जिस सिल्वर फॉयल में लपेटते हैं रोटी, उसी से बना डाली ऐसी पेंटिंग, देखते रह गए लोग

जिस सिल्वर फॉयल में लपेटते हैं रोटी, उसी से बना डाली ऐसी पेंटिंग, देखते रह गए लोग


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Faridabad Latest News: रोटी लपेटने के लिए इस्तेमाल होने वाला सिल्वर फॉयल पेपर आपने घरों में खूब देखा होगा. लेकिन क्या कभी सोचा है कि इसी साधारण से पेपर से भगवान की शानदार तस्वीरें और खूबसूरत पेंटिंग भी बनाई जा सकती हैं? फरीदाबाद के सूरजकुंड दिवाली मेले में प्रतापगढ़ के चंद्रभान पांडे अपने इसी अनोखे हुनर से लोगों को हैरान कर रहे हैं.

फरीदाबाद: रोटी लपेटने के लिए इस्तेमाल होने वाला सिल्वर फॉयल पेपर तो आपने देखा ही होगा. घरों में इसका इस्तेमाल खाने और पैक करने के लिए किया जाता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसी पेपर से भगवान की तस्वीरें और खूबसूरत पेंटिंग भी बनाई जा सकती हैं. अगर नहीं, तो फरीदाबाद के सूरजकुंड दिवाली मेले में आइए. यहां एक कारीगर इसी पेपर से ऐसी अद्भुत पेंटिंग बना रहे हैं, जिन्हें देखकर आप भी हैरान रह जाएंगे.

इन पेंटिंग को देखकर पहली नजर में अंदाजा लगाना मुश्किल है कि इन्हें रोटी लपेटने वाले पेपर से तैयार किया गया है. प्रतापगढ़ के रहने वाले चंद्रभान पांडे पिछले 20 साल से इस कला से जुड़े हैं. उनकी बनाई पेंटिंग देखने के लिए मेले में लोग रुक रहे हैं और इन्हें खरीदने में भी दिलचस्पी दिखा रहे हैं.

चंद्रभान पांडे ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि मैं पिछले 20 साल से पेंटिंग बनाने का काम कर रहा हूं. पहले मैं इसी लाइन में काम करता था. वहीं से मैंने पेंटिंग बनाना सीखा. इसके बाद एम्ब्रोजिंग का काम सीखा और फिर अपना काम शुरू कर दिया. आज मैं इसी काम को आगे बढ़ा रहा हूं.

चंद्रभान पांडे ने बताया कि मैं सिल्वर फॉयल पेपर से अलग-अलग तरह की पेंटिंग तैयार करता हूं. इसमें भगवान की तस्वीरों से लेकर कई तरह के डिजाइन शामिल हैं. सूर्य भगवान के रथ की छोटी-बड़ी आकृतियां भी बनाता हूं. इसके अलावा आयरन पेपर पर मॉडर्न आर्ट की पेंटिंग भी तैयार करता हूं. इस काम में सबसे ज्यादा ध्यान बारीकी पर देना पड़ता है, क्योंकि पेपर से डिजाइन तैयार करना आसान नहीं होता. पेंटिंग इस तरह बनाई जाती है कि देखने वाले को यह साधारण पेपर से बनी हुई नहीं लगती.

चंद्रभान पांडे ने बताया कि मेरे यहां 30 से 33 लोग काम करते हैं. इस तरह मेरे काम से दूसरे लोगों को भी रोजगार मिल रहा है. मुझे अलग-अलग जगहों पर अपने काम के लिए सम्मान भी मिला है. राष्ट्रीय खादी से जुड़े कार्यक्रम में सम्मानित होने के साथ गाजियाबाद के स्वर्ण जयंती पार्क और उत्तर प्रदेश व बिहार में भी सम्मान मिल चुका है. जहां सरकारी मेले लगते हैं, वहां मैं अपनी पेंटिंग लेकर जाता हूं.

चंद्रभान पांडे ने बताया कि मेरी बनाई पेंटिंग की कीमत 50 रुपये से शुरू होकर 15 से 16 हजार रुपये तक जाती है. छोटी पेंटिंग करीब 4 इंच चौड़ी और 9 इंच लंबी होती है, जबकि सबसे बड़ी पेंटिंग 8 बाय 4 फीट तक की होती है. कीमत पेंटिंग के आकार और डिजाइन के हिसाब से तय होती है.

चंद्रभान पांडे ने बताया कि मैं पहली बार सूरजकुंड दिवाली मेले में आया हूं. आमतौर पर बिहार के दरभंगा की तरफ लगने वाले मेलों में जाता हूं. यहां भी लोगों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है. मेरे परिवार में एक बेटा है, जो सिविल सर्विस की तैयारी कर रहा है. मैं अपनी कला के जरिए काम को आगे बढ़ा रहा हूं. फिलहाल सूरजकुंड दिवाली मेले में सिल्वर फॉयल पेपर से बनी ये पेंटिंग लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं.



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