‘गेंदबाजी के तेंदुलकर’ पर आया धोनी का दिल, जानिए कैसे जहीर को बना दिया कोच
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How Dhoni big role in Zaheer Khan CSK Head Coach: 18 साल के लंबे जुड़ाव के बाद स्टीफन फ्लेमिंग के अलग होने पर चेन्नई सुपर किंग्स ने जहीर खान को 2027 सीजन के लिए नया हेड कोच नियुक्त किया है. एमएस धोनी के सुझाव पर हुआ यह चयन सीएसके के गेंदबाजी आक्रमण को मजबूत करने और 2023 के बाद से प्लेऑफ में न पहुंच पाने के सिलसिले को तोड़ने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. अब धोनी और जहीर की जुगलबंदी पांच बार की चैंपियन टीम को दोबारा स्वर्णिम दौर में वापस लाने के लिए तैयार है.
जहीर खान को सीएसके के हेड कोच बनाने में धोनी की बहुत बड़ा हाथ है.
नई दिल्ली. चेन्नई सुपर किंग्स का नाम आते ही सबसे पहली चीज जो दिमाग में आती है, वह है इसका स्थिर और शांत माहौल. आईपीएल के इतिहास में इस फ्रेंचाइजी ने खुद को एक ऐसे प्रतीक के रूप में स्थापित किया है, जहां बार-बार बड़े बदलाव नहीं होते. लेकिन जब इस साल की शुरुआत में 18 साल के लंबे जुड़ाव के बाद दिग्गज हेड कोच स्टीफन फ्लेमिंग और सीएसके के रास्ते अलग हुए, तो क्रिकेट जगत सन्न रह गया. फ्लेमिंग और एमएस धोनी की जोड़ी ने टीम को पांच बार चैंपियन बनाया था, इसलिए हर प्रशंसक के मन में बस यही सवाल था कि इस बड़ी जिम्मेदारी को अब कौन संभालेगा? महीनों के सोच-विचार और रणनीतिक चर्चाओं के बाद आखिरकार वह पर्दा उठ गया. सीएसके ने दिग्गज तेज गेंदबाज जहीर खान को 2027 सीजन से पहले टीम का नया हेड कोच बनाने का ऐलान कर दिया है. दिलचस्प बात यह है कि इस बड़े और ऐतिहासिक फैसले के पीछे किसी और का नहीं, बल्कि ‘कैप्टन कूल’ एमएस धोनी का ही दिमाग है.
टीम के फैसले पर रोशनी डालते हुए सीएसके (CSK) के प्रबंध निदेशक काशी विश्वनाथन (Kasi Viswanathan) ने बताया कि फ्रेंचाइजी का हर अहम फैसला एमएस धोनी (MS Dhoni) की सलाह से ही लिया जाता है. उन्होंने खुलासा किया कि जहीर खान का नाम सबसे पहले धोनी ने ही सामने रखा था. धोनी के इस सुझाव के बाद मैनेजमेंट ने जहीर से संपर्क किया, उनसे विस्तार से बातचीत की और आखिरकार उन्हें कोच का पद संभालने के लिए राजी कर लिया. मैनेजमेंट का मानना है कि जहीर न केवल मैदान के रणनीतिक दांव-पेच समझने में माहिर हैं, बल्कि विरोधी टीमों की योजनाओं को ध्वस्त करने में भी उनकी गहरी पकड़ है. कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ और पूरी युवा टीम जहीर के मार्गदर्शन में खेलने को लेकर खासी उत्साहित है.
हालिया प्रदर्शन और चुनौतियों का सामना
अगर हालिया प्रदर्शन पर नजर डालें तो पीली जर्सी वाली यह टीम एक कठिन दौर से गुजर रही है. साल 2023 में खिताब जीतने के बाद से सीएसके एक बार भी प्लेऑफ में अपनी जगह नहीं बना सकी है. इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह 2025 का मेगा ऑक्शन रहा, जहां टीम से कुछ रणनीतिक चूक हुई थी और टीम को उसकी भारी कीमत चुकानी पड़ी. हालांकि, बीते कुछ समय में बल्लेबाजी विभाग की कमियों को दूर करने की कोशिश की गई है, लेकिन टीम का समग्र ढांचा अब भी पूरी तरह से संतुलित नजर नहीं आता.
युवा गेंदबाजों को मिलेगा जहीर के अनुभव का लाभ
अगले मेगा ऑक्शन से पहले टीम के पास केवल एक साल का वक्त बचा है. इस कम समय में उपलब्ध संसाधनों का सर्वश्रेष्ठ इस्तेमाल करना सीएसके के लिए सबसे बड़ी चुनौती है. फ्रेंचाइजी के प्रबंध निदेशक काशी विश्वनाथन का कहना है कि जहीर खान का व्यक्तित्व ऐसा है जो खिलाड़ियों के साथ बहुत जल्दी घुल-मिल जाता है. मैनेजमेंट को एक ऐसे कोच की तलाश थी जो खिलाड़ियों के करीब रहे और टीम के गेंदबाजी आक्रमण को नई धार दे सके. सीएसके को उम्मीद है कि जहीर का अनुभव खलील अहमद और गुरजपनीत सिंह जैसे होनहार तेज गेंदबाजों को निखारने में मील का पत्थर साबित होगा.
धोनी और जहीर की ऐतिहासिक जुगलबंदी
क्रिकेट के मैदान पर धोनी और जहीर का रिश्ता बेहद पुराना और गहरा रहा है. अपने खेलने के दिनों में भी धोनी हमेशा जहीर की गेंदबाजी समझ की खुलकर तारीफ करते थे. वह जहीर को अपने गेंदबाजी आक्रमण का निर्विवाद अगुआ मानते थे और दबाव के पलों में हमेशा उन पर भरोसा जताते थे. एक वक्त तो धोनी ने जहीर को भारतीय गेंदबाजी का ‘सचिन तेंदुलकर’ तक कह दिया था.