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Asaram Bapu Jail News: जोधपुर में नाबालिग से दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम को 20 दिन की पैरोल खत्म होने के बाद 27 अक्टूबर 2026 शाम 5 बजे तक सरेंडर करना था. तय समय पर न पहुँचने के कारण जोधपुर सेंट्रल जेल प्रशासन ने देर रात उनके लिए जेल के दरवाजे बंद रखे. जेल अधीक्षक प्रमोद सिंह ने इसकी पुष्टि की. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने भी मेडिकल आधार पर पैरोल बढ़ाने की याचिका खारिज कर दी थी और साफ किया कि सरेंडर के बाद ही सजा की अपील पर सुनवाई होगी.
समय पर सरेंडर न करने पर जोधपुर जेल प्रशासन ने आसाराम को रोका
जोधपुर: जोधपुर के चर्चित यौन शोषण और नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम एक बार फिर से भारी सुर्खियों में हैं. 20 दिन की पैरोल अवधि समाप्त होने के बाद निर्धारित समय पर जोधपुर सेंट्रल जेल नहीं पहुँच पाने के कारण जेल प्रशासन ने आसाराम को जेल में प्रवेश देने से साफ इनकार कर दिया. पैरोल खत्म होने पर एयरपोर्ट से सीधे सेंट्रल जेल के बाहर पहुँचे आसाराम के लिए रात होने की वजह से जेल के मुख्य दरवाजे बंद ही रखे गए. इस पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि जेल अधीक्षक प्रमोद सिंह ने की है.
उल्लेखनीय है कि आसाराम को अपनी 20 दिन की पैरोल अवधि समाप्त होने के बाद 27 अक्टूबर 2026 को शाम 5 बजे तक जोधपुर सेंट्रल जेल में आत्मसमर्पण (सरेंडर) करना था. आसाराम की यह 20 दिन की पैरोल अवधि 27 अक्टूबर 2026 को पूरी हो रही थी. समय सीमा बीत जाने और देर रात जेल पहुँचने के कारण जेल नियमों के तहत उन्हें अंदर प्रवेश नहीं दिया गया.
सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत, पैरोल बढ़ाने की याचिका खारिज
समय सीमा में राहत पाने के लिए आसाराम के वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख भी किया था. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने चिकित्सा आधार (Medical Ground) पर राहत देने या पैरोल की अवधि को आगे बढ़ाने की मांग वाली याचिका को पूरी तरह से खारिज कर दिया. शीर्ष अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि 27 अक्टूबर शाम 5 बजे तक जोधपुर जेल में सरेंडर करना अनिवार्य है. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया कि सरेंडर करने के बाद ही उनकी सजा के खिलाफ दायर अपील पर आगे सुनवाई की जाएगी.
नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आजीवन कारावास की सजा
पूरे मामले की पृष्ठभूमि की बात करें तो आसाराम को नाबालिग से दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न के गंभीर मामले में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई गई थी. वे पिछले लंबे समय से जोधपुर सेंट्रल जेल में सजा काट रहे थे. हाल ही में उन्हें स्वास्थ्य संबंधी कारणों (Medical Grounds) के आधार पर 20 दिनों की अंतरिम पैरोल प्रदान की गई थी. पैरोल की अवधि खत्म होने पर समय पर न पहुँचने और सुप्रीम कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद अब आसाराम की मुश्किलें फिर से बढ़ गई हैं.