कहीं खोदी सुरंग तो कहीं वर्दी में हमलावर! भारत में जेल ब्रेक की खतरनाक वारदात
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तमिलनाडु में देर रात हैरतअंगेज घटना सामने आई, जब यहां के थेनी जेल से कई सारे कैदी फरार हो गए. इस वारदात से हंगामा मच गया और फरार कैदियों की तलाश पूरे राज्य में जारी है. क्या आपको पता है कि भारत में पहले भी जेल से फरार होने की बड़ी वारदातें हो चुकी हैं. पंजाब से लेकर दिल्ली और तमिलनाडु से लेकर छत्तीसगढ़ तक कैदी कांड कर चुके हैं.
तमिलनाडु के थेनी जेल ब्रेक में 17 कैदी फरार हो गए. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक कैदी को मिर्गी का दौरा पड़ने की जानकारी के बाद जब जेलकर्मी वहां पहुंचे तो उन पर हमला हो गया. 17 कैदी फरार हुए, जो सभी एक ही सेल के अंदर कैद बताए जा रहे हैं.
पंजाब का नाभा सेंट्रल जेल ब्रेक चर्चित है. पंजाब के पटियाला जिले के नाभा हाई-सिक्योरिटी जेल पर पुलिस की वर्दी पहने कुछ हथियारबंद हमलावरों ने हमला किया. 27 नवंबर 2016 की सुबह हुई इस घटना में खालिस्तान लिबरेशन फोर्स के प्रमुख हरमिंटन सिंह मिंटू सहित 6 खूंखार कैदी फरार हो गए थे. इनमें विक्की गौंडर, गुरप्रीत सिंह सेखो, नीता देओल, अमनदीप धोतियां जैसे गैंगस्टर शामिल थे.
13 नवंबर 2005 को बिहार के जहानाबाद जेल पर हथियारबंद माओवादियों ने सुनियोजित तरीके से हमला किया था. इस हमले का मुख्य मकसद अपने माओवादी कमांडर अजय कानू को छुड़ाना था. इस दौरान जेल से कई कैदी भाग निकले और पुलिस के हथियार भी लूट लिए गए थे. यह बिहार का सबसे बड़ा और चर्चित जेल ब्रेक है.
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भोपाल जेल ब्रेक की घटना 30 और 31 अक्टूबर 2016 की दरमियानी रात को हुई थी. भोपाल सेंट्रल जेल में हुई एक बड़ी घटना थी. स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (SIMI) के 8 विचाराधीन आतंकी रात करीब 3 बजे जेल की लगभग 25-30 फीट ऊंची दीवार को चादरों और लकड़ियों की मदद से फांदकर फरार हो गए थे. अगले दिन पुलिस और एटीएस ने भोपाल के पास ईंटखेड़ी गांव के पास पहाड़ियों पर सभी आठ आतंकियों को घेर लिया और मुठभेड़ में मार गिराया.
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में जेल ब्रेक की घटना 16 दिसंबर 2007 में हुई थी. यह भारत के इतिहास के सबसे बड़े जेल ब्रेक में से एक माना जाता है. माओवादियों ने छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जेल पर हमला बोला था, जिसमें करीब 299 कैदी फरार हो गए थे. इनमें बड़ी संख्या में नक्सली शामिल थे.
तमिलनाडु के वेल्लोर में 10 मार्च 1995 को जेल ब्रेक की हैरतअंगेज घटना हुई थी. वेल्लोर की टीपू महल जेल में बंद श्रीलंकाई तमिल उग्रवादियों (LTTE) ने जेल के अंदर से बाहर की तरफ 153 फीट लंबी सुरंग खोद डाली थी. इस सुरंग के रास्ते लिट्टे के 43 उग्रवादी जेल से भागने में कामयाब रहे थे. (फोटो- AI)
राजधानी दिल्ली की चर्चित तिहाड़ जेल में भी कारनामा हो चुका है. 1976 में सुरंग खोदकर भागने की घटना हुई. आजीवन कैद की सजा काट रहे 13 कैदी जेल की बाहरी दीवार के पास सुरंग खोदकर फरार हो गए थे. हालांकि यहां 1986 में कुख्यात किलर चार्ल्स शोभराज ने गार्ड्स और पुलिसकर्मियों को नींद की गोलियां मिलाकर खिलाया और फिर भाग निकला था. फूलन देवी के हत्यारे शेर सिंह राणा ने भी 2004 में चकमा देते हुए भागने में कामयाबी पाई थी.