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Taranga Hill Ambaji Rail Project: आबूरोड से अंबाजी और तारंगा हिल के बीच 116.65 किमी लंबी नई रेल लाइन का निर्माण तेजी से जारी है. 3,050 करोड़ रुपये की इस परियोजना में अरावली की पहाड़ियों के बीच 2.27 किमी लंबी सुरंग और सुरपगला में 80 मीटर ऊंचा विशेष पुल बनाया जा रहा है. कुल 15 स्टेशनों वाले इस प्रोजेक्ट के 2026-27 तक पूरा होने की उम्मीद है, जिससे धार्मिक पर्यटन, स्थानीय व्यापार और मार्बल उद्योग को बढ़ावा मिलेगा.
Sirohi: राजस्थान और गुजरात को जोड़ने वाली तारंगा हिल-अंबाजी-आबू रोड रेल लाइन परियोजना से धार्मिक पर्यटन और स्थानीय विकास को एक नई गति मिलने की उम्मीद है. राजस्थान के एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू से गुजरात के प्रसिद्ध शक्तिपीठ अंबाजी और जैन तीर्थ स्थल तरंगा हिल को रेल नेटवर्क से सीधे जोड़ने के लिए यह कार्य किया जा रहा है. इस प्रस्तावित प्रोजेक्ट में करीब 116.65 किलोमीटर लंबी ब्रॉडगेज रेल लाइन बिछाई जाएगी, जिस पर लगभग 3,050 करोड़ रुपये की लागत आएगी. इस परियोजना के पूरा होने से अंबाजी मंदिर, तारंगा हिल के जैन मंदिर और आबू रोड के बीच रेल संपर्क बेहद आसान हो जाएगा. इसके साथ ही यात्रियों को अहमदाबाद-आबू रोड के मौजूदा मार्ग के विकल्प के रूप में एक नया और सुलभ रास्ता भी प्राप्त होगा.
उत्तर पश्चिम रेलवे के अजमेर मंडल के जन संपर्क निरीक्षक अशोक चौहान ने बताया कि वरेठा स्टेशन पर नई रेल लाइन को सिगनलिंग कनेक्टिविटी देने के लिए इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग का कार्य सफलतापूर्वक पूरा और कमीशन कर लिया गया है. अरावली की कठिन पहाड़ियों और घुमावदार रास्तों के बीच बनाई जा रही इस रेल लाइन परियोजना में कुल 15 रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे. इनमें आबू रोड, कुई, सियावा, अंबाजी, सतलासना और तारंगा हिल मुख्य स्टेशन शामिल हैं. इस परियोजना की विशेष बात यह है कि अंबाजी स्टेशन को वहां के प्रसिद्ध मंदिर की थीम पर सजाया जाएगा, जबकि तारंगा हिल स्टेशन को जैन मंदिर की पारंपरिक शैली में डिजाइन किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को स्थानीय धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान की अनूठी झलक मिलेगी.
अरावली की पहाड़ियों में सुरंगे और विशाल पुल
यह रेल लाइन अपने इंजीनियरिंग और आधुनिक निर्माण के कारण आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. परियोजना के तहत अंबाजी के पास चिखला क्षेत्र में टनल टी-6 का निर्माण किया जा रहा है, जिसकी लंबाई 2.27 किलोमीटर है और यह इस रेल मार्ग की सबसे लंबी सुरंग होगी. इसके अलावा पोशीना क्षेत्र के ध्रुवपली के पास 1.83 किलोमीटर लंबी एक और बड़ी सुरंग बनाई जा रही है. इन सुरंगों का निर्माण आधुनिक तकनीक से सुरक्षित रूप से किया जा रहा है. राजस्थान और गुजरात सीमा के पास सुरपगला गांव में लगभग 80 मीटर ऊंचा एक विशाल रेलवे पुल बनाया जा रहा है, जो इस प्रोजेक्ट का मुख्य आकर्षण होगा. पूरे रेल मार्ग पर 54 बड़े और 150 से अधिक छोटे पुल तैयार किए जा रहे हैं, तथा पूरे ट्रैक को पूरी तरह से विद्युतीकृत ट्रेनों के अनुकूल बनाया जा रहा है.
व्यापार, कृषि और क्षेत्रीय उद्योग को बड़ा लाभ
इस रेल लाइन के शुरू होने के बाद श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अंबाजी और तारंगा हिल की यात्रा करने में अभूतपूर्व सुविधा मिलेगी. इसके अलावा स्थानीय व्यापार, कृषि उत्पादों के परिवहन तथा क्षेत्र के प्रसिद्ध मार्बल संगमरमर उद्योग को बहुत बड़ा आर्थिक लाभ होगा. रेलवे प्रशासन ने इस पूरी परियोजना को वर्ष 2026-27 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है और वर्तमान में निर्माण कार्य अत्यंत तीव्र गति से प्रगति पर है.