कौन था ‘वो’ VIP, नहीं खुला राज, नार्को से पहले ही अरेस्ट हुईं उर्मिला, सुरेद्र राठौड़ भी नहीं पहुंचे कोर्ट

कौन था ‘वो’ VIP, नहीं खुला राज, नार्को से पहले ही अरेस्ट हुईं उर्मिला, सुरेद्र राठौड़ भी नहीं पहुंचे कोर्ट


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Ankita Bhandari Case Narco Test: अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी से जुड़े दावों की जांच को लेकर नार्को टेस्ट की प्रक्रिया एक बार फिर आगे नहीं बढ़ सकी. सोमवार को देहरादून की सीबीआई कोर्ट में पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ और उर्मिला सनावर को अपनी सहमति पर दोबारा विचार करने के सिलसिले में पेश होना था, लेकिन दोनों अदालत नहीं पहुंचे.

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उर्मिला सनावर हरिद्वार जेल में बंद हैं.

देहरादून: अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी से जुड़े दावों की जांच को लेकर नार्को टेस्ट की प्रक्रिया एक बार फिर आगे नहीं बढ़ पाई. सोमवार को सीबीआई कोर्ट में पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ और उर्मिला सनावर को नार्को टेस्ट के लिए दी गई अपनी सहमति पर दोबारा विचार करने के सिलसिले में पेश होना था. लेकिन दोनों ही अदालत में उपस्थित नहीं हुए. ऐसे में मामले में आगे की प्रक्रिया को लेकर अब अदालत के फैसले का इंतजार है.

दरअसल, उर्मिला सवार कथा कथित पति सुरेश राठौड़ जो की पूर्व विधायक भी हैं. उनके कुछ ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए थे जिसमें अंकित भंडारी हत्याकांड से जुड़े विप को लेकर भी सवाल उठने लगे थे. इस मामले में सीबीआई की जांच के बीच पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ और उर्मिला सनावर के नार्को टेस्ट का मुद्दा सामने आया था. दोनों ने शुक्रवार देहरादून की सीबीआई कोर्ट में पहुंच कर सहमति दी थी, लेकिन सीबीआई ने पुनर्विचार करने के लिए सोमवार को पेश होने को कहा गया था. इससे उम्मीद जताई जा रही थी कि सोमवार को इस प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है.

हालांकि, सुनवाई के दिन दोनों की गैरमौजूदगी ने प्रक्रिया को फिर प्रभावित कर दिया. उर्मिला सनावर को एक अन्य मामले में हरिद्वार पुलिस ने गिरफ्तार किए जाने के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा चुका है. इस वजह से वह अदालत में पेश नहीं हो सकी. वहीं, पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ ने स्वास्थ्य खराब होने का हवाला देते हुए अदालत में पेश न हो पाने के संबंध में प्रार्थना पत्र दिया.

नार्को टेस्ट की प्रक्रिया में आगे बढ़ने के लिए अदालत की अगली कार्रवाई अहम होगी. सीबीआई कोर्ट अगली तारीख ताई करेगी जिसमें एक पत्र हरिद्वार जेल को भी भेजा जाएगा. क्योंकि उर्मिला सनावर जेल हैं.

दरअसल, अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी से जुड़े दावों को लेकर पहले से ही राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर सवाल उठते रहे हैं. ऐसे में नार्को टेस्ट को लेकर बनी अनिश्चितता ने मामले को फिर चर्चा में ला दिया है. हालांकि, नार्को टेस्ट अपने आप में किसी आरोप की पुष्टि नहीं करता. मामले में वास्तविक तथ्य और किसी भी दावे की सत्यता जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही स्पष्ट होगी. अब सबकी नजर अदालत के अगले कदम पर टिकी है.



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