ग्रेटर नोएडा में यहां बनेगा देश का हाईटेक रोबोटिक्स पार्क, 69.52 एकड़ भूमि लेगी सरकार, दो जोन में होगा निर्माण

ग्रेटर नोएडा में यहां बनेगा देश का हाईटेक रोबोटिक्स पार्क, 69.52 एकड़ भूमि लेगी सरकार, दो जोन में होगा निर्माण


ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश को रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में देश का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में ग्रेटर नोएडा में प्रगति रोबोटिक्स पार्क स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई. लगभग 69.52 एकड़ भूमि पर विकसित होने वाला यह पार्क रोबोटिक्स विनिर्माण, तकनीकी अनुसंधान, स्टार्टअप और औद्योगिक नवाचार को बढ़ावा देगा.

परियोजना के पूर्ण विस्तार पर एक लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने और प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सालाना करीब 2,000 करोड़ रुपये के सकल मूल्यवर्धन का अनुमान है. प्रस्तावित पार्क का पूरा नाम ‘प्लेटफॉर्म फॉर रोबोटिक्स एंड एआई ग्रोथ थ्रू टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन’ (PRAGATI) है. इसका उद्देश्य प्रदेश में स्वदेशी रोबोटिक्स विनिर्माण को प्रोत्साहित करना और एआई आधारित तकनीकों के विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना है.

दो जोन में विकसित होगा रोबोटिक्स पार्क
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के अनुसार, इस परियोजना से रोबोटिक्स कंपनियों, तकनीकी स्टार्टअप, अनुसंधान संस्थानों और औद्योगिक इकाइयों को एक ही परिसर में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी. प्रगति रोबोटिक्स पार्क को दो जोन में विकसित करने की योजना है. पहले जोन के लिए आठ एकड़ भूमि निर्धारित की गई है. इसका विकास और संचालन सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर गठित विशेष प्रयोजन कंपनी (एसपीवी) के माध्यम से किया जाएगा. इसमें ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 26 प्रतिशत और चयनित औद्योगिक साझेदार की 74 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी.

वहीं, दूसरे जोन के लिए 61.52 एकड़ भूमि निर्धारित की गई है. इस क्षेत्र में निजी उद्यमों के निवेश से औद्योगिक इकाइयों और संबंधित गतिविधियों का विकास किया जाएगा. सरकार की योजना के मुताबिक, दूसरे जोन के विकास के लिए राज्य सरकार पर कोई पूंजीगत दायित्व नहीं होगा. इससे निजी निवेश को प्रोत्साहन मिलने के साथ क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार होने की उम्मीद है.

सरकार और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण करेंगे वित्तीय सहयोग
पहले जोन के विकास के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण 21.1 करोड़ रुपये का इक्विटी अंशदान करेगा. इसके अतिरिक्त राज्य सरकार की ओर से 30 सालों के लिए 126.2 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा. आठ एकड़ भूमि के लीज प्रीमियम के संबंध में निर्धारित व्यवस्था के तहत प्रदेश सरकार का आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग प्राधिकरण को प्रतिपूर्ति करेगा.

दूसरे जोन में भूमि आवंटन और विकास शुल्क से प्राप्त राजस्व का पांच प्रतिशत सेवा शुल्क एसपीवी को दिया जाएगा. इस पर नियमानुसार जीएसटी भी लागू होगा. औद्योगिक साझेदार का चयन गुणवत्ता-आधारित चयन प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा. इसके बाद कंपनी का पंजीकरण, भूमि आवंटन, पट्टा विलेख और निर्माण संबंधी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी. योजना के अनुसार, एसपीवी के पंजीकरण के 36 महीने के भीतर पहले जोन का वाणिज्यिक संचालन शुरू करने का लक्ष्य है. आवश्यकता पड़ने पर इस अवधि को अधिकतम 48 महीने तक बढ़ाया जा सकेगा.

एक परिसर में मिलेंगी अत्याधुनिक तकनीकी सुविधाएं
प्रगति रोबोटिक्स पार्क में रोबोटिक्स परीक्षण एवं प्रमाणन केंद्र, रैपिड प्रोटोटाइपिंग, एआई कंप्यूटिंग अवसंरचना, मोशन कैप्चर और डेटा प्रयोगशालाओं जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी. इन सुविधाओं का लाभ स्टार्टअप, उद्यमियों और औद्योगिक कंपनियों को मिलेगा. यहां किफायती दरों पर उत्पादों के परीक्षण, प्रोटोटाइप तैयार करने और जीपीयू आधारित कंप्यूटिंग संसाधनों का उपयोग करने की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है. इससे नए उत्पादों के विकास और तकनीकी प्रयोगों को गति मिलेगी. साथ ही, रोबोटिक्स उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करने और सीई और यूएल प्रमाणन से संबंधित क्षमताओं को मजबूत करने में भी मदद मिल सकती है.

स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर
रोबोटिक्स और एआई का इस्तेमाल विनिर्माण, स्वास्थ्य सेवाओं, लॉजिस्टिक्स और विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है. ऐसे में ग्रेटर नोएडा में इस पार्क की स्थापना से प्रदेश में स्वदेशी तकनीक विकसित करने और रोबोटिक्स उत्पादों के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. इससे आयात पर निर्भरता कम करने और भारतीय कंपनियों को वैश्विक बाजार के अनुरूप उत्पाद तैयार करने के अवसर मिल सकते हैं. परियोजना से युवाओं को रोबोटिक्स, एआई, प्रोटोटाइपिंग, उत्पाद परीक्षण और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में कौशल विकास एवं रोजगार के अवसर मिलने की संभावना है. पार्क से जुड़ी कंपनियों, स्टार्टअप और सहायक उद्योगों के विस्तार से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार का दायरा बढ़ सकता है.

ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक विकास को मिलेगी नई गति
प्रगति रोबोटिक्स पार्क को उत्तर प्रदेश में तकनीक आधारित औद्योगिक विकास और निवेश आकर्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है. इसके माध्यम से रोबोटिक्स और एआई क्षेत्र की कंपनियों को एकीकृत सुविधाएं मिलेंगी, जिससे अनुसंधान, नवाचार और विनिर्माण के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हो सकेगा. परियोजना के पूर्ण विस्तार पर एक लाख से अधिक रोजगार सृजित होने और प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सालाना करीब 2,000 करोड़ रुपये के सकल मूल्यवर्धन का अनुमान है. यदि निर्धारित योजना के अनुसार इसका विकास और संचालन होता है, तो यह पार्क ग्रेटर नोएडा को उन्नत तकनीक और रोबोटिक्स उद्योग के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.



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