1200 करोड़… 2.5 KM, शाहबेरी से क्रॉसिंग रिपब्लिक तक बनेगा डबल डेकर एलिवेटेड रोड, बिना ट्रफिक पहुंचेंगे नोएडा-गाजियाबाद

1200 करोड़… 2.5 KM, शाहबेरी से क्रॉसिंग रिपब्लिक तक बनेगा डबल डेकर एलिवेटेड रोड, बिना ट्रफिक पहुंचेंगे नोएडा-गाजियाबाद


ग्रेटर नोएडा: यूपी के ग्रेटर नोएडा वेस्ट में जल्द जाम से निजात मिल जाएगा. लगातार बढ़ती यातायात समस्या और जाम से लोगों को राहत दिलाने के लिए शाहबेरी डबल डेकर एलिवेटेड रोड परियोजना को लेकर कवायद तेज हो गई है. ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को पत्र भेजा है. उम्मीद है कि परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार होने के बाद निर्माण कार्य की दिशा में आगे की प्रक्रिया शुरू होगी. इस परियोजना पर करीब 1200 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है.

यह उत्तर प्रदेश की पहली डबल डेकर एलिवेटेड रोड परियोजना बताई जा रही है. इसके निर्माण से ग्रेटर नोएडा वेस्ट, शाहबेरी, गाजियाबाद और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले हजारों लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है. साथ ही नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के बीच सड़क संपर्क मजबूत होगा.

तीन प्राधिकरण मिलकर उठाएंगे निर्माण का खर्च
परियोजना के निर्माण पर आने वाले खर्च को तीनों प्राधिकरण मिलकर उठाएंगे. इसमें नोएडा प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) शामिल हैं. परियोजना का एस्टीमेट तैयार किया जा चुका है. अब एनएचएआई को पत्र भेजे जाने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने और आगे की तकनीकी प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है.

प्राधिकरण की योजना है कि इस सड़क के माध्यम से क्षेत्र में यातायात का दबाव कम किया जाए. ग्रेटर नोएडा वेस्ट में तेजी से बढ़ती आबादी और आवासीय सोसायटियों की संख्या के कारण सड़कों पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है. व्यस्त समय में लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ता है. ऐसे में डबल डेकर एलिवेटेड रोड को यातायात व्यवस्था सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

मूर्ति गोलचक्कर से शुरू होगी परियोजना
प्रस्तावित योजना के अनुसार, एलिवेटेड रोड की शुरुआत मूर्ति गोलचक्कर से होगी. इसके बाद इसे शाहबेरी नाले तक डबल डेकर के रूप में विकसित किया जाएगा. आगे की ओर सिंगल डेकर एलिवेटेड रोड बनाने की योजना है. यह सड़क शाहबेरी और क्रॉसिंग रिपब्लिक से होते हुए एनएच-9 तक पहुंचेगी.

परियोजना के तहत लगभग 2.5 किलोमीटर लंबी और तीन लेन की एलिवेटेड रोड प्रस्तावित है. इससे वाहनों की आवाजाही अधिक सुगम होने की उम्मीद है. योजना में एक अतिरिक्त सड़क को भी शामिल किया गया है, जो शाहबेरी नाले के किनारे से तिगरी के पास 60 मीटर चौड़ी सड़क से जुड़ेगी. इससे आसपास के क्षेत्रों के लोगों को आने-जाने के लिए एक अतिरिक्त मार्ग मिल सकेगा.

डबल डेकर से बढ़ेगी यातायात क्षमता
परियोजना की खासियत यह है कि इसमें सड़क के दो स्तर विकसित किए जाएंगे. निचले हिस्से में मौजूदा सड़क का इस्तेमाल ग्रेटर नोएडा से गाजियाबाद जाने और गाजियाबाद से ग्रेटर नोएडा आने वाले वाहनों के लिए किया जा सकेगा. वहीं, ऊपर बनने वाली एलिवेटेड रोड का उपयोग यातायात को अधिक व्यवस्थित करने के लिए किया जाएगा.

योजना के मुताबिक, ऊपर बनने वाली एलिवेटेड रोड की चौड़ाई लगभग नौ से दस मीटर होगी. इससे मुख्य मार्ग पर वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है. हालांकि, निर्माण की अंतिम रूपरेखा और तकनीकी विवरण डीपीआर तैयार होने के बाद स्पष्ट होंगे.

एनएचएआई की भूमिका अहम
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के मुताबिक, इस परियोजना के लिए एनएचएआई को पत्र लिखा गया है. डीपीआर तैयार होने के बाद निर्माण कार्य शुरू करने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी. परियोजना पूरी होने पर ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लोगों को जाम से राहत मिलने की उम्मीद है. इसके अलावा गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा के बीच आवागमन आसान हो सकता है. इससे लोगों के यात्रा समय में कमी आने और क्षेत्र की सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होने की संभावना है.



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