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Bihar News : बिहार की सियासत में जेडीयू विधायक अनंत सिंह पर कार्रवाई के बाद एक वीडियो चर्चा में है. पार्टी ने अनंत सिंह को छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है. इसी बीच केंद्रीय मंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ नेता ललन सिंह की पटना में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और विजय चौधरी से मुलाकात का वीडियो सामने आया है. वीडियो में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार केंद्रीय मंत्री ललन सिंह को अपनी गाड़ी में बिठाकर विजय चौधरी के साथ उनको उनके आवास छोड़ने गए.
नीतीश कुमार केंद्रीय मंत्री ललन सिंह को अपनी गाड़ी में बिठाकर विजय चौधरी के साथ उनको उनके आवास छोड़ने गए.
पटना. जेडीयू के मोकामा विधायक अनंत सिंह पर पार्टी की बड़ी कार्रवाई के बाद बिहार की सियासत में एक वीडियो ने नई चर्चा छेड़ दी है. एक तरफ जेडीयू ने अनंत सिंह को पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ केंद्रीय मंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ नेता ललन सिंह के पटना पहुंचने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और विजय चौधरी के साथ उनकी मुलाकात का वीडियो सामने आया है. वीडियो में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार केंद्रीय मंत्री ललन सिंह को अपनी गाड़ी में बिठाकर विजय चौधरी के साथ उनको उनके आवास छोड़ने गए.
बिहार की सियासत में जेडीयू के भीतर अनंत सिंह और नीरज कुमार के विवाद के बाद अब एक नया घटनाक्रम चर्चा में है. मोकामा विधायक अनंत सिंह को पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित किए जाने के कुछ घंटे पहले केंद्रीय मंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ नेता ललन सिंह पटना पहुंचे. इसके बाद ललन सिंह की पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और विजय चौधरी से मुलाकात हुई. अब इसी घटनाक्रम को अनंत सिंह पर हुई कार्रवाई से जोड़कर देखा जा रहा है.
ललन सिंह के पटना पहुंचते ही क्यों तेज हुई हलचल?
ललन सिंह शनिवार को पटना पहुंचे और उनके पहुंचने के कुछ ही घंटे बाद जेडीयू की ओर से अनंत सिंह के खिलाफ कार्रवाई का पत्र सामने आ गया. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा के हस्ताक्षर से जारी आदेश में अनंत सिंह की प्राथमिक सदस्यता रद्द करने और उन्हें छह साल के लिए निष्कासित करने की जानकारी दी गई. अब राजनीतिक गलियारों में सवाल उठ रहा है कि क्या ललन सिंह के पटना पहुंचने के बाद पार्टी के शीर्ष नेताओं के बीच अनंत सिंह के मामले पर अंतिम चर्चा हुई थी? क्या नीतीश कुमार, विजय चौधरी और ललन सिंह की मुलाकात में इस मुद्दे पर भी बात हुई? फिलहाल इसका कोई आधिकारिक जवाब सामने नहीं आया है.
पहले भी अनंत-नीरज विवाद सुलझाने की जिम्मेदारी मिली थी
अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच विवाद बढ़ने के बाद जेडीयू ने ललन सिंह को दोनों नेताओं से बातचीत कर मामला सुलझाने की जिम्मेदारी दी थी. जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने भी कहा था कि दोनों नेता ललन सिंह के क्षेत्र से आते हैं, इसलिए उन्हें दोनों से बात करने के लिए अधिकृत किया गया है. अनंत सिंह हालांकि अपने रुख से पीछे नहीं हटे. उन्होंने पटना स्नातक सीट से जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार का विरोध किया और जन सुराज के उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह के समर्थन का ऐलान किया. चुनाव के दौरान उन्होंने नीरज कुमार पर लगातार हमला बोला.
अनंत सिंह पर पार्टी विरोधी गतिविधि का आरोप
जेडीयू के कार्रवाई पत्र में अनंत सिंह पर पार्टी के निर्देशों की लगातार अवहेलना करने, शीर्ष नेतृत्व के लिए अमर्यादित एवं अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने और विधान परिषद चुनाव में पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया गया है. पार्टी ने बिहार विधानसभा अध्यक्ष से संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की अनुशंसा भी की है. उनकी पत्नी और पूर्व विधायक नीलम देवी को भी पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित किया गया है.
अब संजय झा के पटना आने की चर्चा
इस पूरे घटनाक्रम के बीच जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के रविवार को पटना आने की सूचना भी चर्चा में है. ऐसे में पार्टी के भीतर अनंत सिंह प्रकरण को लेकर आगे क्या रणनीति बनती है, इस पर भी नजर रहेगी. यानी एक तरफ ललन सिंह का पटना पहुंचना, फिर नीतीश कुमार और विजय चौधरी के साथ उनकी मुलाकात और उसके कुछ घंटे बाद अनंत सिंह के खिलाफ कार्रवाई का पत्र सामने आना महज संयोग बल्कि इसे कार्रवाई से पहले जेडीयू के शीर्ष नेतृत्व के अहम मंथन के रूप में देखा जा रहा है.