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Afghanistan Earthquake: अफगानिस्तान में एक बार फिर से 25 अक्टूबर की रात में धरती कांप गई. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.2 मैग्नीट्यूड दर्ज की गई और लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए. हालांकि इससे जान-माल का कोई ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है.
अफगानिस्तान में भूकंप से कांपी धरती. (सांकेतिक तस्वीर)
Afghanistan Earthquake: अफगानिस्तान के हिंदुकुश पर्वतीय क्षेत्र में रविवार रात भूकंप के झटके महसूस किए गए. अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के मुताबिक भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.2 मापी गई. ये भूकंप 25 अक्टूबर की रात स्थानीय समय के अनुसार करीब 11 बजकर 14 मिनट पर आया. इसका केंद्र जमीन से लगभग 110 किलोमीटर नीचे था.
यूरोपीय-भूमध्यसागरीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने शुरुआत में भूकंप की तीव्रता 5.8 बताई थी. हालांकि बाद में जांच के आधार पर इसे घटाकर 5.2 कर दिया गया. फिलहाल इस भूकंप से किसी की मौत, घायल होने या संपत्ति को नुकसान पहुंचने की खबर सामने नहीं आई है. अफगानिस्तान में बीते कुछ वर्षों के दौरान कई बड़े भूकंप आ चुके हैं. देश का हिंदुकुश क्षेत्र भूकंप के लिहाज से काफी सक्रिय माना जाता है. मार्च 2026 में भी यहां 5.2 तीव्रता का भूकंप आया था.
कब-कब आया अफगानिस्तान में भूकंंप?
- वर्ष 2025 में भी इस इलाके में कई बार धरती हिली थी. 1 अगस्त 2025 को पूर्वी अफगानिस्तान में 6.0 तीव्रता का भूकंप आया था. इससे कुनार और नंगरहार प्रांतों में भारी नुकसान हुआ था. इस हादसे में दो हजार से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी, जबकि हजारों लोग घायल हुए थे. कई गांवों में घर गिर गए थे. पहाड़ी इलाकों में सड़कें टूटने और रास्ते बंद होने से बचाव कार्य में भी मुश्किलें आई थीं.
- इससे पहले अक्टूबर 2023 में हेरात प्रांत में भी कई तेज भूकंप आए थे. 7 अक्टूबर को 6.3 तीव्रता के भूकंप के बाद 11 और 15 अक्टूबर को भी झटके महसूस किए गए. इन घटनाओं में हजारों लोगों की मौत हुई और बड़ी संख्या में मकान तबाह हो गए थे.
- जून 2022 में पक्तिका और आसपास के इलाकों में 6.1 तीव्रता के भूकंप ने एक हजार से अधिक लोगों की जान ले ली थी. वहीं अक्टूबर 2015 में हिंदुकुश क्षेत्र में 7.5 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसके झटके भारत और पाकिस्तान के कई हिस्सों में भी महसूस किए गए थे.
भूकंप क्यों आते हैं?
अफगानिस्तान में बार-बार भूकंप आने की बड़ी वजह इसकी भौगोलिक स्थिति है. यह क्षेत्र भारतीय और यूरेशियाई टेक्टोनिक प्लेटों के बीच स्थित है. इन प्लेटों की लगातार हलचल से जमीन के भीतर दबाव बनता है. जब यह दबाव अचानक बाहर निकलता है, तो धरती हिलने लगती है और भूकंप आता है.