दिल्ली के इस मंदिर में भोलेनाथ का होता है अन्नाभिषेक, गर्मागर्म चावल से ढक दी जाती है शिवलिंग

दिल्ली के इस मंदिर में भोलेनाथ का होता है अन्नाभिषेक, गर्मागर्म चावल से ढक दी जाती है शिवलिंग


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दिल्ली के इस मंदिर में होता है अन्नाभिषेक, गर्म चावल से ढकती है शिवलिंग

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दिल्ली के एक मंदिर में अनोखी परंपरा निभाई जाती है. यहां भगवान शिव का ‘अन्नाभिषेक’ किया जाता है. इसमें पूरी शिवलिंग को गर्मागर्म पके हुए चावलों से ढक दिया जाता है. इस विधि से पूजा करने पर घर में सुख-समृद्धि और अन्न की कभी कमी नहीं होती है.

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नई दिल्लीः दिल्ली एनसीआर में स्थित श्री वरसिद्धि विनायक मंदिर की मान्यता बेहद अनोखी है. इस मंदिर में भगवान गणेश का श्रृंगार जितना अद्भुत होता है उतना ही भोलेनाथ का श्रृंगार भी मनमोहक होता है. यहां पर पिछले 30 वर्षों से एक अनोखी परंपरा भी चल रही है. जिसमें भोलेनाथ पर पके हुए चावलों को डाला जाता है. कई किलो चावल बनाया जाता है. उसके बाद गर्म- गर्म चावल से पूरी शिवलिंग को ढक दिया जाता है. फिर उसी चावल को दान में दिया जाता है. चावल का प्रसाद भी बांटा जाता है. इस साल 25 अक्टूबर को भी मंदिर में कुछ ऐसा ही नजारा देखने के लिए मिला. यह नजारा देखकर हर कोई हैरान हो गया. ज्यादातर लोगों ने ऐसा श्रृंगार पहली बार देखा था. यही वजह है कि हर किसी के दिल में एक ही सवाल था कि आखिर पके हुए चावलों से भोलेनाथ का श्रृंगार क्यों किया जाता है. आखिर क्या है यह परंपरा चलिए आपको बताते हैं.

क्या है अन्नाभिषेक?
इस मंदिर के पुजारी ने बताया कि भोलेनाथ को पके हुए चावल चढ़ाकर जो अभिषेक किया जाता है, उसे ‘अन्नाभिषेक’ (अन्न अभिषेकम) कहते हैं. यह भगवान शिव की पूजा की एक विशेष विधि है. इसमें शिवलिंग को पके हुए चावल से ढककर पूजा की जाती है. आखिर अन्नाभिषेक क्या है और क्यों किया जाता है यह सवाल पूछने पर उन्होंने बताया कि अन्न को भगवान का प्रसाद और जीवन का आधार माना जाता है. मान्यता है कि भगवान शिव को अन्नाभिषेक करने से घर में सुख-समृद्धि और अन्न की कमी न होने का आशीर्वाद मिलता है. यह पूजा परिवार की खुशहाली और संसार के कल्याण की भावना से भी की जाती है. भक्त अपनी श्रद्धा से यह पूजा करते हैं.

इस विधि से होता है श्रृंगार
मंदिर के पुजारी ने बताया कि भोलेनाथ के इस अनोखे अभिषेक को करने के लिए सबसे पहले शिवलिंग का जल, दूध आदि से अभिषेक किया जाता है. इसके बाद पके हुए चावल से शिवलिंग को ढक दिया जाता है. मंत्रों और शिवजी की पूजा के साथ आराधना की जाती है. पूजा के बाद मंदिर की परंपरा के अनुसार अन्न को प्रसाद के रूप में वितरित किया जा सकता है. उन्होंने बताया कि दक्षिण भारत के कई शिव मंदिरों में अन्नाभिषेक की विशेष परंपरा है. तमिल पंचांग के अनुसार ऐश्वर्य और अन्न-समृद्धि की कामना से ऐप्पसी महीने की पूर्णिमा पर यह पूजा विशेष रूप से की जाती है. हालांकि, अलग-अलग मंदिरों में इसकी तिथि और विधि अलग हो सकती है.



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