68500 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी अब भूख हड़ताल पर बैठे, 56 दिन से चल रहा धरना, आमरण अनशन की चेतावनी

68500 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी अब भूख हड़ताल पर बैठे, 56 दिन से चल रहा धरना, आमरण अनशन की चेतावनी


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UP Teacher Candidates Protest : लखनऊ में 68500 सहायक शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन तेज हो गया है. इको गार्डन में पिछले 56 दिनों से धरना दे रहे अभ्यर्थियों ने 26 अक्टूबर से भूख हड़ताल शुरू कर दी है. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि एक सप्ताह के भीतर भर्ती का आधिकारिक शेड्यूल जारी नहीं हुआ तो वे आमरण अनशन शुरू करेंगे.

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UP Protest : कई दिन से चल रहे प्रोटेस्ट में महिला अभ्यर्थी भी शामिल हैं.

लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी में 68500 सहायक शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों 26 अक्टूबर से भूख हड़ताल शुरू कर दी है. अभ्यर्थी पिछले 56 दिन से लखनऊ के इको गार्डेन में धरने पर बैठे हैं. भर्ती का शेड्यूल जारी करने की मांग को लेकर अब दो अभ्यर्थी भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं. उनका कहना है कि जब तक भर्ती का आधिकारिक शेड्यूल जारी नहीं होता, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी.

भूख हड़ताल पर बैठे अभ्यर्थियों में चित्रकूट के दीपक पटेल और बरेली के नसीम फरीदी शामिल हैं. नसीम फरीदी दिव्यांग हैं. वह गले में माला और माथे पर तिलक लगाकर भूख हड़ताल पर बैठे हैं. अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय से आंदोलन के बावजूद उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है.

आमरण अनशन की चेतावनी

26 अक्टूबर की सुबह बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास का घेराव करने पहुंचे अभ्यर्थियों ने सुंदरकांड का पाठ किया और भर्ती की मांग को लेकर नारेबाजी की. इसके बाद पुलिस ने उन्हें वहां से हटाकर बसों के जरिए इको गार्डन भेज दिया. जहां अभ्यर्थियों ने सुंदरकांड का पाठ जारी रखा और भूख हड़ताल शुरू कर दी. अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार उनकी मांगों पर जल्द निर्णय ले और भर्ती का आधिकारिक शेड्यूल जारी करे. उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर एक सप्ताह के भीतर उनकी मांगों पर कोई सुनवाई नहीं होती है तो वे आमरण अनशन शुरू करेंगे.

अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लं

प्रदर्शन में महिलाएं भी शामिल

बे समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं. प्रदर्शन में कई महिलाए भी लगातार बैठी हैं . उनका कहना है की इतने दिनों से घर से बाहर हैं घर वालो में भी इसको लेकर नाराज़गी है .उनका कहना है की घर वालो को बाद में मना लेंगे लेकिन पहले हमे सरकार को मानना है उनका साफ कहना है कि जब तक भर्ती का शेड्यूल जारी नहीं होता, वे आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगी .



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