नई दिल्ली (Common Lies in Job Interview). अच्छी नौकरी की चाहत किसे नहीं होती? रिक्रूटर की नजरों में खुद को सबसे बेहतरीन साबित करने के लिए कई कैंडिडेट्स जाने-अनजाने कुछ झूठ बोल देते हैं. उन्हें लगता है कि शायद कोई पकड़ नहीं पाएगा. कोई अपनी पिछली सैलरी ज्यादा बता देता है तो कोई वीकनेस को भी सबसे बड़ी ताकत बताकर पेश कर देता है. हमें लगता है कि हमारा ‘छोटा सा झूठ’ किसी को पता नहीं चलेगा. लेकिन अनुभवी HR के पास इन्हें भांपने का अलग ही हुनर और नजरिया होता है.
जॉब इंटरव्यू में धड़ल्ले से बोले जाते हैं ये 10 झूठ
आमतौर पर कहा जाता है कि जॉब इंटरव्यू में झूठ नहीं बोलना चाहिए. ये झूठ आज नहीं तो कल, पकड़ में आ ही जाते हैं. लेकिन कई कैंडिडेट्स अपनी बेहतरी साबित करने के लिए सैलरी, वर्क एक्सपीरियंस और स्किल्स या डिग्री से जुड़े झूठ बोल देते हैं. जानिए कहीं आप भी जॉब इंटरव्यू में इन झूठों को बोलने की तैयारी तो नहीं कर रहे?!
1. पिछली सैलरी को बढ़ा-चढ़ाकर बताना
कैंडिडेट्स अक्सर अपनी मार्केट वैल्यू बढ़ाने के लिए पिछली सैलरी बढ़ा-चढ़ाकर बताते हैं. इससे नया पैकेज बेहतर मिलने की उम्मीद होती है.
एचआर कैसे पकड़ते हैं: एचआर बैंक स्टेटमेंट, फॉर्म 16 या पिछली कंपनी के पे-स्लिप मांगते हैं. इसके अलावा, इंडस्ट्री के स्टैंडर्ड्स और पीएफ (PF) ट्रांसफर रिकॉर्ड से सच तुरंत सामने आ जाता है.
2. मुझे इस कंपनी का विजन बहुत पसंद है (फेक कंपनी लव)
ज्यादातर लोग नौकरी की सख्त जरूरत होने पर भी यह जताते हैं कि वे सिर्फ इसी कंपनी के लिए बने हैं. उनके हायर होते ही काम तेजी पकड़ लेगा.
एचआर कैसे पकड़ते हैं: एचआर कंपनी के बारे में कुछ बेसिक सवाल पूछ लेते हैं, जैसे- हमारी हालिया लॉन्च सर्विस या प्रोजेक्ट के बारे में क्या जानते हैं? अगर जवाब गोलमोल हो तो मक्खनबाजी पकड़ी जाती है.
3. मैं प्रेशर में बहुत शानदार काम करता हूं (स्ट्रेस हैंडलिंग का झूठ)
यह दिखाने के लिए कि आप बहुत मेहनती हैं, आप कह देते हैं कि प्रेशर आपको और बेहतर बनाता है.
एचआर कैसे पकड़ते हैं: एचआर पास्ट का कोई ऐसा इंसिडेंट पूछ लेते हैं जब वाकई बहुत ज्यादा डेडलाइन का प्रेशर था. अगर आप हड़बड़ा गए या कोई ठोस उदाहरण नहीं दे पाए तो झूठ बेनकाब हो जाता है.
4. मैं टीम प्लेयर हूं, सबको साथ लेकर चलता हूं
अक्सर लोग खुद को मिलनसार दिखाने के लिए यह लाइन बोलते हैं, जबकि हकीकत में वे अकेले काम करना पसंद करते हैं.
एचआर कैसे पकड़ते हैं: सिचुएशनल सवाल पूछे जाते हैं- अगर टीम के किसी मेंबर से गंभीर मतभेद हो जाए तो आप क्या करेंगे? आपके जवाब से टीम वर्क का असली कच्चा-चिट्ठा बाहर आ जाता है.
5. मेरी कोई खास कमजोरी नहीं है, बस मैं परफेक्शनिस्ट हूं
यह इंटरव्यू का सबसे पुराना और घिसा-पिटा झूठ है, जिससे लोग अपनी कमियां छिपाते हैं.
एचआर कैसे पकड़ते हैं: अनुभवी एचआर तुरंत समझ जाते हैं कि यह रटा-रया जवाब है. वे क्रॉस-क्वेश्चन करते हैं- ठीक है, परफेक्शन के चक्कर में आपका कौन सा प्रोजेक्ट लेट हुआ, एक उदाहरण दीजिए?
6. पिछली कंपनी छोड़ने की वजह सिर्फ ग्रोथ थी (बॉस से अनबन छिपाना)
अगर आपका पिछला अनुभव खराब रहा है या बॉस से झगड़ा हुआ है तो आप इसे कंपनी की पॉलिसी या ग्रोथ की कमी बता देते हैं.
एचआर कैसे पकड़ते हैं: बैकग्राउंड चेक के दौरान जब वे पिछली कंपनी के मैनेजर से बात करते हैं तो असली वजह सामने आ जाती है. इसके अलावा, पुरानी कंपनी के बारे में बहुत ज्यादा नेगेटिव बोलना भी शक पैदा करता है.
7. मुझे नई टेक्नोलॉजी और टूल्स की पूरी जानकारी है
रिज्यूमे में शॉर्टलिस्ट होने के लिए कई बार ऐसी स्किल्स लिख दी जाती हैं जिनकी केवल सतही जानकारी होती है.
एचआर कैसे पकड़ते हैं: इंटरव्यू पैनल में बैठा टेक्निकल एक्सपर्ट तुरंत उस सॉफ्टवेयर या कोडिंग से जुड़ा कोई प्रैक्टिकल या डीप सवाल पूछ लेगा. एक मिनट में आपकी हवा टाइट हो जाएगी.
8. मैं इस रोल के लिए ओवर-क्वॉलिफाइड हूं
कई कैंडिडेट्स सामने वाले को इंप्रेस करने के लिए अपनी काबिलियत को बढ़ा-चढ़ाकर बताते हैं.
एचआर कैसे पकड़ते हैं: जब वे कोई छोटा या जमीनी टास्क देते हैं और आप उसे ढंग से नहीं कर पाते तो आपका घमंड और झूठ, दोनों पानी-पानी हो जाते हैं.
9. मैं लंबे समय तक इसी कंपनी में काम करना चाहता हूं
नौकरी की तलाश में अक्सर लोग कह देते हैं कि वे कम से कम 4-5 साल कहीं नहीं जाने वाले, जबकि अंदर ही अंदर वे बेहतर मौके की तलाश में रहते हैं.
एचआर कैसे पकड़ते हैं: करियर ग्राफ और जॉब हॉपिंग (बार-बार नौकरी बदलने) का इतिहास देखकर एचआर समझ जाते हैं कि आपकी जुबान और रिज्यूमे में कितना मेल है.
10. मेरे पास कई दूसरी बड़ी कंपनियों के ऑफर्स हैं
अपनी डिमांड बढ़ाने या जल्दी सैलरी नेगोसिएशन फाइनल कराने के लिए यह सबसे बड़ा झूठ बोला जाता है.
एचआर कैसे पकड़ते हैं: जब एचआर कहते हैं- कोई बात नहीं, आप उनका ऑफर लेटर शेयर कर दीजिए. हम मैच करने की कोशिश करेंगे.. बस झूठे उम्मीदवारों के पसीने छूट जाते हैं और वे बहाने बनाने लगते हैं.
झूठ के पैर नहीं होते.. और इंटरव्यू रूम में तो बिल्कुल नहीं! एक छोटा सा झूठ आपके करियर पर भारी पड़ सकता है. इसलिए स्मार्ट बनने के बजाय ईमानदारी और कॉन्फिडेंस के साथ अपनी बात रखें. यही क्वॉलिटी हर एचआर को सबसे ज्यादा पसंद आती है.