Last Updated:
Shillong–Silchar Highway : मेघालय और असम की सीमाओं को जोड़ने वाला यह शिलांग–सिलचर 4-लेन कॉरिडोर कुल 166 किलोमीटर लंबा होगा. इस प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा 144 किलोमीटर हिस्सा मेघालय से होकर गुजरेगा, जबकि शेष 22 किलोमीटर हिस्सा असम की सीमा में तैयार होगा.
अप्रैल 2025 में केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने के बाद अब इस मेगा प्रोजेक्ट का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. (Photo : AI)
नई दिल्ली. बादलों के घर मेघालय के झरने देखने हों, चेरापूंजी की हरी-भरी वादियों में घूमना हो या फिर असम के काजीरंगा में एक सींग वाले गैंडे का दीदार करना हो, पूर्वोत्तर (North East) की सैर करने वाले पर्यटकों के लिए एक अच्छी खबर है. केंद्र सरकार मेघालय और असम के खूबसूरत पहाड़ों और जंगलों के बीच एक नया 4-लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर तैयार कर रही है. करीब ₹22,864 करोड़ की लागत से बनने वाला यह हाईवे पूर्वोत्तर के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच को आसान तो बनाएगा साथ ही स्थानीय व्यापार को नई ऊंचाइयां देगा.
मेघालय और असम की सीमाओं को जोड़ने वाला यह शिलांग–सिलचर 4-लेन कॉरिडोर कुल 166 किलोमीटर लंबा होगा. इस प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा 144 किलोमीटर हिस्सा मेघालय से होकर गुजरेगा, जबकि शेष 22 किलोमीटर हिस्सा असम की सीमा में तैयार होगा.
शिलांग–सिलचर हाईवे रूट
यह शिलांग के पास मावल्यंगखुंग (Mawlyngkhung) से शुरू होकर असम में सिलचर के पास स्थित पंचग्राम (Panchgram) तक जाएगा. यह मार्ग मेघालय के री भोई, ईस्ट खासी हिल्स, वेस्ट जयंतिया हिल्स और ईस्ट जयंतिया हिल्स से गुजरते हुए असम के कछार जिले में प्रवेश करेगा. इस नए ग्रीनफील्ड हाईवे के शुरू होने से वर्तमान में भारी ट्रैफिक झेल रहे पुराने NH-06 पर गाड़ियों का दबाव पूरी तरह खत्म हो जाएगा. रास्ते में यह हाईवे एनएच-27, एनएच-106, एनएच-206 और एनएच-37 से भी कनेक्ट करेगा.
शिलॉन्ग, चेरापूंजी से काजीरंगा तक सीधी और तेज कनेक्टिविटी
पर्यटकों के लिए यह नया रास्ता किसी वरदान से कम नहीं होगा. अब तक असम और मेघालय के पहाड़ी और घुमावदार रास्तों पर संकरी सड़कों और जाम के चलते सफर काफी लंबा खिंच जाता था. इस नए 4-लेन एक्सप्रेसवे के बन जाने के बाद गुवाहाटी और सिलचर के बीच की दूरी और समय दोनों में भारी कमी आएगी.
गुवाहाटी या काजीरंगा नेशनल पार्क (NH-27 और NH-37 के रास्ते) घूमने आने वाले सैलानी बेहद कम समय में मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग और दुनिया भर में मशहूर चेरापूंजी तक बिना किसी रुकावट के पहुंच सकेंगे. इसके अलावा बराक घाटी, त्रिपुरा, मिजोरम और मणिपुर जाने वाले यात्रियों को भी इससे फायदा होगा.
₹4,919 करोड़ के पैकेज पर बड़ा अपडेट
अप्रैल 2025 में केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने के बाद अब इस मेगा प्रोजेक्ट का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. एनकेसी प्रोजेक्ट्स लिमिटेड शिलांग–सिलचर 4-लेन दो मुख्य हिस्सों के निर्माण के लिए सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी बनकर उभरी है. इसमें पहला हिस्सा 45 किमी का है और दूसरा 32 किमी का हिस्सा है.