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उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के घुसपैठिया वाले बयान पर सियासी बवाल मच गया है. इसी कड़ी में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ-साथ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने अखिलेश यादव के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है.
अखिलेश यादव के घुसपैठिए वाले बयान पर सियासी बवाल.
लखनऊः समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह उत्तराखंड के लोगों को यूपी में सबसे बड़े घुसपैठिया बता रहा है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव के इस तथाकथित बयान को लेकर सोशल मीडिया पर बवाल मच गया है. अखिलेश यादव के इस बयान को लोग अब राजे ठाकरे वाली पॉलिटिक्स बता रहे हैं. क्योंकि इसी अंदाज में राज ठाकरे पूरे महाराष्ट्र में राजनीति करते रहे हैं और उत्तर भारतीयों के साथ उनकी पार्टी खूब दुर्व्यवहार करती रहती है. लेकिन सवाल यह है कि आखिर अखिलेश यादव को जरूरत क्यों पड़ी ऐसा कहने की. वहीं कांग्रेस नेता अखिलेश यादव का बचाव करने में जुट गए हैं. कांग्रेस के मोस्ट सीनियर नेता हरीश रावत ने कहा कि अखिलेश यादव जब यह बयान दे रहे होंगे, तब उनके मन में सीएम योगी चल रहे होंगे.
सीएम धामी ने किया पलटवार
अखिलेश यादव के बयान को लेकर विपक्षी नेताओं ने आड़े हाथों ले लिया. इसी कड़ी में उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अखिलेश यादव पर पलटवार किया है. सीएम धामी ने अखिलेश यादव के उत्तराखंड के लोगों को यूपी में घुसपैठियों करार देने के कथित बयान पर गहरी नाराजगी जताई है. धामी ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि के साथ वीरभूमि भी है. इस पावन धरती ने देश को संत, सैनिक और राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित अनेक व्यक्तित्व दिए हैं. अखिलेश यादव जी उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया कहना देवभूमि के स्वाभिमान और हमारे संघर्ष का अपमान है.
सीएम धामी ने अखिलेश यादव को दिलाया पिता का कार्यकाल
सीएम धामी ने अखिलेश यादव को उनके पिता मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तराखंड के लोग यह भी नहीं भूले हैं कि जब अखिलेश यादव जी के पिता मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब उत्तराखंड राज्य की मांग कर रहे आंदोलनकारियों पर मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा में गोलियां चली थीं. अखिलेश यादव के पिता के शासनकाल में उत्तराखंड के आंदोलनकारियों पर गोलियां चली थीं और उनके बेटे उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठियां कह रहे हैं. अखिलेश यादव के इस बयान पर कांग्रेस नेता हरीश रावत ने नसीहत देते हुए कहा कि उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के लोगों को घुसपैठिया कहना किसी भी रूप में सही नहीं है.
उत्तराखंड देवभूमि भी है और वीरभूमि भी। इस पावन धरती ने देश को संत, सैनिक और राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित अनेक व्यक्तित्व दिए हैं।
अखिलेश यादव जी, उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया कहना देवभूमि के स्वाभिमान और हमारे संघर्ष का अपमान है।
उत्तराखंड के लोग यह भी नहीं भूले हैं कि जब अखिलेश यादव जी के पिता मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब उत्तराखंड राज्य की मांग कर रहे आंदोलनकारियों पर मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा में गोलियाँ चली थीं। पिता के शासनकाल में उत्तराखंड के आंदोलनकारियों पर गोलियाँ चलीं और आज पुत्र उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया कह रहे हैं! उत्तराखंड के लोग अपने संघर्ष और बलिदान को कभी नहीं भूल सकते।
क्या कांग्रेस अपने राजनीतिक सहयोगी अखिलेश यादव जी के इस बयान का समर्थन करती है? क्या उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया कहना कांग्रेस को स्वीकार है? कांग्रेस को देवभूमि की जनता को जवाब देना चाहिए।