Last Updated:
Mahoba News: महोबा में 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मौत के बाद बैंक पर गंभीर आरोप लगे हैं. परिजनों का दावा है कि खाते में 13.45 लाख रुपये जमा होने के बावजूद इलाज के लिए पैसे नहीं मिले. वहीं बैंक प्रबंधक ने आरोपों को खारिज करते हुए 50 हजार रुपये देने की बात कही है.
महोबा में इलाज की कमी के चलते बुजुर्ग महिला की मौत.
महोबाः उत्तर प्रदेश के महोबा जिले की सदर तहसील के अलीपुरा गांव में 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मौत के बाद बैंक में जमा उनकी जिंदगी भर की कमाई को लेकर सवाल खड़े हुए हैं. परिजनों का आरोप है कि इलाज के लिए रकम निकालने की कोशिश के बावजूद उन्हें पैसे नहीं मिले, जिससे उचित इलाज नहीं हो सका. वहीं बैंक प्रबंधक ने आरोपों को गलत बताते हुए मानवीय आधार पर 50 हजार रुपये देने की बात कही है. महोबा की सदर तहसील के अलीपुरा गांव में 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला मररी की मौत के बाद उनके बैंक खाते में जमा रकम को लेकर विवाद सामने आया है.
इलाज के लिए जरुरी था पैसा
महिला के पति की पहले ही मौत हो चुकी थी और उनकी कोई संतान नहीं थी. परिजनों के मुताबिक महिला शुगर और सांस की बीमारी से पीड़ित थीं. बीमारी के दौरान गिरने से उनका हाथ भी टूट गया था. मृतका की रिश्तेदार नीतू का आरोप है कि इलाज के लिए पैसों की जरूरत थी. परिवार के लोग महिला के खाते से रकम निकालने के लिए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की महोबा शाखा में तीन बार गए. आरोप है कि बैंक प्रबंधन ने यह कहते हुए रकम निकालने से मना कर दिया कि महिला के स्वस्थ होने और बोलने-समझने की स्थिति में आने के बाद ही पैसा निकाला जाएगा.
खाते में जमा था 13 लाख से अधिक रुपये
परिजनों के मुताबिक महिला का इलाज सरकारी अस्पताल, बांदा मेडिकल कॉलेज और निजी अस्पताल में कराया गया, लेकिन सोमवार को उनकी मौत हो गई और अंतिम संस्कार कर दिया गया. परिजनों के अनुसार महिला के खाते में 13 लाख 45 हजार 44 रुपये जमा है.
बैंक वालों ने केवल दिए 50000 रुपये
वहीं बैंक शाखा प्रबंधक रामकृष्ण शर्मा ने मंगलवार शाम पांच बजे आरोपों को बेबुनियाद बताया. उनका कहना है कि 22 अक्टूबर को महिला को बैंक लाया गया था. उनकी हालत को देखते हुए वीडियो रिकॉर्डिंग और गवाहों की मौजूदगी में इलाज के लिए 50 हजार रुपये दिए गए. बैंक के मुताबिक खाते से पूरी रकम निकालने के लिए आवश्यक दस्तावेज और मेडिकल प्रमाण उपलब्ध नहीं कराए गए थे.