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Tea For Cavities: दांतों में कैविटी यानी सड़न की समस्या बच्चों से लेकर बूढ़ों तक बहुत ही कॉमन है. वक्त पर उपाय न किए जाए तो रूट कैनाल करना जरूरी हो जाता है. इसमें काफी दर्द हो सकता है. ऐसे में दांतों को रेगुलर चेक करना और सड़न के शुरुआती लक्षण नजर आने पर तुरंत उपायों को शुरू करना जरूरी होता है. इसी कड़ी में आप अपने डाइट में मुलेठी से तैयार होने वाली हर्बल चाय को शामिल कर सकते हैं. यहां जानें इसे बनाने का तरीका.
कैविटी होने पर दांतों की बाहरी परत यानी इनेमल को नुकसान पहुंचने लगता है. शुरुआती स्टेज में, जब दांत में गड्ढा नहीं बना होता, तो लार की मदद से इनेमल में कुछ खनिज वापस आ सकते हैं. इस प्रक्रिया को रीमिनरलाइजेशन कहते हैं. ऐसे में खानपान और ओरल हाइजीन का ध्यान रखना जरूरी है. स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी, कैलिफ़ोर्निया, यूएसए से न्यूट्रिशन साइंस में प्रशिक्षित न्यूट्रिशनिस्ट भावना गर्ग ने अपने हालिया इंस्टाग्राम पोस्ट में कैविटी फिलर टी के बारे में बताया है.
उन्होंने रिसर्च का हवाला देते हुए कहा कि एरिथ्रिटोल, कोको के छिलके, मुलेठी और क्रैनबेरी जैसे पदार्थ कैविटी पैदा करने वाले बैक्टीरिया की ग्रोथ को रोकने में मदद मिलती है. ऐसे में एक खास हर्बल चाय बनाने का तरीका सामने आया है. हालांकि, ये कैविटी का कोई पर्मानेंट इलाज नहीं है. लेकिन इससे रिकवरी में काफी मदद मिल सकती है.
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