Qualities to Become Doctor, MBBS Pros and Cons: क्या आपमें सफल डॉक्टर बनने वाले गुण हैं? एमबीबीएस करने से पहले समझिए फायदे और नुकसान

Qualities to Become Doctor, MBBS Pros and Cons: क्या आपमें सफल डॉक्टर बनने वाले गुण हैं? एमबीबीएस करने से पहले समझिए फायदे और नुकसान


नई दिल्ली (Qualities to Become Doctor). साइंस स्ट्रीम से 12वीं कर रहे ज्यादातर स्टूडेंट्स मेडिकल के क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देखते हैं. डॉक्टर के प्रोफेशन को भगवान का दर्जा दिया जाता है. इसे हमेशा से बेहद प्रतिष्ठित करियर माना गया है. नीट की तैयारी करने वाले लाखों युवा टॉप मेडिकल कॉलेज में एडमिशन का ख्वाब सजाते हैं. लेकिन क्या सिर्फ किताबें रटकर या फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी में अच्छे नंबर लाकर ही अच्छा डॉक्टर बनते हैं या इसके लिए कोई और खूबी चाहिए?

मेडिकल की पढ़ाई और उसके बाद डॉक्टरी का सफर ऊपर से बेहद चमकदार दिखता है. लेकिन अंदर से उतना ही ज्यादा संघर्ष और धैर्य की मांग करता है. मेडिकल फील्ड में कदम रखने से पहले हर स्टूडेंट को खुद से पूछना चाहिए कि उसका मेंटल और फिजिकल ढांचा इस प्रोफेशन की मांगों के हिसाब से है या नहीं. अगर आप एमबीबीएस करके डॉक्टर बनना चाहते हैं तो जानिए कुछ ऐसी खूबियां और खामियां, जिनसे तय होगा कि आप इस रास्ते पर आगे बढ़ें या कोई अन्य ऑप्शन चुनें.

क्या आप डॉक्टर बनने के लायक हैं?

कई बच्चे पेरेंट्स, भाई-बहन, रिश्तेदारों, टीचर्स या दोस्तों के दबाव में नीट यूजी की तैयारी शुरू कर देते हैं. इसे फैमिली प्रेशर या Peer प्रेशर कह सकते हैं. लेकिन अगर आपके घर में कोई डॉक्टर है या जिगरी दोस्त डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहा है तो जरूरी नहीं है कि आपके लिए भी वही परफेक्ट प्रोफेशन हो. अगर आपकी मेडिकल के क्षेत्र में रुचि नहीं है या आप घंटों तक लगातार काम का दबाव नहीं सह सकते तो इस क्षेत्र में एंट्री लेने से बचना चाहिए. जानिए आपको डॉक्टरी की पढ़ाई करनी चाहिए या नहीं-

मजबूत स्टैमिना और धैर्य

डॉक्टर की जिंदगी फिल्मों जैसी नहीं होती, जहां एक इंजेक्शन लगाने से मरीज तुरंत ठीक हो जाता है. यहां हॉस्पिटल में 24 से 36 घंटे की लंबी शिफ्ट्स आम होती हैं. अगर आपको जरा सी थकान पर चिड़चिड़ापन होता है या रात की नींद के बिना काम नहीं कर सकते तो यह क्षेत्र मेंटल स्ट्रेस का कारण बन सकता है. पढ़ाई के दौरान भारी-भरकम सिलेबस और बाद में इमरजेंसी मामलों को हैंडल करने के लिए मजबूत जिगर और असीम धैर्य की जरूरत होती है.

भावनाओं पर काबू और संकट में फैसले लेने की क्षमता

डॉक्टर के सामने कई बार ऐसे भयानक या दर्दनाक हादसे आते हैं जिन्हें देखकर आम इंसान के होश उड़ जाएं. हॉस्पिटल के आईसीयू या इमरजेंसी वॉर्ड में खून-खराबा, दर्द और मौत का माहौल होता है. अगर आप बहुत ज्यादा सेंसिटिव हैं और छोटी-छोटी बातों पर घबरा जाते हैं या इमोशनल हो जाते हैं तो डॉक्टर की कुर्सी पर बैठकर तुरंत और सही फैसला नहीं ले पाएंगे. यहां ठंडे दिमाग से सिचुएशन को संभालना आना ही सबसे बड़ी कला है.

अंतहीन पढ़ाई और अपडेट रहने का जुनून

कई लोग सोचते हैं कि एमबीबीएस की डिग्री मिलते ही पढ़ाई हमेशा के लिए खत्म हो जाती है. लेकिन इसके उलट, मेडिकल साइंस ऐसा समंदर है जो हर दिन बदल रहा है. हर दिन नई बीमारियां, नए वायरस, मॉडर्न टेक्नीक और नई दवाइयां मार्केट में आती हैं. सफल डॉक्टर बनने के लिए अपनी पूरी जिंदगी स्टूडेंट की तरह बितानी होगी. साथ ही हमेशा कुछ नया सीखने के लिए तैयार रहना होगा. अगर किताबें पढ़ना और नई रिसर्च खंगालना बोरिंग लगता है तो यह प्रोफेशन घुटन महसूस कराएगा.

किन कमियों वालों को डॉक्टर नहीं बनना चाहिए?

ऊपर डॉक्टर बनने के लिए जरूरी स्टैंडर्ड तो आप समझ गए हैं. अब जानिए कि किन कमियों वालों को डॉक्टर नहीं बनना चाहिए:

  • शॉर्टकट या जल्दी पैसे कमाने की चाह: आपका एकमात्र मकसद रातों-रात अमीर बनना है तो मेडिकल में आने से पहले दो बार सोच लें. यहां सफलता मिलने में लंबा वक्त और सालों की मेहनत लगती है.
  • कम्युनिकेशन गैप: डॉक्टर और मरीज के बीच बातचीत का पुल मजबूत होना चाहिए. अगर आप लोगों से बात करने में कतराते हैं या अपनी बात ठीक से समझा नहीं पाते तो मरीज का आधा इलाज वहीं रुक जाता है.
  • अहंकार या घमंड: मरीजों और उनके डरे हुए परिजनों के साथ सहानुभूति (Empathy) रखना सबसे जरूरी है. घमंडी स्वभाव वाले डॉक्टर को समाज कभी स्वीकार नहीं करता.

फैसले से पहले लें खुद का टेस्ट

किसी भी नीट कोचिंग संस्थान के झांसे में या माता-पिता के दबाव में आकर मेडिकल लाइन न चुनें. बेहतर होगा कि आप किसी डॉक्टर से मिलकर उनका रूटीन समझें, संभव हो तो किसी हॉस्पिटल में जाकर माहौल का जायजा लें. जब आपका मन और अंतरात्मा दोनों हां कहें, तभी इस कठिन रास्ते पर कदम रखें.



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