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Jamui Wrestling Gold Medalist: उम्र महज 17 साल है. पढ़ाई आठवीं कक्षा में करते हैं. लेकिन कुश्ती के मैदान में उनका प्रदर्शन बड़े-बड़ों को चौंका रहा है. जमुई जिले के घनबेरिया गांव के रहने वाले प्रशांत कुमार ने कुश्ती प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया है. उन्होंने जिला और प्रमंडल स्तर पर लगातार दो स्वर्ण पदक जीते हैं. अब उनका चयन राज्यस्तरीय प्रतियोगिता के लिए हुआ है. प्रशांत की इस सफलता से परिवार और गांव के लोग काफी खुश हैं.
प्रशांत खैरा प्रखंड के घनबेरिया गांव के रहने वाले बलवंत सिंह के बेटे है. उन्होंने अंडर-17 कुश्ती प्रतियोगिता में पहले जिला स्तर पर गोल्ड मेडल जीता. इसके बाद मुंगेर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित प्रमंडल स्तरीय प्रतियोगिता में भी अपनी प्रतिभा दिखाई. यहां भी उन्होंने स्वर्ण पदक अपने नाम किया. लगातार दो प्रतियोगिताओं में जीत हासिल कर प्रशांत ने अपनी मेहनत और लगन का परिचय दिया है.
प्रशांत को बचपन से ही कुश्ती में रुचि है. उन्होंने पांचवीं कक्षा में पढ़ाई के दौरान ही कुश्ती का अभ्यास शुरू कर दिया था. पिछले करीब चार साल से वह लगातार इस खेल में मेहनत कर रहे हैं. अब वह कुश्ती में ही अपना भविष्य बनाना चाहते हैं. प्रशांत के लिए पढ़ाई के साथ खेल का अभ्यास करना आसान नहीं है. इसके बावजूद वह दोनों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करते हैं. वह अपनी पढ़ाई पूरी करने के साथ कुश्ती में भी बेहतर प्रदर्शन करना चाहते हैं. इसके लिए वह हर दिन अभ्यास करते हैं.
प्रशांत अपने साथी रोहित कुमार के साथ भी अभ्यास करते हैं. दोनों मिलकर कुश्ती में आगे बढ़ने के लिए मेहनत करते हैं. स्कूल में कई बच्चे दूसरे खेलों में रुचि लेते हैं, लेकिन प्रशांत का पूरा ध्यान कुश्ती पर है. वह इस खेल में अपनी अलग पहचान बनाना चाहते हैं.
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प्रशांत बताते हैं कि उनके परिवार में पहले कोई भी खेल से जुड़ा नहीं था. इसके बावजूद उनके परिवार के लोगों ने उनके फैसले का समर्थन किया. परिवार उन्हें कुश्ती में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करता है. यही वजह है कि वह बिना रुके अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं. प्रशांत की सफलता में परिवार का सहयोग अहम है. गांव में रहकर कुश्ती की तैयारी करने वाले इस युवा खिलाड़ी के लिए परिवार का साथ बड़ी ताकत है.
लगातार मिल रही जीत से उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है. प्रशांत पढ़ाई को भी जरूरी मानते हैं. वह अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं. साथ ही, खेल के क्षेत्र में भी बड़ी उपलब्धि हासिल करने का सपना देखते हैं. इसके लिए वह पहले से ज्यादा मेहनत करने की तैयारी कर रहे हैं.
जिला और प्रमंडल स्तर पर स्वर्ण पदक जीतने के बाद अब प्रशांत की नजर राज्यस्तरीय प्रतियोगिता पर है. उनका चयन इस प्रतियोगिता के लिए हो चुका है. अब वह वहां भी गोल्ड मेडल जीतना चाहते हैं. प्रशांत को उम्मीद है कि राज्यस्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने के बाद उन्हें राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में खेलने का मौका मिल सकता है. इसलिए वह अपने अभ्यास में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहते.