650 साल पुराना जाकोब तालाब, भीनमाल की ऐतिहासिक विरासत और आस्था का प्रतीक
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Jalore Famous 650 Year Old Dharohar : जालौर के भीनमाल में स्थित करीब 650 साल पुराना जाकोब तालाब शहर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर है. इस प्राचीन तालाब के किनारे निम गोरिया भैरव मंदिर भी स्थित है, जिससे लोगों की गहरी आस्था जुड़ी है. स्थानीय निवासी मुकेश कुमार ने Local18 को जानकारी दी कि जाकोब तालाब भीनमाल की पुरानी पहचान है. उन्होंने बताया कि कहा जाता है कि पहले इसे यक्ष कूप या जयकूप सरोवर के नाम से जाना जाता था.
जालोर. जालोर जिले के ऐतिहासिक शहर भीनमाल में आज भी कई ऐसी पुरानी धरोहरें मौजूद हैं, जो शहर के इतिहास और पुरानी परंपराओं की कहानी बताती हैं. इन्हीं में शामिल है जाकोब तालाब, जिसे करीब 650 साल पुरानी ऐतिहासिक विरासत माना जाता है. यह तालाब भीनमाल की प्राचीन जल व्यवस्था के साथ-साथ यहां की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से भी जुड़ा हुआ है.
स्थानीय मान्यताओं और ऐतिहासिक जानकारी के अनुसार, जाकोब तालाब का निर्माण करीब 1369 ईस्वी के आसपास हुआ था. पुराने समय में भीनमाल को श्रीमाल नगर के नाम से जाना जाता था. ‘श्रीमाल पुराण’ में भीनमाल की उत्तर दिशा में स्थित इस जल स्रोत का उल्लेख ‘यक्ष कूप सरोवर’ या ‘जयकूप सरोवर’ के नाम से मिलता है. समय के साथ इसके नाम में बदलाव होता गया और यह जाकोब तालाब के नाम से प्रसिद्ध हो गया.
तालाब के किनारे स्थित है प्राचीन भैरव मंदिर
इस तालाब की खासियत सिर्फ इसका इतिहास नहीं है. इसकी पाल पर प्राचीन निम गोरिया भैरव मंदिर भी स्थित है. यहां भैरव बाबा को क्षेत्रपाल या खेतलाजी के रूप में पूजा जाता है. इसी वजह से जाकोब तालाब से स्थानीय लोगों की धार्मिक आस्था भी गहराई से जुड़ी हुई है. लोग यहां मंदिर में दर्शन करने के साथ तालाब के आसपास भी समय बिताते हैं. स्थानीय निवासी मुकेश कुमार ने Local18 को जानकारी दी कि जाकोब तालाब भीनमाल की पुरानी पहचान है. उन्होंने बताया कि कहा जाता है कि पहले इसे यक्ष कूप या जयकूप सरोवर के नाम से जाना जाता था. करीब 650 साल पुराने इस तालाब के किनारे निम गोरिया भैरव मंदिर भी है. इसलिए यहां इतिहास के साथ लोगों की आस्था भी जुड़ी हुई है.
पर्यटन की दृष्टि से भी खास है तालाब
आज जाकोब तालाब स्थानीय लोगों के साथ बाहर से आने वाले लोगों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन सकता है. तालाब का ऐतिहासिक महत्व, आसपास के धार्मिक स्थल और शांत वातावरण इसे पर्यटन की दृष्टि से खास बनाते हैं. खासकर बारिश के मौसम में जब तालाब के आसपास हरियाली नजर आती है, तो यहां का वातावरण और भी सुंदर दिखाई देता है.