नई दिल्ली. जब से क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट यानी टी20 इंटरनेशनल की शुरुआत हुई है, तब से इस खेल का रोमांच लगातार बढ़ता ही गया है. चौके-छक्कों की बारिश, रोमांचक सुपर ओवर और आखिरी गेंद तक सांसें रोक देने वाले मुकाबले इस फॉर्मेट की पहचान बन चुके हैं. समय के साथ टीमों ने इस फॉर्मेट को सबसे ज्यादा अपनाया है और दुनिया भर में अनगिनत मैच खेले हैं. आज हम बात कर रहे हैं उन टॉप 5 इंटरनेशनल क्रिकेट टीमों की, जिन्होंने टी20 इंटरनेशनल इतिहास में सबसे ज्यादा मैच खेलने की उपलब्धि हासिल की है.
टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा मैच खेलने का रिकॉर्ड पाकिस्तान की टीम के नाम दर्ज है. साल 2006 से 2026 के बीच पाकिस्तान ने कुल 304 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं. इस सफर में पाकिस्तानी टीम ने दुनियाभर में अनगिनत मुकाबले खेले हैं और इस फॉर्मेट को सबसे ज्यादा जीने वाली टीम बनी है. इन 304 मैचों में पाकिस्तान ने 176 मुकाबलों में जीत दर्ज की है, जबकि 116 मैचों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा है. उनके 4 मैच टाई रहे और 8 मैच बेनतीजा रहे. पाकिस्तानी बल्लेबाजों ने अपनी सरजमीं और विदेशों में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 232 रनों का उच्चतम स्कोर खड़ा किया. हालांकि, उतार-चढ़ाव भरे इस लंबे सफर में उनका न्यूनतम स्कोर 74 रन भी दर्ज हुआ है.
भारत दूसरे नंबर पर विराजमान
भारतीय क्रिकेट टीम ने टी20 इंटरनेशनल में अपनी एक अलग ही छाप छोड़ी है. साल 2006 से 2026 के बीच ठीक 300 टी20 इंटरनेशनल मैच खेलने वाली भारतीय टीम इस लिस्ट में दूसरे पायदान पर है, लेकिन जीत के मामले में उनका रिकॉर्ड सबसे बेहतरीन है. भारत ने इन 300 मुकाबलों में से रिकॉर्ड 199 मैचों में जीत हासिल की है यानी वे 200 जीत के बेहद करीब हैं. टीम को 83 मैचों में हार का सामना करना पड़ा, जबकि 7 मैच टाई रहे और 10 मैचों का कोई नतीजा नहीं निकला. भारतीय बल्लेबाजों के पराक्रम का सबसे बड़ा सबूत उनका 297 रनों का विशाल उच्चतम स्कोर है, जो इस फॉर्मेट में उनके आक्रामक रुख को दिखाता है वहीं, इस टीम का न्यूनतम स्कोर 74 रन रहा है.
निरंतरता और अनुशासन की मिसाल न्यूजीलैंड
डगआउट से लेकर मैदान तक अपनी रणनीतिक सोच और खेल भावना के लिए जानी जाने वाली न्यूजीलैंड की टीम इस फेहरिस्त में तीसरे नंबर पर है. साल 2005 से 2026 के बीच की इस समयावधि में कीवी टीम ने कुल 269 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं. न्यूजीलैंड ने इस लंबे सफर में शानदार प्रदर्शन करते हुए 135 मैचों में जीत हासिल की और 111 मुकाबलों में उन्हें हार झेलनी पड़ी. उनकी फाइटिंग स्पिरिट का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके 10 मैच टाई रहे, जो इस सूची में किसी भी टीम द्वारा सबसे ज्यादा हैं. इसके अलावा 12 मैच बेनतीजा रहे. बल्लेबाजी में उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 254 रनों का उच्चतम स्कोर बनाया, जबकि उनका न्यूनतम स्कोर 60 रन दर्ज है.
तूफानी अंदाज और मनोरंजन का दूसरा नाम वेस्टइंडीज
कैरेबियाई अंदाज और छक्कों की आतिशबाजी के बिना टी20 क्रिकेट की कल्पना भी नहीं की जा सकती.लिस्ट में चौथे स्थान पर वेस्टइंडीज की टीम है, जिसने 2006 से 2026 के बीच 260 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं. विश्व क्रिकेट को सबसे आक्रामक टी20 खिलाड़ी देने वाली इस टीम का सफर बेहद रोमांचक रहा है. वेस्टइंडीज ने इन 260 मैचों में से 111 मुकाबलों में जीत का स्वाद चखा, वहीं 133 मैचों में उन्हें हार मिली. उनके 3 मैच टाई रहे और 13 मैच बारिश या अन्य कारणों से बेनतीजा रहे. वेस्टइंडीज की आक्रामक शैली का प्रमाण उनका 258 रनों का सर्वोच्च स्कोर है. वहीं, दूसरी ओर, कभी-कभी उनकी पारी ताश के पत्तों की तरह बिखर भी जाती है, जिसका गवाह उनका न्यूनतम स्कोर 45 रन है.
पांचवें नंबर पर श्रीलंका की टीम
इस लस्टि में पांचवें पायदान पर श्रीलंका की टीम है, जिसने साल 2006 से 2026 के बीच कुल 243 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं. एक समय टी20 क्रिकेट की सबसे खूंखार और चतुर टीमों में गिनी जाने वाली श्रीलंका ने इस सफर में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं. इन 243 मुकाबलों में श्रीलंकाई टीम ने 105 मैचों में जीत दर्ज की, जबकि 130 मैचों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा. इस दौरान उनके 6 मुकाबले टाई रहे और 2 मैचों का कोई नतीजा नहीं निकला. श्रीलंका की आक्रामक बल्लेबाजी का सबसे बड़ा उदाहरण उनका सर्वोच्च स्कोर 260 रन है, जो उन्होंने एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ खड़ा किया था. हालांकि, इस फॉर्मेट की अनिश्चितता का शिकार होते हुए उनका न्यूनतम स्कोर महज 45 रन भी रहा है, जो उनके अब तक के सफर के संघर्षों को दर्शाता है.