अपनी ही पार्टी बनाएंगे अनंत सिंह! जेडीयू से निष्कासन के बाद दिए नये सियासी संकेत, ‘छोटे सरकार’ के अगले कदम पर नजर

अपनी ही पार्टी बनाएंगे अनंत सिंह! जेडीयू से निष्कासन के बाद दिए नये सियासी संकेत, ‘छोटे सरकार’ के अगले कदम पर नजर


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Anant Singh News: जनता दल यूनाइटेड से 6 साल के लिए निष्कासित होने के बाद मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह अब आर-पार के मूड में हैं. न जीने की खुशी न मरने का गम कहने के बाद अब उन्होंने अपनी ही पार्टी बनाने का ऐलान कर दिया है. अनंत सिंह ने कहा है कि अब वे किसी पार्टी के भरोसे नहीं रहेंगे और मोकामा से अपनी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत करेंगे.

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अनंत सिंह अपनी नई पार्टी बना सकते हैं.

पटना. बिहार की राजनीति में मोकामा के विधायक अनंत सिंह के जेडीयू से निष्कासन के बाद अब उनकी नई राजनीतिक पारी को लेकर चर्चा तेज हो गई है. अनंत सिंह के समर्थकों ने संकेत दिया है कि जरूरत पड़ने पर वह अपनी पार्टी बना सकते हैं. हालांकि, इस संबंध में अनंत सिंह की ओर से अभी कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए साफ-साफ कहा है कि वे किसी और पार्टी में नहीं जाएंगे, अपनी ही पार्टी बनाएंगे.

सूत्रों के मुताबिक अनंत सिंह ने अपने करीबी समर्थकों के साथ बैठक में कहा, बहुत हो गया, अब अपनी ही पार्टी बनाएंगे, क्योंकि जनता ही हमारी पार्टी है. उन्होंने कहा कि मोकामा की जनता भगवान है और उसी के दम पर वे नई पार्टी खड़ी करेंगे. उनकी पत्नी और पूर्व विधायक नीलम देवी भी इस नई पार्टी में अहम भूमिका में रहेंगी. अनंत सिंह ने संकेत में बताया है कि उन्हें बार-बार पार्टी से निकाल दिया जाता है, लेकिन जनता ने कभी नहीं निकाला. इसलिए अब वक्त आ गया है कि अपनी ताकत खुद बनाई जाए.

बगावत के बाद लिया फैसला

बता दें कि पटना स्नातक एमएलसी चुनाव में जेडीयू के अधिकृत उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ जन सुराज के अनुज सिंह का प्रचार करने पर जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने अनंत सिंह और नीलम देवी को 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया था. साथ ही विधानसभा अध्यक्ष से उनकी विधायकी रद्द करने की सिफारिश भी की गई है. इसी कार्रवाई के बाद अनंत सिंह लगातार आक्रामक हैं. पहले उन्होंने कहा था कि लूटकर नीतीश कुमार को 3 लाख वोट दिलाते थे, और अब अपनी पार्टी का ऐलान कर उन्होंने नीतीश सरकार को सीधी चुनौती दे दी है.

मोकामा में क्या होगा असर

बता दें कि मोकामा में अनंत सिंह का जनाधार किसी पार्टी से बड़ा माना जाता है. वे निर्दलीय भी चुनाव जीत चुके हैं. ऐसे में अगर वे अपनी पार्टी बनाते हैं तो इसका असर सिर्फ मोकामा ही नहीं, बल्कि बाढ़, बिहटा, पटना और भोजपुर इलाके की कई सीटों पर पड़ सकता है. भूमिहार वोट बैंक में उनकी पकड़ मजबूत है.राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह सिर्फ एक दबाव की रणनीति भी हो सकती है, ताकि विधानसभा चुनाव से पहले अपनी कीमत बढ़ाई जा सके. लेकिन फिलहाल अनंत सिंह के इस ऐलान से बिहार की सियासत में हलचल तेज हो गई है.

अनंत का अगला कदम क्या?

बता दें कि अनंत सिंह के निष्कासन के बाद उनके पटना स्थित आवास पर समर्थकों ने आतिशबाजी कर जश्न मनाया. इस दौरान समर्थक छोटे सरकार के समर्थन में नारे लगाते नजर आए. अनंत सिंह के समर्थकों का भी मानना है कि ‘छोटे सरकार’ चाहेंगे तो अभी नई पार्टी बना सकते हैं. इस बीच अनंत सिंह ने कहा है कि जल्द ही वह अपने समर्थकों के साथ बैठक कर आगे की राजनीति पर निर्णय लेंगे. ऐसे में अब इंतजार 27 अक्टूबर को आने वाले एमएलसी चुनाव के रिजल्ट आने का है इसके बाद तस्वीर और साफ हो जाएगी.



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