E20 पेट्रोल के विरोध पर भड़के गडकरी, बोले-पैसे देकर चलाया गया अभियान

E20 पेट्रोल के विरोध पर भड़के गडकरी, बोले-पैसे देकर चलाया गया अभियान


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E20 पेट्रोल के विरोध पर भड़के गडकरी, बोले-पैसे देकर चलाया गया अभियान

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E20 पेट्रोल को लेकर उठे विवाद पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने इसके विरोध को ‘पैसे देकर चलाया गया अभियान’ बताया. साथ ही, उन्होंने एथेनॉल के इस्तेमाल से होने वाले फायदे और राजमार्गों की खराब हालत पर भी अपनी बात रखी.

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E20 पेट्रोल के विरोध पर बोले गडकरी

नई दिल्ली: पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने को लेकर पिछले कुछ महीनों में खूब सवाल उठे. किसी ने गाड़ियों की माइलेज को लेकर चिंता जताई, तो किसी ने इसके असर पर सवाल खड़े किए. अब केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस विरोध को ‘पैसे देकर चलाया गया अभियान’ बताया है. उन्होंने कहा कि एथेनॉल के इस्तेमाल से भारत को विदेशी ईंधन पर निर्भरता कम करने और देश का पैसा बचाने में मदद मिल सकती है. वहीं, गडकरी ने खराब सड़कों की शिकायतों पर भी अपनी बात रखी और साफ कहा कि राजमार्गों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा.

नितिन गडकरी ने कहा कि करीब तीन महीने पहले E20 पेट्रोल को लेकर काफी विरोध किया गया था. इस मुद्दे पर कई सवाल उठाए गए थे. हालांकि, उनके मुताबिक अब इस ईंधन को लेकर नाराजगी खत्म हो गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि इसके खिलाफ चलाया गया अभियान पैसे देकर चलाया गया था. E20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल और बाकी पेट्रोल होता है. एथेनॉल एक तरह का ईंधन है, जिसे गन्ने और मक्का जैसी फसलों से बनाया जा सकता है.

विदेशी ईंधन पर निर्भरता कम करने पर जोर

गडकरी ने कहा कि भारत को पेट्रोल और दूसरे जीवाश्म ईंधनों के आयात पर काफी पैसा खर्च करना पड़ता है. अगर देश में एथेनॉल जैसे दूसरे ईंधनों का इस्तेमाल बढ़ता है, तो इससे विदेशी ईंधन पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है. इससे देश की विदेशी मुद्रा भी बचाई जा सकती है.

उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में बदलाव किए हैं. इन बदलावों के तहत अब E100 तक एथेनॉल पर चलने वाले फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को भी अनुमति दी गई है. ऐसे वाहन अलग-अलग मात्रा में एथेनॉल मिले ईंधन पर चल सकते हैं.

राजमार्गों की खराब हालत पर भी दिया भरोसा

कार्यक्रम में गडकरी ने राजमार्गों की गुणवत्ता को लेकर भी बात की. उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर सड़कों की खराब हालत को लेकर मिली शिकायतों के बाद उन्होंने हाल ही में 700 से 800 परियोजनाओं की समीक्षा की है. मंत्री ने साफ कहा कि वह राजमार्गों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करेंगे. उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगले दो वर्षों में राजमार्गों पर सफर करने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा.



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