Saudi Arabia Houthi Rebel UK: ट्रंप ने हाथ खींचे तो सऊदी का सहारा बना ब्रिटेन, हूतियों से बचाने कौन सा विमान उतार रहा?

Saudi Arabia Houthi Rebel UK: ट्रंप ने हाथ खींचे तो सऊदी का सहारा बना ब्रिटेन, हूतियों से बचाने कौन सा विमान उतार रहा?


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अमेरिका के पीछे हटने के बाद ब्रिटेन ने सऊदी अरब की मदद का फैसला किया है. प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने RAF वॉयजर विमान के इस्तेमाल को मंजूरी दी है. विमान सऊदी लड़ाकू विमानों को हवा में ईंधन देगा, ताकि वे हूती मिसाइल और ड्रोन हमलों से तेल ढांचे की रक्षा कर सकें. ब्रिटेन ने साफ किया है कि उसकी भूमिका रक्षात्मक होगी.

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हूति विद्रोहियों से जंग में सऊदी की मदद करेगा UK. (Reuters)

अमेरिका ने हूतियों के खिलाफ सीधी सैन्य कार्रवाई से दूरी बनाई है. इसके बाद अब ब्रिटेन ने सऊदी की मदद के लिए कदम बढ़ाया है. ब्रिटिश प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने सऊदी अरब की मांग मंजूर करते हुए रॉयल एयर फोर्स के एक वोयेजर विमान को सऊदी विमानों के लिए हवा में ईंधन भरने के मिशन पर भेजने की मंजूरी दी है. यह मदद हूती मिसाइल और ड्रोन हमलों से सऊदी के तेल ठिकानों की रक्षा के लिए होगी.

अमेरिका पीछे हटा तो ब्रिटेन ने संभाला मोर्चा

सऊदी अरब पर हाल के दिनों में हूतियों के हमले बढ़े हैं. सऊदी को डर है कि मिसाइल और ड्रोन हमले उसके तेल ढांचे और निर्यात रास्तों को और नुकसान पहुंचा सकते हैं. इसी के बाद सऊदी ने पश्चिमी देशों से सैन्य मदद मांगी. बर्नहैम ने न्यूयॉर्क जाते समय पत्रकारों से कहा कि सऊदी की मांग पर उन्होंने रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री की सलाह के बाद मदद को मंजूरी दी है. उनके मुताबिक मकसद सऊदी और पूरे क्षेत्र के अहम रास्तों को खुला रखना है.

क्या सीधा हमला करेगा ब्रिटेन?

ब्रिटेन फिलहाल सीधे हूती ठिकानों पर हमला करने नहीं जा रहा है. उसका मिशन रक्षात्मक रहेगा. साइप्रस में तैनात RAF Voyager विमान सऊदी विमानों को हवा में ही ईंधन देगा. इसका मतलब यह है कि सऊदी लड़ाकू विमान ज्यादा देर तक आसमान में रहकर मिसाइल और ड्रोन हमलों के खिलाफ कार्रवाई कर सकेंगे. ब्रिटिश मदद आने वाले दिनों में शुरू होने की उम्मीद है और फिलहाल इसे कुछ हफ्तों तक सीमित रखा गया है. जरूरत के हिसाब से इसकी समीक्षा की जाएगी.

ब्रिटेन क्यों उतरा मैदान में

इस पूरे घटनाक्रम का असर सिर्फ सऊदी अरब तक सीमित नहीं है. हूती हमलों ने लाल सागर और बाब अल-मंदेब के रास्ते तेल और समुद्री कारोबार पर दबाव बढ़ाया है. सऊदी के तेल निर्यात से जुड़े अहम ढांचे पर हमलों ने भी चिंता बढ़ाई है. तेल की कीमतों में उछाल का सीधा असर दुनिया के साथ ब्रिटेन जैसे देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों और महंगाई पर पड़ता है. यही वजह है कि बर्नहैम ने सऊदी को सैन्य मदद देने के फैसले को ब्रिटेन के लोगों पर बढ़ रहे कॉस्ट ऑफ लिविंग खर्च से भी जोड़ा है.

ट्रंप से भी बात करेंगे बर्नहैम

बर्नहैम संयुक्त राष्ट्र महासभा में शामिल होने के लिए अमेरिका जा रहे हैं. इस मीटिंग से अलग वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी मुलाकात करेंगे. उन्होंने कहा है कि वह पश्चिम एशिया में संघर्ष को जल्द खत्म करने और तनाव कम करने की जरूरत पर जोर देंगे. होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखना भी ब्रिटेन की प्राथमिकताओं में है. इस रास्ते से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है.



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