US-Cuba Clash in UN: अखाड़ा बन गया UN, अमेरिका-क्यूबा के प्रतिनिधि भिड़े, बीच-बचाव की आई नौबत


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Cuba-US Clash in UN: यूनाइटेड नेशंस में क्यूबा और अमेरिका के बीच तीखी बहस हो गई. अमेरिका के दूत ने अपना आपा खोते हुए क्यूबा के मंत्री पर भड़कना शुरू कर दिया लेकिन वे भी चुप नहीं रहे. स्थिति ये हुई कि बीच-बचाव के लिए अधिकारियों को उतरना पड़ा.

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अखाड़ा बन गया UN, अमेरिका-क्यूबा के प्रतिनिधि भिड़े, बीच-बचाव की नौबतZoom

क्यूबा-अमेरिका के प्रतिनिधियों में तीखी बहस.

Cuba-US Clash in UN: संयुक्त राष्ट्र महासभा में मंगलवार को अमेरिका और क्यूबा के बीच तीखी बहस ने उस समय हंगामे का रूप ले लिया, जब दोनों देशों के प्रतिनिधि एक-दूसरे के सामने आ गए. क्यूबा पर दशकों से लगाए गए अमेरिकी आर्थिक और व्यापारिक प्रतिबंधों को खत्म करने के प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि कार्यवाही कुछ समय के लिए रोकनी पड़ी.

यह टकराव ऐसे समय हुआ है, जब अमेरिका और क्यूबा के बीच पहले से ही तनाव बना हुआ है. क्यूबा ने अमेरिका पर आर्थिक दबाव बढ़ाने और दूसरे देशों को उसके खिलाफ मतदान करने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है. विवाद की शुरुआत उस समय हुई, जब संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वॉल्ट्ज क्यूबा की कम्युनिस्ट सरकार पर दमन और भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे थे. इसी दौरान क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज पैरिला पोडियम के पास पहुंचे अमेरिकी प्रतिनिधि को रोकने की मांग की.

‘यह संयुक्त राष्ट्र है, आपकी तानाशाही नहीं’

क्यूबन मंत्री के पोडियम के पास पहुंचते ही वॉल्ट्ज भड़क गए. उन्होंने क्यूबा के विदेश मंत्री से कहा- ‘यह संयुक्त राष्ट्र है, आपकी कम्युनिस्ट तानाशाही नहीं. आप मुझे चुप नहीं करा सकते.’ वॉल्ट्ज ने क्यूबा के मंत्री और उनके प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को पीछे हटने के लिए कहा. उन्होंने तीखे अंदाज में यह भी कहा कि ‘आप जानते हैं कि आप किससे बात कर रहे हैं? यह अमेरिका है, पीछे हटिए.’ दोनों पक्षों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए सत्र की अध्यक्षता कर रहे अधिकारी ने कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित कर दी. दोनों प्रतिनिधिमंडलों को अपनी-अपनी जगह लौटने का निर्देश दिया गया.

क्यूबा के विदेश मंत्री भी भड़के 

क्यूबा के विदेश मंत्री ने अमेरिका पर संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों को प्रभावित करने के लिए बड़ा अभियान चलाने का आरोप लगाया. उनका दावा था कि अमेरिका प्रस्ताव के खिलाफ मतदान कराने के लिए दूसरे देशों को वीजा प्रतिबंधों और आर्थिक प्रतिबंधों की धमकी दे रहा है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रस्ताव का विरोध करने वाले देशों की सरकारों के विरोधियों को समर्थन देने की बात कही जा रही है. वहीं अमेरिकी राजदूत वॉल्ट्ज ने संयुक्त राष्ट्र के सदस्यों से क्यूबा के पक्ष में पेश किए गए प्रस्ताव को खारिज करने की अपील की.

क्यों क्यूबा-अमेरिका के बीच तनाव?

  • क्यूबा 1992 से हर साल संयुक्त राष्ट्र महासभा में अमेरिकी प्रतिबंधों को समाप्त करने की मांग वाला प्रस्ताव पेश करता रहा है. यह प्रस्ताव कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है लेकिन इसे आम तौर पर अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिलता रहा है.
  • पिछले साल इस प्रस्ताव के पक्ष में 165 देशों ने मतदान किया था, जबकि 7 देशों ने विरोध किया और 12 देश मतदान से दूर रहे. पिछले दो दशकों में प्रस्ताव को मिलने वाला यह सबसे कमजोर समर्थन था.
  • अमेरिकी प्रतिबंधों और तेल आपूर्ति पर दबाव के कारण क्यूबा की आर्थिक मुश्किलें और बढ़ी हैं. ऐसे में दोनों देशों के बीच यह टकराव केवल जुबानी बहस नहीं, बल्कि संघर्ष का हिस्सा है.



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