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पश्चिम बंगाल के कारीगर खोखन नंदी ने कागज जैसी पतली अनोखी साड़ी तैयार की है. इसे एक ही सुई से बनाने में साढ़े चार महीने लगते हैं. इस साड़ी की कीमत 1.5 लाख रुपये है. दिल्ली हाट में लगी प्रदर्शनी में यह लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है.
नई दिल्ली: क्या आपने कभी कागज जितनी पतली साड़ी देखी है. जिसे हाथ लगाने पर ऐसा लगता है जैसे मानो आप कागज छू रहे हो लेकिन जब इसे कोई महिला पहनती है तो यह देखने में बेहद खूबसूरत लगती है. ऐसा लगता है कि जैसे महिला की खूबसूरती में इस कागज जितनी पतली साड़ी ने चार चांद लगा दिए हो. आपको जानकर हैरानी होगी कि इस कागज जितनी पतली साड़ी की कीमत डेढ़ लाख रूपए है और इसे लेकर के आए हैं पश्चिम बंगाल के एक कारीगर जिनका नाम है खोखन नंदी. वह इस साड़ी को मास्टर क्रिएशन जोकि वस्त्र मंत्रालय की ओर से आयोजित हो रहा है आईएनए दिल्ली हाट में वहां पर यह साड़ी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. यह सिर्फ तीन रंगों में बनी हुई साड़ी है. इतनी सिंपल और इतनी आकर्षित है कि कोई भी इसे देख रहा है तो वह देखता ही रह जा रहा है, क्योंकि यह साड़ी खुद में ही बेहद अनोखी है.
साढ़े चार महीने में बनकर होती है तैयार
खोखन नंदी ने बताया कि यह साड़ी सिर्फ एक सुई पर बनाई जाती है. इसे एक ही व्यक्ति बनाता है. एक साड़ी एक व्यक्ति बनाता है इस वजह से इस साड़ी की कीमत बढ़ जाती है. यह साढ़े चार महीने से ज्यादा वक्त में बनकर तैयार होती है. देखने में कागज जितनी पतली होती है, लेकिन असल में यह कागज जितनी पतली या कमजोर बिल्कुल भी नहीं है. यह साड़ी कई सालों तक पहनी जा सकती है. इसे कितना भी आप वॉश करें इसका रंग कभी छूटेगा नहीं. कभी भी यह साड़ी आपको जैसे बाकी साड़ियां फीकी पड़ जाती है वैसी फीकी नहीं लगेगी. इसमें सिर्फ तीन रंगों का इस्तेमाल किया जाता है. इसी वजह से इसकी कीमत डेढ़ लाख रूपए है. खरीदने वाले इसे खूब खरीदते हैं.
अमेरिका, कनाडा और लंदन तक जाती है यह साड़ी
खोखन नंदी ने बताया कि भारत में डेढ़ लाख रुपए की साड़ी वही लोग खरीदते हैं जिनका बजट काफी अच्छा होता है, लेकिन अमेरिका, लंदन और कनाडा में यह साड़ी बहुत ज्यादा बिकती है. यहां से सबसे ज्यादा अगर उनकी कोई साड़ी अमेरिका, लंदन और कनाडा तक जाती है तो वह डेढ़ लाख रुपए की साड़ी ही है. वहां की जो महिलाएं हैं उनको यह साड़ी काफी पसंद आती है. यह देखने में काफी साधारण सी लगती है, लेकिन पहनने पर बेहद खूबसूरत लुक इसका आता है. इसीलिए इसकी डिमांड बहुत ज्यादा है. उन्होंने बताया कि वह नेशनल अवॉर्डी हैं. साल 2007 में उन्हें नेशनल अवार्ड मिला था. फिलहाल 12 साल की उम्र से वह साड़ियों को बनाने का काम कर रहे हैं.