जाते हैं, उम्र बढ़ने के साथ उनकी गेंदबाजी का अनुभव और आक्रामकता और अधिक खतरनाक हो गई है.
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ इस ऐतिहासिक प्रदर्शन ने आईसीसी टेस्ट गेंदबाजी रैंकिंग में नंबर एक गेंदबाज के रूप में स्टार्क के रुतबे को और अधिक मजबूत कर दिया है. अपनी कातिलाना गेंदबाजी के दम पर उन्होंने मैच का रुख पलट दिया और यह दिखा दिया कि क्यों उन्हें आज के दौर का ‘स्पीड डिमन’ कहा जाता है.